अब राजस्थान में नहीं होगी पद्मावती की शूटिंग, भंसाली वापस मुंबई लौटे
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जयपुर के जयगढ़ किले में फिल्म 'पद्मावती' की शूटिंग के दौरान करणी सेना की ओर से की गई निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की पिटाई के बाद शनिवार को मामले ने और तूल पकड़ लिया। सूत्रों ने बताया कि भंसाली ने इस फिल्म की शूटिगं राजस्थान में नहीं करने का फैसला किया है।
उधर, पूरा बॉलिवुड भंसाली के साथ खड़ा हो गया है और सोशल मीडिया के जरिए उनका समर्थन किया। इधर, राजस्थान में राजपूत समाज ने हूंकार भरी और कहा है कि 16 हजार रानियों के साथ जौहर (आत्मसम्मान के लिए आत्मदाह) करने वाली रानी को अलाउद्दीन खिलजी के साथ दिखाया जा रहा है, एेसे में राजपूतों का जिंदा रहना ही बेकार है। राजस्थान की धरती पर समाज के अपमानवाली शुटिंग और फिल्म दोनों को नहीं चलने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि एेतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोप में शुक्रवार को राजपूत समाज से संबंधित करणी सेना ने भंसाली और क्रू के सदस्यों से मारपीट की और सामान के साथ तोड़फोड़ की थी। इसके बाद शूटिंग रोक दी गई। हालांकि भंसाली और क्रू के सदस्यों की ओर से थाने में अब तक मामला दर्ज नहीं कराया गया है। घटना के बाद शनिवार को गुजरात की महाकाल सेना ने भी करणी सेना को समर्थन दिया।
हमारे ऊपर फायरिंग हुई, हम तो बात करने गए थे
शिवसेना भी फिल्म पद्मावती विवाद में कूद पड़ी है. फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली पर हमले के बाद शिवसेना ने कहा कि हिंदू राजा-रानियों का चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जयपुर में फिल्म के सेट पर पहुंच कर जमकर हंगामा किया था। उन्होंने शूटिंग उपकरणों को नुकसान पहुंचाया और संजय लीला भंसाली से भी जमकर मारपीट की थी।
हमारे ऊपर फायरिंग हुई, हम तो बात करने गए थे
करणी सेना के नेता लोकेन्द्र सिंह कालवी ने पत्रकारों से कहा कि करणी सेना के कार्यकर्ता जयगढ़ किले में भंसाली से बातचीत करने गए थे। लेकिन उन्होंने फायरिंग की, जिससे कार्यकर्त्ता उग्र हो गए। इस कारण ही वहां तोड़फोड़ हुई। राजपूत समाज ने इतिहास से छेड़छाड़ कर रानी पद्मावती की छवि खराब करने को लेकर कई बार भंसाली को पत्र लिखे हैं, लेकिन उनकी ओर से ध्यान ही नहीं दिया गया। इतिहास की किसी भी किताब में पद्मावती को खिलजी की प्रेमिका नहीं बताया गया है। करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि आपत्तिजनक हिस्से कहानी से नहीं हटाए गए, तो बुरे नतीजे भुगतने होंगे।
Mere liye doob marne wali baat hai agar iss tarah ki chizein bardasht karein: Lokendra Singh Kalvi (Founder, Rajput Karni Sena) #Padmavati pic.twitter.com/TcOQbiOP1O
— ANI (@ANI_news) January 28, 2017