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मां के निधन ने अरशद वारसी को तोड़ा, एक्टर नहीं बनना चाहते थे सर्किट; इस तरह बने कॉमेडी किंग
Sun, 19 Apr 2026 07:10 AM IST
Sarijuddin
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sarijuddin
Updated Sun, 19 Apr 2026 07:10 AM IST
सार
Arshad Warsi Birthday Special: अरशद वारसी ऐसे एक्टर हैं जो जमीन से उठकर आए हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से वो स्थान हासिल किया है, जिसे हासिल करना आसान नहीं था। उनकी जिंदगी से जुड़े कई किस्से हैं, आइए कुछ पर नजर डालते हैं।
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अरशद वारसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
'मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.' का सर्किट का किरदार हो या 'गोलमाल' सीरीज के माधव, कॉमेडी के मामले में अरशद वारसी को टक्कर दे पाना बहुत मुश्किल है। इन दोनों ही किरदारों ने अरशद की जिंदगी बदल दी। हालांकि एक वक्त ऐसा था जब वह संघर्ष कर रहे थे। वह अनाथ हो गए लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। लगातार मेहनत करने का नतीजा ये हुआ कि वह आज कॉमेडी के किंग कहे जाते हैं। अरशद वारसी के 58वें जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से।
एक्टिंग नहीं करना चाहते थे अरशद वारसी
19 अप्रैल को मुंबई में जन्मे अरशद वारसी के लिए हिंदी सिनेमा में पैर जमाना आसान नहीं था। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे एक्टिंग की दुनिया में कदम रखेंगे, लेकिन कहते हैं कि भाग्य में जहां जाना लिखा होता है, वहां के दरवाजे आपके लिए खुलते ही चले जाते हैं। अभिनेता के साथ भी वैसा ही हुआ। माता-पिता की बीमारी और उनके असमय छोड़कर जाने की वजह से अरशद ने छोटी उम्र में काम करना शुरू कर दिया था।
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एक्टिंग नहीं करना चाहते थे अरशद वारसी
19 अप्रैल को मुंबई में जन्मे अरशद वारसी के लिए हिंदी सिनेमा में पैर जमाना आसान नहीं था। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे एक्टिंग की दुनिया में कदम रखेंगे, लेकिन कहते हैं कि भाग्य में जहां जाना लिखा होता है, वहां के दरवाजे आपके लिए खुलते ही चले जाते हैं। अभिनेता के साथ भी वैसा ही हुआ। माता-पिता की बीमारी और उनके असमय छोड़कर जाने की वजह से अरशद ने छोटी उम्र में काम करना शुरू कर दिया था।
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अरशद वारसी
- फोटो : इंस्टाग्राम
मां की बीमारी में जाता था अरशद का पैसा
अरशद ने खुद खुलासा करते हुए बताया कि उनके पिता एक अच्छे बिजनेसमैन नहीं थे और उन्होंने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया था। अभिनेता के पिता ने सारा पैसा बिजनेस में डुबा दिया और बोन कैंसर से जूझने लगे, जबकि मां किडनी की बीमारी से ग्रसित थीं। हर हफ्ते मां का डायलिसिस होता था और घर में सेविंग के नाम पर कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, 'उस वक्त मैं कोरियोग्राफर था। गाने कोरियोग्राफ करता था। मेरी सारी कमाई मां के एक हफ्ते के डायलिसिस पर खर्च हो जाती थी। हर हफ्ते यही प्रक्रिया दोबारा होनी थी। उस वक्त लगा कि क्या जिदंगी है, एक छोटे से घर में जिंदगी बिताना।'
खुद के लिए लिखते थे चिट्ठी
माता-पिता के निधन ने अभिनेता को तोड़ दिया था, क्योंकि कोई आस-पास नहीं था, जो मदद कर सके। उसी पल ने अरशद वारसी को एक रात में बड़ा कर दिया था। अरशद वारसी ने बचपन में माता-पिता के साथ गहरा लगाव महसूस नहीं किया था क्योंकि वे बोर्डिंग स्कूल में पढ़े थे। अभिनेता इतना अकेला महसूस करते थे, कि खुद को चिट्ठियां लिखते थे और अपने दोस्तों से डाक के जरिए पोस्ट कराते थे।
अरशद ने खुद खुलासा करते हुए बताया कि उनके पिता एक अच्छे बिजनेसमैन नहीं थे और उन्होंने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया था। अभिनेता के पिता ने सारा पैसा बिजनेस में डुबा दिया और बोन कैंसर से जूझने लगे, जबकि मां किडनी की बीमारी से ग्रसित थीं। हर हफ्ते मां का डायलिसिस होता था और घर में सेविंग के नाम पर कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, 'उस वक्त मैं कोरियोग्राफर था। गाने कोरियोग्राफ करता था। मेरी सारी कमाई मां के एक हफ्ते के डायलिसिस पर खर्च हो जाती थी। हर हफ्ते यही प्रक्रिया दोबारा होनी थी। उस वक्त लगा कि क्या जिदंगी है, एक छोटे से घर में जिंदगी बिताना।'
खुद के लिए लिखते थे चिट्ठी
