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Rajouri Garden Chunav Result 2025 Live: भाजपा के मनजिंदर सिरसा आगे, जानें आप और कांग्रेस का क्या हाल

Sat, 08 Feb 2025 09:50 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 08 Feb 2025 09:50 AM IST
सार

Rajouri Garden Seat:  राजौरी गार्डन सीट से भाजपा ने अपने स्टार चेहरे मनजिंदर सिंह सिरसा को उतारा है। वहीं, आप ने मौजूदा विधायक धनवंती चंदेला को टिकट दिया और कांग्रेस ने धर्मपाल चंदेला को उम्मीदवार बनाया। आइये जानते हैं इस सीट का चुनावी इतिहास...

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Rajouri Garden Assembly Election Result 2025 Live: Delhi Election Results 2025 news and updates
राजौरी गार्डन सीट पर मौजूदा रुझान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली चुनावों मतगणना जारी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में राजौरी गार्डन बेहद चर्चित सीट रही। यह सीट पश्चिमी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंदर आती है। इस सीट से कांग्रेस के बड़े नेता अजय माकन विधायक रह चुके हैं। 
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अब तक आए रुझानों में इस सीट से भाजपा के मनजिंदर सिंह सिरसा आगे चल रहे हैं। सिरसा शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर 2013 में चुनाव जीते थे। वहीं, आप की तरफ से मौजूदा विधायक धनवंती चंदेला मैदान में हैं। हालांकि, वे फिलहाल पीछे हैं। कांग्रेस के धर्मपाल चंदेला भी इस सीट पर पीछे रहे हैं
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के इतिहास में राजौरी गार्डन में कब कौन जीता? कब कितने वोट पड़े? पिछले चुनाव में कैसे नतीजे रहे थे? इस बार कैसा मुकाबला हो सकता है? आइये जानते हैं…
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दिल्ली को विधानसभा मिलने की ऐसी है कहानी
दिल्ली को विधानसभा कैसे मिली, इसकी कहानी 1952 से शुरू हुई। 1952 पार्ट-सी राज्य के रूप में दिल्ली को एक विधानसभा दी गई। 1956 में उस विधानसभा को भंग कर दिया गया। 1966 में दिल्ली को एक महानगर परिषद दी गई।

दिल्ली राज्य विधानसभा 17 मार्च 1952 को पार्ट-सी राज्य सरकार अधिनियम, 1951 के तहत अस्तित्व में आई। 1952 की विधानसभा में 48 सदस्य थे। मुख्य आयुक्त को उनके कार्यों के निष्पादन में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद का प्रावधान था, जिसके संबंध में राज्य विधानसभा को कानून बनाने की शक्ति दी गई थी। 

राज्य पुनर्गठन आयोग (1955) की सिफारिशों के बाद दिल्ली 1 नवंबर 1956 से भाग-सी राज्य नहीं रही। दिल्ली विधानसभा और मंत्रिपरिषद को समाप्त कर दिया गया और दिल्ली राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष प्रशासन के तहत केंद्र शासित प्रदेश बन गया। दिल्ली में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था और उत्तरदायी प्रशासन की मांग उठने लगी। इसके बाद दिल्ली प्रशासन अधिनियम, 1966 के तहत महानगर परिषद बनाई गई। यह एक सदनीय लोकतांत्रिक निकाय था जिसमें 56 निर्वाचित सदस्य और 5 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य होते थे।

इसके बाद भी विधानसभा की मांग उठती रही। 24 दिसंबर 1987 को भारत सरकार ने सरकारिया समिति (जिसे बाद में बालकृष्णन समिति कहा गया) नियुक्त की। समिति ने 14 दिसंबर 1989 को अपनी रिपोर्ट पेश की और सिफारिश की कि दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बना रहना चाहिए, लेकिन आम आदमी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए अच्छी शक्तियों के साथ एक विधानसभा दी जानी चाहिए। बालाकृष्णन समिति की सिफारिश के अनुसार, संसद ने संविधान (69वां संशोधन) अधिनियम, 1991 पारित किया, जिसने संविधान में नए अनुच्छेद 239AA और 239AB डाले, जो अन्य बातों के साथ-साथ दिल्ली के लिए एक विधानसभा की व्यवस्था करते हैं। लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि के मुद्दों पर विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार नहीं था। 1992 में परिसीमन के बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा के चुनाव बाद दिल्ली को एक निर्वाचित विधानसभा और मुख्यमंत्री मिला। 

