ये रहीं 'हिट' फिल्म एक विलेन की 5 बड़ी कमियां
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एक विलेन की सबसे बड़ी कमी कहानी का घालमेल है। फिल्म के निर्देशक मोहित सूरी यह बात समझ नहीं पाए कि वह प्रेम कहानी बनाएं या फिर बदले की कहानी। जब दर्शक रोमांस मजा लेना चाहते हैं तभी उसमें एक्शन का बिना मतलब वाला एंगल डाल दिया जाता है।
खराब फ्लैशबैक
फ्लैशबैक फिल्मों में एक बहुत ही खूबसूरत विधा होती है। कहानी कभी वर्तमान तो कभी फ्लैशबैक में आया जाया करती है। 3 इडियट्स और गजनी जैसी फिल्में बेहतरीन फ्लैशबैक वाली फिल्में मानी जाती हैं लेकिन एक विलेन की सबसे बड़ी कमी उसके फ्लैशबैक हैं। कहानी फ्लैशबैक में वर्तमान से कब गई है दर्शक यह भूल ही जाता है।
गलत कास्टिंग
सिद्घार्थ मेल्होत्रा पूरी तरह से रोमांटिक हीरो हैं। वह ऐसे हीरो के रोल भी कर सकते हैं कि जिसे प्यार बाद में हो जाए शुरुआत में न हो। लेकिन वह इसी भूमिकाओं में बिल्कुल फिट नहीं बैठते जहां उनके हिस्से रोमांस सिर्फ गानों में हो वह सिर्फ एक्शन करते रहें।
क्लाइमेक्स खोल देना
यदि किसी फिल्म की लीड एक्ट्रेस की मौत फिल्म के शुरूआती चंद मिनट में ही दिखा दी जाती है तो ऐसी उम्मीद की जाती है कि उसे मारने वाले का रहस्य फिल्म के अंतिम सीन में ही खुलेगा। यह फिल्म इसके उलट है। इंटरवल के पहले-पहले ही यह साफ हो जाता है कि फिल्म में हीरोइन को मारने वाला कौन है और उसने उसे क्यों मारा है।
घटिया किस्म का क्लाइमेक्स
फिल्म का घटिया और अतार्किक क्लाइमेक्स भी उसे कमजोर करता है। जब हम विलेन को इतना ताकतवर बनाकर पेश करना चाहते हैं तो ऐसा होता हुए दिखे भी। पटकथा में तो फिल्म का विलेन पॉवरफुल लगता है लेकिन उसे दिखाया बहुत ही कमजोर तरीके से गया है।