इन 9 हिंदी फिल्मों को बनाने में पैसा बहा पानी की तरह
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बॉलीवुड में सबसे ज्यादा पैसा लगाकर फिल्म बनाने के रिकॉर्ड में 2013 सबसे आगे निकल गया। 2013 के दिसंबर में रिलीज हुई फिल्म धूम 3 को लगभग 155 करोड़ रुपए में बनाया गया है।
इसके पहले भी करोडों रुपए गलाकर फिल्में बनाई गई हैं। लेकिन इन महंगी फिल्मों के साथ एक दुर्भाग्य रहा है कि इनमें से कुछ फिल्में हिट नहीं हो पाईं।
लगाए भी और कमाए भी
धूम 3 भारत की अब तक की सबसे महंगी फिल्म बन गई है। इस फिल्म की लागत और प्रमोशन को अगर जोड़ लें तो यह आंकड़ा लगभग 175 करोड़ पहुंचता है।
अच्छी बात यह रही कि इस फिल्म ने अपनी लागत जितनी कमाई कर ली। यह फिल्म भारत और विदेशों में मिलाकर लगभग 500 करोड़ कमा चुकी है। यह खुद में एक रिकॉर्ड है।
रजनी ने भी खूब बहाए पैसे
रजनीकांत की फिल्म रोबोट सबसे ज्यादा लागत वाली फिल्मों की श्रेणी में दूसरे नंबर पर है। इस फिल्म में सारा का सारा पैसा एनीमेशन और स्टंट में खर्च हुआ है।
इस फिल्म में रजनीकांत दोहरी भूमिका में दिखते हैँ। एक रोबोट की और एक इंसान की। यह हिट फिल्म हिंदी के साथ तमिल और तेलुगू में भी बनाई गई।
शाहरुख ने पता नहीं कितना कमाया
शाहरुख खान ने अपने बैनर की ही फिल्म रॉवन को 135 करोड़ के बजट में बनाया। इस फिल्म को बनाने के लिए उन्हें बाजार से पैसे लोन न लेने पड़े इसके लिए शाहरुख देश-विदेश में शादी में खूब नाचे।
यह सांइस फिक्शन फिल्म दर्शकों को तो बहुत पसंद नहीं आई लेकिन इस फिल्म ने अपनी लागत जरूर वसूल कर ली थी। हालांकि यह लागत विदेशों और छोटे पर्दे से हुए मुनाफे को मिलाकर मिल पाई।
पानी में चले गए ब्लू के 120 करोड़
अनुभव सिन्हा के बैनर की फिल्म ब्लू को सबसे बड़ी फ्लॉप इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि इस फिल्म की लागत बहुत थी। 120 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म की ज्यादातर शूटिंग पानी के अंदर हुई।
अक्षय कुमार, संजय दत्त और जायद खान की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म का एक गाना चीकी-वीकी तो जरूर चला पर दर्शकों ने फिल्म को खारिज कर दिया।
द्रोण भी रही फ्लॉप
2008 में रिलीज हुई सुपरहीरो फिल्म द्रोण बुरी तरह फ्लॉप हुई। गोल्डी बहल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अभिषेक बच्चन ने सुपरहीरो की भूमिका थी। इस फिल्म में केके मेनन ने निगेटिव किरदार में थे।
79 करोड़ की लागत से बनी यह फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हुई। इस फिल्म का ज्यादा खर्चा कैरेक्टर के किरदार को स्थापित करने में खर्च हुआ।
यह फैमिली ड्रामा भी रहा फ्लॉप
करन जौहर के निर्देशन में बनी फिल्म कभी अलविदा न कहना को बनाने में करीब 74 करोड़ खर्च हो गए। इतना बड़ा बजट होने की वजह फिल्म की स्टारकास्ट और शूटिंग लोकेशन थी।
शूटिंग के लिए सबसे महंगे शहर अमेरिका में यह फिल्म शूट हुई। शाहरुख, अमिताभ, रानी मुखर्जी, प्रीती जिंटा और अभिषेक बच्चन जैसे सितारों ने इस फिल्म का बजट बढ़ा दिया। फिल्म औसत साबित हुई।
डॉन ने वसूल दी रकम
फरहान अख्तर ने जब डॉन की रीमेक डॉन 2 को बनाया तो इसका बजट 70 करोड़ पहुंच गया। फिल्म की ज्यादातर शूटिंग विदेशों में हुई। ऊंची इमारतो से शूट किए गए दृश्य खासे महंगे पड़े।
हालांकि यह फिल्म 100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई और निर्माता-निर्देशक को इस बात का अफसोस नहीं हुआ कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च कर दिया।
और आमिर बने गजनी
आमिर खान की फिल्म गजनी भी सबसे महंगी 10 फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म को बनाने में करीब 65 करोड़ खर्च हुआ। इसमें ज्यादा हिस्सा आमिर की फीस का रहा।
फिल्म में आमिर को गजनी का लुक देने के लिए भी काफी पैसा खर्च किया गया। हालांकि फिल्म हिट रही और लगाए गए ये पैसे सार्थक हो गए।
उड़ी ही नहीं काइट
पैसा लगाकर, पैसा न कमाने वाली फिल्मों में काइट भी शामिल है। अनुराग बासु निर्देशित इस फिल्म में ऋतिक रोशन के साथ विदेशी मॉडल बारबरा मोरी मुख्य भूमिका में थीं।
यह फिल्म बुरी तरह से असफल हुई। इस फिल्म की असफलता का ठीकरा अनुराग बासू पर फोड़ा गया। इस फिल्म की असफलता राकेश रोशन और अनुराग बासू के बीच संबंध बेहद तल्ख हो गए थे।