आशा पारेख जन्मदिन: पसंदीदा हीरो के साथ किया डेब्यू, दिल लगाया पर क्यों नहीं की शादी? पढ़िए दिलचस्प किस्से
Asha Parekh 84th Birthday: प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख का आज 84वां जन्मदिन हैं। एक समय इंडस्ट्री पर इन्होंने राज किया। पढ़िए अदाकारा के दिलचस्प किस्से...
विस्तार
अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। वे 84 वर्ष की हो गई हैं। 60 और 70 के दशक की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रियों की जब भी बात होती है तो उसमें आशा पारेख का नाम जरूर शामिल होता है।
बाल कलाकार के रूप में अभिनय यात्रा शुरू करने वाली आशा पारेख ने 16 की उम्र में बतौर अभिनेत्री डेब्यू किया था। उन्होंने सिर्फ अपनी खूबसूरती और अदाकारी ही नहीं, बल्कि डांस से भी लोगों को अपना मुरीद बना लिया। जन्मदिन के अवसर पर जानिए उनके बारे में...
गुजराती परिवार में हुआ जन्म
आशा का जन्म 2 अक्टूबर, 1942 को मुंबई में एक गुजराती परिवार में हुआ था। आशा पारेख की मां मुस्लिम और पिता गुजराती थे। आशा पारेख ने अपनी प्रतिभा के बलबूते बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। अपने समय में आशा पारेख ने फिल्मी पर्दे पर राज किया।
उनके चुलबुले अंदाज और ग्लैमरस अवतार ने प्रशंसकों का दिल उस दौर में खूब जीता। हालांकि, यह दौर उनके जीवन में संघर्ष और रिजेक्शन के दौर से गुजरने के बाद आया था। उन्हें फिल्मों में कई रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी।
बाल कलाकार के रूप में शुरुआत और फिर रिजेक्शन
- आशा पारेख बचपन में डॉक्टर बनना चाहती थीं। मगर, बनीं अदाकारा।
- चाइल्ड एक्ट्रेस के रूप में आशा की डेब्यू फिल्म 'मां' (1952) है।
- फिर, उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। फिर, पढ़ाई करने के चलते फिल्में छोड़ दी।
- 16 साल की उम्र में उन्होंने अभिनेत्री के रूप में वापसी करने का फैसला किया।
- लेकिन फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' के लिए निर्माता विजय भट्ट ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया।
- मगर, एक और बड़ा मौका उनका इंतजार कर रहा था।
शम्मी कपूर के साथ रातों रात बनीं सुपरस्टार
विजय भट्ट के अभिनेत्री के रूप में उन्हें रिजेक्ट करने के ठीक आठ दिन बाद उन्हें निर्माता सुबोध मुखर्जी और नासिर हुसैन ने एक बड़ी फिल्म ऑफर की। फिल्म का नाम था 'दिल देके देखो'। इसमें आशा पारेख के अपोजिट थे शम्मी कपूर। ये फिल्म आशा पारेख के करियर की बेहतरीन फिल्म साबित हुई और उन्होंने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस में शुमार रहीं
डांस के शौक ने आशा पारेख को अभिनय की ऊंचाई पर पहुंचा दिया। डांस को लेकर आशा पारेख कहती हैं, 'यह मेरा पहला प्यार था, है और रहेगा'। बता दें कि आशा पारेख को 60-70 के दशक में सिर्फ उनकी फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि उनकी फीस के लिए भी जाना जाता था। आशा पारेख उस दशक में सबसे अधिक फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शुमार थीं।
बात करने से क्यों कतराते थे पुरुष?
उनकी छवि एक ऐसी अभिनेत्री की थी, जिस तक पहुंचना या मिलना आसान काम नहीं था। शायद इसीलिए किसी ने कभी भी उनका हाथ नहीं मांगा। आशा पारेख ने खुद एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया था कि उनकी ऑन-स्क्रीन छवि कुछ इस कदर बन गई थी कि पुरुष उनसे बातचीत करने में कतराने लगे थे। आशा पारेख ने कहा था, ‘असल जिंदगी में पुरुष मेरी तारीफ करने से हिचकते हैं, मुझसे बात करने से कतराते हैं'।
क्यों नहीं बसाया आशा पारेख ने घर?
