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पीयूष मिश्रा ने इस बात को लेकर साउथ से की बॉलीवुड की तुलना, करण जौहर और फराह खान भी रख चुके हैं अपनी राय
Tue, 18 Nov 2025 08:54 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Tue, 18 Nov 2025 08:54 AM IST
सार
Piyush Mishra: अभिनेता पीयूष मिश्रा ने बताया है कि उन्हें साउथ में काम करना कैसा लगा। उन्होंने एक बात को लेकर साउथ से बॉलीवुड की तुलना की है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा है?
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पीयूष मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाल ही में करण जौहर, फराह खान और कई दूसरे फिल्म निर्माताओं ने अभिनेताओं की इस बात को लेकर शिकायत की कि वह बड़े दल के साथ चलते हैं, इससे फिल्म का बजट प्रभावित होता है। अब बॉलीवुड अभिनेता पीयूष मिश्रा ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा है कि दक्षिण भारत में लोगों को ऐसी कोई परेशानी नहीं होती, जबकि बॉलीवुड में अभिनेताओं के पास अक्सर 12 बॉडीगार्ड और 8-9 सहायक होते हैं।
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साउथ में काम करना अच्छा लगा
कर्ली टेल्स के साथ बातचीत में, पीयूष ने बताया कि उन्हें साउथ में काम करना इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि वहां के लोग मिलनसार होते हैं । 'इंडियन 2' में एस शंकर के साथ काम करने के अपने अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'वह इतने बड़े निर्देशक हैं, लेकिन वह मुझे अपना परिचय देने आए थे।'
कर्ली टेल्स के साथ बातचीत में, पीयूष ने बताया कि उन्हें साउथ में काम करना इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि वहां के लोग मिलनसार होते हैं । 'इंडियन 2' में एस शंकर के साथ काम करने के अपने अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'वह इतने बड़े निर्देशक हैं, लेकिन वह मुझे अपना परिचय देने आए थे।'
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बड़े दल के साथ घूमते हैं अभिनेता
बॉलीवुड के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा 'अजीब सा स्टारडम है। अभिनेताओं के पास बड़ा दल होता है। 8-9 लोग उनके साथ आते हैं। उनके पास 12-14 बॉडीगॉर्ड होते हैं। क्या जरूरत है? अकेली जान हो, आपको कौन मारने आ रहा है? एक इंसान ड्रिंक करने के लिए है। एक कराने के लिए है। एक बाल बनाने के लिए और एक मेकअप करने के लिए। क्या जरूरत है दूसरों पर इतना बोझ डालने की।'
बॉलीवुड के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा 'अजीब सा स्टारडम है। अभिनेताओं के पास बड़ा दल होता है। 8-9 लोग उनके साथ आते हैं। उनके पास 12-14 बॉडीगॉर्ड होते हैं। क्या जरूरत है? अकेली जान हो, आपको कौन मारने आ रहा है? एक इंसान ड्रिंक करने के लिए है। एक कराने के लिए है। एक बाल बनाने के लिए और एक मेकअप करने के लिए। क्या जरूरत है दूसरों पर इतना बोझ डालने की।'
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फराह खान
- फोटो : सोशल मीडिया
फराह और करण ने की थी शिकायत
इससे पहले, राकेश रोशन के साथ अपने व्लॉग में फराह ने बताया था कि कैसे फिल्म निर्माता पहले कम लोगों के साथ यात्रा करते थे, लेकिन अब अभिनेता बड़े समूहों के साथ घूमते हैं। इससे लागत बढ़ती है। करण जौहर ने भी यह मुद्दा उठाया था।
इससे पहले, राकेश रोशन के साथ अपने व्लॉग में फराह ने बताया था कि कैसे फिल्म निर्माता पहले कम लोगों के साथ यात्रा करते थे, लेकिन अब अभिनेता बड़े समूहों के साथ घूमते हैं। इससे लागत बढ़ती है। करण जौहर ने भी यह मुद्दा उठाया था।
पीयूष मिश्रा का काम
पीयूष ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और बाद में 1998 में मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से...' से फिल्मी करियर की शुरुआत की। उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'मकबूल', 'तमाशा' और 'इंडियन 2' जैसी फिल्मों में अभिनय किया है। उन्हें आखिरी बार 2025 में आई फिल्म 'क्रेजी' में देखा गया था।
पीयूष ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और बाद में 1998 में मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से...' से फिल्मी करियर की शुरुआत की। उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'मकबूल', 'तमाशा' और 'इंडियन 2' जैसी फिल्मों में अभिनय किया है। उन्हें आखिरी बार 2025 में आई फिल्म 'क्रेजी' में देखा गया था।