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रामायण को हुए 25 साल, क्या थी खासियत
Updated Fri, 01 Nov 2013 02:48 PM IST
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टीवी पर धूम मचाने वाले धारावाहिक रामायण को प्रसारित हुए 25 साल हो गए। यह धारावाहिक आज भी याद किया जाता है।
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हिंदू पौराणिक कथा 'रामायण' पर मशहूर निर्माता निर्देशक रामानंद सागर 1987 में दूरदर्शन पर धाराविक 'रामायण' लेकर आए।
टीवी पर इससे पहले रामानंद सागर 'विक्रम और बेताल' नाम का एक धाराविहक बना चुके थे। इसमें विक्रमादित्य की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल को उन्होंने 'रामायण' में राम के केंद्रीय पात्र के रूप में चुना।
जहां अरुण गोविल ने राम का किरदार निभाया वहीं दीपिका चिखलिया बनीं सीता। नटराज स्टूडियो में एक फ़िल्म के ऑडिशन के दौरान रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने दीपिका को देखते ही रामायण की सीता के लिए चुन लिया था।
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निर्देशक रामानंद सागर, रामायण बनाने का प्रस्ताव लेकर जिस भी निर्माता के पास गए उसने उन्हें वापसी का रास्ता दिखा दिया। टीवी के लिए 'रामायण' बनाने का सौदा किसी को फ़ायदा का नहीं लगा।
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'रामायण' टीवी पर आने वाला ऐसा इकलौता धारावाहिक बना जिसे 45 मिनट का टीवी स्लॉट मिला. जबकि उन दिनों दूरदर्शन पर सिर्फ आधे घंटे और एक घंटे के स्लॉट ही कार्यक्रमों को मिला करते थे।