- आशा पारेख की काबिलियत और खूबसूरत ऐसी रही कि करोड़ों उनके दीवाने रहे।
- मगर, इस एक्ट्रेस ने अकेलापन चुना। हालांकि, आशा पारेख की जिंदगी में मोहब्बत पनपी थी।
- वे किसी से बेहद प्यार करती थीं। मगर, यह मोहब्बत मुकम्मल नहीं हो पाई।
शादी को लेकर आशा पारेख का कहना था कि उनकी किस्मत में शादी लिखी ही नहीं थी और वो खुश हैं कि वो सिंगल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशा पारेख का नाम आमिर खान के चाचा और निर्देशक नासिर हुसैन के साथ जुड़ा। एक इंटरव्यू में आशा पारेख ने खुलासा किया था कि लंबे समय तक उनका एक ब्वॉयफ्रेंड रहा था और ये ब्वॉयफ्रेंड कोई और नहीं निर्देशक नासिर हुसैन थे। नासिर हुसैन से शादी नहीं हो पाने की बात पर आशा पारेख ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो नहीं चाहती थीं कि नासिर हुसैन कभी भी अपने परिवार से अलग हों, इस वजह से उन्होंने शादी नहीं की।
अवसाद में चली गई थीं दिग्गज अभिनेत्री
- 60 और 70 के दशक में लाखों दिलों पर राज करने वाली आशा पारेख के जीवन में ऐसा दौर भी आया, जब वे अवसाद से घिर गईं।
- उनके मन में सुसाइड जैसे ख्याल आने लगे। अपने करियर में आशा पारेख ने 70 के दशक के हर बड़े स्टार के साथ काम किया।
- जाहिर है ये डिप्रेशन उनके फिल्मी करियर की वजह से नहीं था। आशा पारेख डिप्रेशन का शिकार तब हुईं जब उनके पेरेंट्स गुजर गए।
अवसाद को लेकर पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में आशा पारेख ने कहा था, 'वो मेरे लिए बहुत बुरा दौर था। मैं अपने पेरेंट्स को खो चुकी थी। मैं बिल्कुल अकेली पड़ गई थी और सब कुछ मुझे अकेले ही संभालना था। इसकी वजह से मैं डिप्रेशन में रहने लगी। मुझे बहुत बुरा लगता था और कई बार सुसाइड करने जैसे विचार मन में आते थे। लेकिन फिर मैं उससे बाहर निकली और ये मेरे लिए काफी संघर्ष भरा था। इसमें मुझे डॉक्टरों की मदद लेनी पड़ी।'
फैन की वजह से घर में हो गई थीं कैद
इसमें कोई दोराय नहीं कि आशा पारेख की दीवानगी फैंस के सिर चढ़कर बोलती थी। मगर, एक फैन उनके लिए ऐसा सिरदर्द बना कि वे घर में कैद हो गईं। आशा पारेख ने साल 2017 में एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका एक ऐसा प्रशंसक था, जिसकी वजह से उनका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। उन्होंने खुद को घर में कैद कर लिया था।
दरअसल, यह फैन एक्ट्रेस के घर के गेट के बाहर डेरा डालकर रहने लगा था। उसे वहां से हटकर जाने के लिए कहा तो उसने चाकू निकालकर लोगों को धमकाना शुरू कर दिया। वह आशा पारेख से शादी की जिद करके बैठा था।
आशा पारेख इस घटना से इतना डर गईं कि बाहर निकलना बदं कर दिया था। मामला बढ़ता गया तो पुलिस को सूचना दी गई और तुरंत एक्शन लिया गया। फैन को सीधे आर्थर रोड जेल में बंद कर दिया गया।
कैसा रहा शम्मी कपूर के साथ अनुभव?