कैसा है राजौरी गार्डन का चुनावी इतिहास 
1977 में इस सीट पर जनता पार्टी के हरभगवान अरोड़ा ने कांग्रेस के हरि सिंह 6871 वोट से हराया था। 1983 में इस सीट पर भाजपा के सुभाष आर्य ने कांग्रेस के एच.पी. मल्होत्रा को 1149 वोट से हराया था। 

1993: कांग्रेस के अजय माकन को जीत 
दिल्ली को विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद 1993 में विधानसभा के चुनाव हुए। इस सीट पर कांग्रेस के अजय माकन ने भाजपा मनोहर लाल कुमार को 3551 वोट से हरा दिया। 


 

1998: अजय माकन ने दर्ज की लगातार दूसरी जीत
1998 के चुनावों में मुकाबला फिर से कांग्रेस और भाजपा के बीच में देखने को मिला। कांग्रेस के अजय माकन ने भाजपा की शशि प्रभा आर्य को 19,297 वोट से हरा दिया था।  1998 में माकन के साथ ही दिल्ली में कांग्रेस को भी जीत मिली। कांग्रेस की शीला दीक्षित मुख्यमंत्री बनीं। राजौरी गार्डन से जीते अजय माकन दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव बनाए गए।  2001 में उन्हें दिल्ली सरकार में परिवहन, बिजली और पर्यटन मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी मिली। 

2003: अजय माकन ने लगाई जीत की हैट्रिक
2003 के विधानसभा चुनाव में राजौरी गार्डन सीट पर कांग्रेस के अजय माकन को एक बार फिर से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ माकन ने राजौरी गार्डन सीट पर जीत की हैट्रिक लगाई। 2003 में कांग्रेस के अजय माकन ने भाजपा के सरबजीत सिंह को 24487 वोट से हराया था। जीत के बाद अजय माकन दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष बने। हालांकि, माकन यह कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्हें नई दिल्ली लोकसभा सीट से जीत मिली। सांसद बनने के बाद माकन ने राजौरी गार्डन सीट छोड़ दी। इसके बाद यहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस के रमेश लाम्बा भाजपा के रमेश खन्ना को हराकर विधानसभा पहुंचे।

2008: केवल 46 वोट के अंतर से जीती कांग्रेस
2008 में फिर से इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की। इस वर्ष इस सीट पर भाजपा ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। इस चुनाव कांग्रेस के दयानंद चंदेला को बेहद कम अंतर से जीत मिली। चंदेला ने शिरोमणि अकाली दल (एम) के अवतार सिंह हिट को महज 46 वोट से हराया। 

2013: शिरोमणि अकाली दल को मिली जीत 
दिल्ली की राजनीति के लिए साल 2013 एक अहम कड़ी साबित हुआ। इस चुनाव में मुकाबले में कांग्रेस-भाजपा के अलावा इस बार भ्रष्टाचार आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी भी थी। रजौरी गार्डन विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। 

इस सीट पर भी आप को जीत नहीं मिली बल्कि शिरोमणि अकाली दल के मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस की धनवती चंदेला को 11008 वोट से हरा दिया था। आप 17022 वोट के साथ तीसरे नंबर पर थी। 

2015: आप को मिली पहली जीत 
2015 में फिर से दिल्ली में विधानसभा चुनाव करवाने पड़े। 2014 में मात्र 49 दिन सरकार चलाने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया था। फरवरी 2014 में जब लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो पाया तो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 2015 में फिर से चुनाव कराए गए और केजरीवाल ने 70 में से 67 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। 

राजौरी गार्डन सीट पर आप को पहली सीट मिली थी। आप के जरनैल सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के मनजिंदर सिंह सिरसा को 10,036 वोट से हरा दिया। 2017 में जरनैल सिंह ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजप के टिकट पर उतरे मनजिंदर सिंह सिरसा को जीत मिली। 

2020: आप की दूसरी जीत
2020 के विधानसभा चुनाव में आप आदमी पार्टी ने फिर जबरदस्त जनादेश हासिल किया। आप को 70 में से कुल 62 सीटों पर जीत मिली। राजौरी गार्डन की बात करें तो इस सीट पर आप की धनवती चंदेला ने भाजपा के रमेश खन्ना को 22,972 वोट से हरा दिया था।  धनवती चंदेला को 62212 और रमेश खन्ना को 39240 वोट मिले थे। 


 
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