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सीट का समीकरण: अब तक तीन चुनाव, हर बार अलग दल और चेहरे को मिली जीत, ऐसा है जफराबाद विधानसभा का चुनावी इतिहास
Tue, 06 Oct 2026 07:00 PM IST
अमन तिवारी
इलेक्शन डेस्क, नोएडा
इलेक्शन डेस्क, नोएडा
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 06 Oct 2026 07:00 PM IST
सार
जौनपुर की जफराबाद विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद नए स्वरूप में आई और 2012 में यहां इस नए स्वरूप पर पहला चुनाव हुआ। पहले चुनाव में सपा ने जीत दर्ज की, 2017 में भाजपा ने बाजी मारी और 2022 में सुभासपा ने यह सीट अपने नाम की।
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जफराबाद सीट का समीकरण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। भले ही चुनाव में अभी कुछ समय हो, लेकिन राज्य के हर जिले और चौपाल पर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। भाजपा जहां अपनी सरकार को बरकरार रखने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं विपक्ष सत्ता परिवर्तन के लिए नए समीकरण बनाने में जुटा है। यूपी की इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात जौनपुर जिले की जफराबाद विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास।
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पहले जानते हैं जफराबाद विधानसभा सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिनमें 403 विधानसभा सीटें आती हैं। इन्हीं में से एक जिला जौनपुर है। जिले में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बदलापुर, शाहगंज, जौनपुर, मल्हनी, मुंगरा बादशाहपुर, मछलीशहर, मड़ियाहूं, केराकत और जफराबाद शामिल हैं।
'सीट का समीकरण' की कड़ी में आज हम जफराबाद विधानसभा सीट की बात करेंगे। जफराबाद विधानसभा सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और इस सीट पर पहली बार 2012 में विधानसभा चुनाव कराए गए। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक सचिंद्र नाथ त्रिपाठी बने, जिन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की। इस विधानसभा सीट पर अब तक कोई भी पार्टी या नेता दोबारा जीतने में असफल रहा है।
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिनमें 403 विधानसभा सीटें आती हैं। इन्हीं में से एक जिला जौनपुर है। जिले में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बदलापुर, शाहगंज, जौनपुर, मल्हनी, मुंगरा बादशाहपुर, मछलीशहर, मड़ियाहूं, केराकत और जफराबाद शामिल हैं।
'सीट का समीकरण' की कड़ी में आज हम जफराबाद विधानसभा सीट की बात करेंगे। जफराबाद विधानसभा सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और इस सीट पर पहली बार 2012 में विधानसभा चुनाव कराए गए। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक सचिंद्र नाथ त्रिपाठी बने, जिन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की। इस विधानसभा सीट पर अब तक कोई भी पार्टी या नेता दोबारा जीतने में असफल रहा है।
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कब-किस पार्टी को मिली जीत?
- फोटो : अमर उजाला
जफराबाद विधानसभा सीट का जातीय समीकरण
जफराबाद विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में पटेल, ब्राह्मण, यादव और एससी (दलित) आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी पटेल मतदाताओं की है, जो लगभग 17% हैं। इसके बाद ब्राह्मण और यादव मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 14-14% है, जबकि एससी (दलित) मतदाताओं की आबादी लगभग 12% है। अन्य प्रमुख वर्गों में मुस्लिम और क्षत्रिय मतदाता करीब 9-9% हैं। इसके अलावा मौर्य मतदाता लगभग 3%, प्रजापति करीब 2% हैं। जबकि बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों व समुदायों से आते हैं।
जफराबाद विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
2012- पहली बार जीती सपा
जौनपुर जिले की जफराबाद विधानसभा सीट के पहले यानी कि 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के सचिंद्र नाथ त्रिपाठी विजयी हुए। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के जगदीश नारायण को 5,417 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सचिंद्र नाथ त्रिपाठी को 59,419 वोट, जबकि जगदीश नारायण को 54,002 वोट मिले। वहीं, भाजपा के डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह 31,266 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
जफराबाद विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में पटेल, ब्राह्मण, यादव और एससी (दलित) आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी पटेल मतदाताओं की है, जो लगभग 17% हैं। इसके बाद ब्राह्मण और यादव मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 14-14% है, जबकि एससी (दलित) मतदाताओं की आबादी लगभग 12% है। अन्य प्रमुख वर्गों में मुस्लिम और क्षत्रिय मतदाता करीब 9-9% हैं। इसके अलावा मौर्य मतदाता लगभग 3%, प्रजापति करीब 2% हैं। जबकि बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों व समुदायों से आते हैं।
जफराबाद विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
2012- पहली बार जीती सपा
जौनपुर जिले की जफराबाद विधानसभा सीट के पहले यानी कि 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के सचिंद्र नाथ त्रिपाठी विजयी हुए। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के जगदीश नारायण को 5,417 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सचिंद्र नाथ त्रिपाठी को 59,419 वोट, जबकि जगदीश नारायण को 54,002 वोट मिले। वहीं, भाजपा के डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह 31,266 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2022 का नतीजा
- फोटो : अमर उजाला
2017- भाजपा ने मारी बाजी
इस चुनाव में जफराबाद विधानसभा सीट पर पहली बार भाजपा ने जीत दर्ज की। चुनाव में भाजपा के डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी हुए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सचिंद्र नाथ त्रिपाठी को 24,865 वोटों के बड़े अंतर से हराया। चुनाव में डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह को 85,989 वोट, जबकि सचिंद्र नाथ त्रिपाठी को 61,124 वोट मिले। वहीं, बसपा के संजीव कुमार उपाध्याय 45,490 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2022- सुभासपा ने जीता चुनाव
जौनपुर जिले की जफराबाद विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने जीत दर्ज की। चुनाव में सुभासपा के जगदीश नारायण विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह को 6,292 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में जगदीश नारायण को 90,620 वोट, जबकि डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह को 84,328 वोट मिले। वहीं, बसपा के डॉ. संतोष कुमार मिश्रा 35,234 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इस चुनाव में जफराबाद विधानसभा सीट पर पहली बार भाजपा ने जीत दर्ज की। चुनाव में भाजपा के डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी हुए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सचिंद्र नाथ त्रिपाठी को 24,865 वोटों के बड़े अंतर से हराया। चुनाव में डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह को 85,989 वोट, जबकि सचिंद्र नाथ त्रिपाठी को 61,124 वोट मिले। वहीं, बसपा के संजीव कुमार उपाध्याय 45,490 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2022- सुभासपा ने जीता चुनाव
जौनपुर जिले की जफराबाद विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने जीत दर्ज की। चुनाव में सुभासपा के जगदीश नारायण विजयी हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह को 6,292 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में जगदीश नारायण को 90,620 वोट, जबकि डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह को 84,328 वोट मिले। वहीं, बसपा के डॉ. संतोष कुमार मिश्रा 35,234 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।