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LS Polls 2024: लोकसभा के जरिए हुड्डा ने निकाल दिए विधानसभा चुनाव के कांटे! बेटे की जीत के लिए यूं बनाया रास्ता

Fri, 26 Apr 2024 05:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 26 Apr 2024 05:25 PM IST
सार

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला और किरण गुट जयप्रकाश के नाम का लगातार विरोध कर रहे थे। वह हिसार से मौजूदा सांसद बृजेंद्र सिंह और चंद्रमोहन का नाम आगे बढ़ा रहे थे, मगर हाईकमान ने हुड्डा की पसंद से हिसार से तीन बार के सांसद रहे जयप्रकाश को टिकट दिया है।

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LS Polls 2024 Bhupendra Hooda removed assembly elections thorns! Paved the way for his son victory like this
Lok Sabha Election 2024 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से आठ पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इनमें हिसार से भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में आए सांसद बृजेंद्र सिंह को टिकट नहीं दिया गया है। उन्हें हिसार या सोनीपत से टिकट मिलने की चर्चा थी। बृजेंद्र सिंह की जगह कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश और सोनीपत से सतपाल ब्रह्मचारी को टिकट दिया है। वहीं भिवानी-महेंद्रगढ़ से कांग्रेस ने विधायक किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी का टिकट काट दिया है। यहां से पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के करीबी राव दान सिंह चुनाव लड़ेंगे।

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जबकि करनाल से हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा चुनाव लड़ेंगे। रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा को ही उम्मीदवार बनाया गया है। कुमारी शैलजा सिरसा से चुनाव लड़ेंगी, जबकि अंबाला से वरूण चौधरी मुलाना और फरीदाबाद से पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप को टिकट दिया गया है। गुरुग्राम से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। यहां से कैप्टन अजय यादव दावेदार हैं, लेकिन कांग्रेस राज बब्बर को टिकट देना चाहती है। कुरुक्षेत्र की सीट गठबंधन के तहत कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को दी है, जहां से सुशील गुप्ता उम्मीदवार हैं।
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हिसार लोकसभा सीट से टिकट की आस लगाए बैठे चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे और भाजपा के टिकट पर सांसद रह चुके बृजेंद्र सिंह को कांग्रेस पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। बृजेंद्र सिंह की जगह पार्टी ने हुड्डा के करीबी जय प्रकाश उर्फ जेपी को टिकट दिया है। जेपी पहले भी इस सीट से सांसद रह चुके हैं। हाल ही में जेपी ने आदमपुर सीट से उपचुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार मिली थी।
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कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला और किरण गुट जयप्रकाश के नाम का लगातार विरोध कर रहे थे। वह हिसार से मौजूदा सांसद बृजेंद्र सिंह और चंद्रमोहन का नाम आगे बढ़ा रहे थे, मगर हाईकमान ने हुड्डा की पसंद से हिसार से तीन बार के सांसद रहे जयप्रकाश को टिकट दिया है। सिरसा की सीट कुमारी शैलजा को अपने प्रभाव से मिली है, बाकी पर हुड्डा समर्थकों को टिकट मिले हैं। फरीदाबाद, सोनीपत, अंबाला, करनाल, हिसार, रोहतक और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर टिकट हुड्डा अपने करीबियों को टिकट दिलाने में कामयाब रहे।

हरिद्वार कांग्रेस के अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी को कांग्रेस ने सोनीपत लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है। सतपाल की गिनती भी पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के नजदीकी हैं। शुरू से ही वे सतपाल के टिकट के लिए पैरवी कर रहे थे। हालांकि इस सीट हुड्डा ने कुलदीप शर्मा का भी नाम आगे बढ़ाया था, लेकिन पहली पसंद सतपाल ही थे। हरियाणा कांग्रेस के उम्मीदवारों में सबसे चौंकाने वाला नाम करनाल से दिव्यांशु बुद्धिराजा का है। ऐसी उम्मीद थी कि कांग्रेस पूर्व सीएम और भाजपा उम्मीदवार मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ किसी बड़े चेहरे पर दांव खेलेगी, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष पर भरोसा जताया है।

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा को पिछली बार की तरह रोहतक से ही टिकट दिया गया है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल में पंजाबी, सोनीपत में ब्राह्मण और भिवानी-महेंद्रगढ़ में अहीर को टिकट दिलवाकर बेटे दीपेंद्र हुड्डा की रोहतक सीट सुरक्षित कर ली है। रोहतक की सीट पर इन सभी जातियों का दबदबा रहा है। हुड्डा पिछली बार इस वोट बैंक को साधने में कामयाब नहीं हुए थे। इसलिए दीपेंद्र कम अंतर से भाजपा के डॉ. अरविंद शर्मा से हार गए थे।

विधानसभा चुनाव से पहले किया रास्ता साफ
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि साल के अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा चुनाव के बहाने अपनी राह के सभी कील-कांटे निकाल दिए हैं। कुमारी शैलजा विधानसभा से टिकट मांग रही थीं। लेकिन हुड्डा चाहते थे वह लोकसभा आएं, ताकि अगर शैलजा की जीत या हार होती है, तो दोनों सूरत में हुड्डा को फायदा होगा और वह मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से दूर रहेंगी।


इसी तरह भिवानी-महेंद्रगढ़ से अपनी पसंद के प्रत्याशी राव दान सिंह को टिकट दिलवाकर बंसीलाल परिवार के प्रभाव को कांग्रेस में कम कर दिया है। किरण चौधरी भी समय-समय पर भूपेंद्र हुड्डा को चुनौती देती रही हैं। इसी तरह चौधरी बीरेंद्र सिंह बेटे बृजेंद्र सिंह के बहाने कांग्रेस में दोबारा मजबूती से एंट्री लेना चाहते थे। वह खुद को गांधी परिवार का नजदीकी बताते हैं। चर्चा थी कि बृजेंद्र सिंह को हिसार या सोनीपत से टिकट मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यहां भी हुड्डा की चली।

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