आशा पारेख को इस बात की खुशी है कि उन्होंने शम्मी कपूर के साथ डेब्यू किया। अभिनेत्री ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'फिल्म जगत ऐसा है, जहां दोस्ती भी है और दुश्मनी भी। मैंने लगभग हर स्टार के साथ काम किया और सभी ने मुझे हमेशा सपोर्ट भी किया, लेकिन शम्मी कपूर मेरे फेवरेट रहे। उनके साथ पहली ही फिल्म 'दिल देके देखो' में काम करने का मौका मिला था। मैं बहुत घबराई हुई थी, लेकिन उन्होंने बड़े प्यार से हंसी-मजाक कर पहले मुझे कम्फर्टेबल महसूस कराया और उसके बाद हमने फिल्म की शूटिंग शुरू की। शम्मी जी बहुत ही विनम्र थे'।
इस एक्टर के साथ नहीं कर पाईं काम
आशा पारेख ने अपने करियर में शम्मी कपूर, देव आनंद से लेकर राजेश खन्ना तक, सभी चर्चित सितारों के साथ काम किया। मगर, दिलीप कुमार के साथ वे कभी काम नहीं कर पाईं और इसका उन्हें अफसोस है। एक इंटरव्यू में उन्होंने जिक्र किया था, 'दिलीप साहब के साथ काम करने का मौका कभी नहीं मिला। मैं उनके साथ हमेशा से काम करना चाहती थी, पर कभी ऐसी कोई स्क्रिप्ट नहीं आई, जिसमें हम दोनों को साथ काम करने का मौका मिलता। मुझे याद है एक बार किसी ने ऐसी अफवाह फैलाई थी कि हम दोनों के बीच दुश्मनी और कटुता के चलते हमने साथ में कोई फिल्म नहीं की, लेकिन सब बकवास था। मैंने हमेशा कहा कि उनके, सायरा और मेरे बीच स्नेहपूर्ण रिश्ता रहा है'।
क्या जेल मे होने वाला था आशा पारेख का जन्म?
क्या आशा पारेख का जन्म जेल में होने वाला था? आखिर ऐसा क्यों? पढ़िए आशा पारेख की जुबानी
'यह संयोग है कि मैं अभिनेत्री बनी, वरना क्या पता क्या बनती, अगर मेरे जीवन में वह घटना घट गई होती। वर्ष 1942 के दिन थे। गांधी जी का भारत छोड़ो आंदोलन जोरों पर था। मेरी मां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में से एक थीं। रोज आंदोलन होते और जुलूस निकाले जाते। मेरी मां एक दिन एक ऐसे ही जुलूस में शामिल थीं। उस समय होता यह था कि जो आदमी जुलूस का नेतृत्व कर रहा होता था, उसे अंग्रेज सरकार पकड़कर जेल में बंद कर देती थी। लोगों में ऐसा जोश था कि एक नेता के पकड़े जाते ही दूसरा आदमी तुरंत उसकी जगह नेतृत्व संभाल लेता था अगर वह भी पकड़ा जाता, तो कोई दूसरा सामने आ जाता। इसी तरह एक के बाद एक लोग अपने आपको गिरफ्तार कराते जाते थे'।
आगे बताया, 'इस जुलूस में मेरी मां अपने आपको गिरफ्तार करवाने के लिए बहुत जोर मार रही थी। उस समय मैं पेट में थी। बार-बार लोग मां को गिरफ्तार होने से मना करते और बार-बार वह गिरफ्तारी देने के लिए सामने जा पहुंचतीं। बड़ी मुश्किलों से लोगों ने उन्हें वहां से हटाया। अब सोचती हूं कि मां उस सयम यदि गिरफ्तार हो गई होती, तो मैं तो जेल में ही पैदा हुई होती? लेकिन यह संयोग ही था, चाहे वह अच्छा था या बुरा, मैं जेल में पैदा होते-होते बच गई'।
आशा पारेख को मिले सम्मान
- आशा पारेख को उनकी अदाकारी के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
- साल 1992 में उन्हें पद्मश्री सम्मान दिया गया।
- 2002 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया।
- अभिनेत्री को सिनेमा में योगदान के लिए फिल्म इंडस्ट्री के सर्वोच्च अवॉर्ड दादा साहेब फाल्के से सम्मानित किया जा चुका है।