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Lok Sabha Independents: आम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की कहानी, कभी 42 तो कभी सिर्फ एक प्रत्याशी ही जीता

Tue, 26 Mar 2024 06:43 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 26 Mar 2024 06:43 PM IST
सार

Independent Lok Sabha Members: देश के पहले आम चुनाव में 37 निर्दलीय सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचे थे। 2019 लोकसभा के चुनाव में कुल 3,461 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इस चुनाव में महज 4 निर्दलीय उम्मीदवारों को ही सफलता मिली थी।

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History of independent members of parliament in Lok Sabha
लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

देश में इन दिनों हर ओर चुनाव की चर्चा हो रही है। लोकसभा चुनावों के तारीखों की घोषणा के साथ ही सियासी सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। केंद्र की सत्ताधारी भाजपा लोकसभा चुनावों के लिए अधिकतर उम्मीदवारों के नाम का एलान कर चुकी है। दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी अपने कई प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। इसके अलावा अन्य दल भी कई सीटों पर अपने चेहरों का एलान कर रहे हैं। 

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इस बीच कुछ सीटें ऐसी भी हैं, जहां संबंधित पार्टियों से टिकट कटने पर उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में मैदान में उतर गए हैं। हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं है जब पार्टियों से असंतुष्ट लोग स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हों। हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन सत्ताधारी दल भाजपा को निर्दलियों की वजह से काफी नुकसान हुआ था। 
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आइये जानते हैं कि लोकसभा चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों का इतिहास क्या रहा है? कब कितने निर्दलीय चुनाव जीतकर सांसद बने? 2019 में कितने निर्दलीय उम्मीदवारों को सफलता मिली थी? 

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History of independent members of parliament in Lok Sabha
संसद का शीतकालीन सत्र - फोटो : Social Media

पहले ही चुनाव में 37 निर्दलीय सांसद बने 
पहली लोकसभा के चुनाव 1951-52 में हुए थे। देश के पहले आम चुनाव में कुल 37 निर्दलीय सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचे थे। दूसरी लोकसभा में निर्दलीय सांसदों की संख्या में इजाफा हुआ। दूसरी लोकसभा के चुनाव 1957 में संपन्न हुए थे। इस चुनाव में कुल 42 निर्दलीय सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचे थे। 

तीसरी लोकसभा में निर्दलीय सांसदों की संख्या आधे से भी ज्यादा कम गई। 1962 में हुए लोकसभा के चुनावों में कुल 20 निर्दलीय प्रत्याशी सांसद बने। चौथी लोकसभा में निर्दलीय सांसदों की संख्या में एक फिर बढ़ोतरी हुई। 1967 में हुए चुनाव में 35 निर्दलीय सांसद चुने गए। पांचवीं लोकसभा के चुनाव 1971 में कराए गए थे। इस बार चुनाव जीतने वाले निर्दलियों की संख्या घट गई। इस चुनाव में महज 14 निर्दलीय सांसद चुने गए। 

आपातकाल के बाद हुए 1977 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय सांसदों का प्रतिनिधित्व फिर घट गया। छठी लोकसभा में केवल 9 निर्दलीय सांसद बने। सातवीं लोकसभा में निर्दलीय सांसदों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ। 1980 में 9 निर्दलीय लोकसभा सांसद बने। 

1984 में निर्दलीय सांसदों का प्रतिनिधित्व में सुधार हुआ। इस तरह से आठवीं लोकसभा में 13 स्वतंत्र उम्मीदवारों को जीत मिली। 1989 में निर्दलीय सांसदों की संख्या मामूली कमी आई। नौवीं लोकसभा में केवल 12 स्वतंत्र उम्मीदवार संसद के निचले सदन तक पहुंचे। 

History of independent members of parliament in Lok Sabha
संसद का शीतकालीन सत्र - फोटो : ANI

1991 में एक केवल एक निर्दलीय सांसद बने
1991 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय सांसदों का प्रतिनिधित्व बिल्कुल घट गया। 10वीं लोकसभा में केवल एक निर्दलीय सांसद चुने गए। लोकसभा के लिए निर्वाचित निर्दलीय सांसदों की सबसे कम संख्या 1991 में ही थी। 11वीं लोकसभा में संसद में निर्दलीय सांसदों की हिस्सेदारी में एक बार फिर इजाफा देखने को मिला। 1996 में हुए चुनाव में 9 निर्दलीय लोकसभा सांसद बने। 

12वीं लोकसभा यानी 1998 में निर्दलीय सांसदों की संख्या घटकर 6 हो गई। 1999 में 13वीं लोकसभा के चुनाव कराए गए। इस चुनाव में भी 6 निर्दलीय संसद पहुंचे। 14वीं लोकसभा में 9 निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है। इस लोकसभा के चुनाव के 2004 में हुए थे। 2009 में हुए 15वीं लोकसभा चुनाव में निर्दलीय सांसदों की संख्या बढ़कर 9 हो गई। 2014 में 16वीं लोकसभा के चुनाव कराए गए थे। इस चुनाव में महज 3 स्वतंत्र उम्मीदवार सांसद चुने गए।

History of independent members of parliament in Lok Sabha
अमरावती सीट से निर्दलीय उतरीं नवनीत राणा जीती थीं - फोटो : Amar Ujala

2019 में कितने निर्दलीय उम्मीदवारों को सफलता मिली थी? 
2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भी निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। 17वीं लोकसभा के चुनाव में कुल 8,054 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे, जिनमें से 3,461 निर्दलीय थे। 3,461 निर्दलीय उम्मीदवारों से 3,449 की जमानत जब्त हो गई थी। महज 4 ही निर्दलीय जीतकर संसद पहुंचे थे। 

महाराष्ट्र की अमरावती सीट से निर्दलीय उतरीं नवनीत राणा 36,951 वोटों से चुनाव जीती थीं। असम की कोकराझार लोकसभा सीट से नबा कुमार सरानिया 37,786 मतों से जीतकर संसद पहुंचे थे। दादरा और नगर हवेली सीट से डेलकर मोहनभाई सांजीभाई को 9,001 वोटों से जीत मिली थी। वहीं, कर्नाटक की मांड्या सीट से सुमलता अंबरीश ने 1,25,876 मतों के बड़े अंतर से चुनाव जीता था। 

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