माता-पिता के निधन ने अभिनेता को तोड़ दिया था, क्योंकि कोई आस-पास नहीं था, जो मदद कर सके। उसी पल ने अरशद वारसी को एक रात में बड़ा कर दिया था। अरशद वारसी ने बचपन में माता-पिता के साथ गहरा लगाव महसूस नहीं किया था क्योंकि वे बोर्डिंग स्कूल में पढ़े थे। अभिनेता इतना अकेला महसूस करते थे, कि खुद को चिट्ठियां लिखते थे और अपने दोस्तों से डाक के जरिए पोस्ट कराते थे।
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अरशद वारसी
- फोटो : अमर उजाला
मां बाप भूल जाते थे छुट्टियां
एक पुराने इंटरव्यू में अभिनेता ने बताया कि मुझे वो लोग समझ नहीं आते, जो कहते हैं कि वे अपने माता-पिता के बिना नहीं रह सकते। कभी-कभी उनके माता-पिता उनकी छुट्टियां भूल जाते थे, जिसकी वजह से उन्हें स्कूल में ही छोड़ दिया जाता था, जबकि बाकी बच्चे घर चले जाते थे। वह साल में सिर्फ दो बार घर जाते थे।
जया बच्चन की वजह से हुई फिल्मों में एंट्री
इतना सब झेलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और जया बच्चन की वजह से फिल्मों में एंट्री ली। अभिनेता की पहली फिल्म थी 'तेरे मेरे सपने'। यह फिल्म अमिताभ बच्चन की कंपनी एबीसीएल बैनर के तले बनी थी, जिसके बाद अभिनेता 'बेताबी,' 'मेरे दो अनमोल रत्न,' और 'हीरो हिंदुस्तानी' जैसी फिल्मों में दिखे, लेकिन सर्किट के किरदार ने सिनेमा में उन्हें पहचान दिलाई।
एक पुराने इंटरव्यू में अभिनेता ने बताया कि मुझे वो लोग समझ नहीं आते, जो कहते हैं कि वे अपने माता-पिता के बिना नहीं रह सकते। कभी-कभी उनके माता-पिता उनकी छुट्टियां भूल जाते थे, जिसकी वजह से उन्हें स्कूल में ही छोड़ दिया जाता था, जबकि बाकी बच्चे घर चले जाते थे। वह साल में सिर्फ दो बार घर जाते थे।
जया बच्चन की वजह से हुई फिल्मों में एंट्री
इतना सब झेलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और जया बच्चन की वजह से फिल्मों में एंट्री ली। अभिनेता की पहली फिल्म थी 'तेरे मेरे सपने'। यह फिल्म अमिताभ बच्चन की कंपनी एबीसीएल बैनर के तले बनी थी, जिसके बाद अभिनेता 'बेताबी,' 'मेरे दो अनमोल रत्न,' और 'हीरो हिंदुस्तानी' जैसी फिल्मों में दिखे, लेकिन सर्किट के किरदार ने सिनेमा में उन्हें पहचान दिलाई।
अरशद वारसी
- फोटो : इंस्टाग्राम-@arshad_warsi
इन फिल्मों में भी किया जबरदस्त काम
अरशद वारसी को सबसे ज्यादा शोहरत 'मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.', 'गोलमाल' सीरीज, 'जॉली एलएलबी', 'इश्किया', 'डेढ़ इश्किया' 'धमाल' और 'असुर: वेलकम टू योर डार्क साइड' जैसी फिल्मों से मिली।
टीवी में भी अरशद ने कमाया नाम
अरशद वारसी ने फिल्मों के साथ टीवी पर भी काम किया है। उन्होंने टीवी में 'राजमाताज' शो को होस्ट किया है। इसके अलावा करिश्मा कपूर के अपोजिट टीवी शो 'करिश्मा द मिरेकल ऑफ डेस्टिनी' में काम किया है। यहां तक कि टीवी के सबसे पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस (2006) के सीजन 1 को भी अरशद वारसी ने होस्ट किया है।
अरशद वारसी को सबसे ज्यादा शोहरत 'मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.', 'गोलमाल' सीरीज, 'जॉली एलएलबी', 'इश्किया', 'डेढ़ इश्किया' 'धमाल' और 'असुर: वेलकम टू योर डार्क साइड' जैसी फिल्मों से मिली।
टीवी में भी अरशद ने कमाया नाम
अरशद वारसी ने फिल्मों के साथ टीवी पर भी काम किया है। उन्होंने टीवी में 'राजमाताज' शो को होस्ट किया है। इसके अलावा करिश्मा कपूर के अपोजिट टीवी शो 'करिश्मा द मिरेकल ऑफ डेस्टिनी' में काम किया है। यहां तक कि टीवी के सबसे पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस (2006) के सीजन 1 को भी अरशद वारसी ने होस्ट किया है।
अरशद वारसी
- फोटो : इंस्टाग्राम@arshad_warsi
शादी के खिलाफ थे सास ससुर
अरशद वारसी ने साल 1999 में एंकर मारिया गोरेटी से शादी की। कपल के दो बच्चे हैं। बेटा जीक वारसी और बेटी जेने जो वारसी। बताया जाता है कि उनकी प्रेम कहानी जेवियर कॉलेज में एक डांस प्रतियोगिता के दौरान शुरू हुई थी। अरशद वारसी के मुताबिक उनके सास-ससुर अरशद वारसी से अपनी बेटी की शादी करने के लिए तैयार नहीं थे। बाद में उनकी सोच बदली।
अरशद वारसी ने साल 1999 में एंकर मारिया गोरेटी से शादी की। कपल के दो बच्चे हैं। बेटा जीक वारसी और बेटी जेने जो वारसी। बताया जाता है कि उनकी प्रेम कहानी जेवियर कॉलेज में एक डांस प्रतियोगिता के दौरान शुरू हुई थी। अरशद वारसी के मुताबिक उनके सास-ससुर अरशद वारसी से अपनी बेटी की शादी करने के लिए तैयार नहीं थे। बाद में उनकी सोच बदली।