BJP Candidates List: यूपी में भाजपा ने अब तक किन सीटों नहीं उतारे उम्मीदवार; वीरेंद्र सिंह का क्यों कटा टिकट?
सोनिया गांधी की परंपरागत सीट रही रायबरेली पर भाजपा अभी अपने प्रत्याशी का चयन नहीं कर पाई है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी में जयवीर सिंह ठाकुर को मैदान में उतारा गया है, जबकि फिरोजाबाद की सीट पर अभी प्रत्याशी के नाम पर मंथन चल रहा है।
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अब तक 433 के करीब लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी भाजपा अभी उत्तर प्रदेश की पांच सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाई है। इसमें ब्रजभूषण शरण सिंह की सीट कैसरगंज के साथ-साथ रायबरेली, देवरिया, फिरोजाबाद और भदोही की लोकसभा सीट शामिल है। आज घोषित सात सीटों में मछलीशहर की सुरक्षित सीट से बीपी सरोज को दोबारा टिकट दे दिया गया है। बलिया से वीरेंद्र सिंह मस्त का टिकट काटकर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर को टिकट दे दिया गया है। गाजीपुर से पारसनाथ राय, इलाहाबाद (प्रयागराज) से नीरज त्रिपाठी को मैदान में उतारा गया है। कौशांबी की सुरक्षित सीट से विनोद सोनकर और फूलपुर से प्रवीण पटेल को टिकट मिल गया है।
सोनिया गांधी की परंपरागत सीट रही रायबरेली पर भाजपा अभी अपने प्रत्याशी का चयन नहीं कर पाई है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी में जयवीर सिंह ठाकुर को मैदान में उतारा गया है, जबकि फिरोजाबाद की सीट पर अभी प्रत्याशी के नाम पर मंथन चल रहा है।
रायबरेली में कांग्रेस के पत्ते खुलने का इंतजार
सोनिया गांधी रायबरेली की सीट से चुनाव लड़ती थीं। इस बार उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें कांग्रेस ने राज्यसभा भेज दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रियंका गांधी के रायबरेली से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक रायबरेली पर कांग्रेस की स्थिति साफ नहीं है। भाजपा भी कांग्रेस प्रत्याशी का नाम तय होने का इंतजार कर रही है। यदि प्रियंका गांधी कांग्रेस उम्मीदवार बनती हैं, तो नुपूर शर्मा जैसी मजबूत-लोकप्रिय नेता के सहारे भाजपा उन्हें घेरने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के बागी नेता मनोज पांडेय और दिनेश प्रताप सिंह भी यहां से भाजपा के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
कैसरगंज पर बृजभूषण शरण का फंसा पेंच
बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों से जुड़ा विवाद होने के कारण भाजपा उन्हें कैसरगंज से चुनाव मैदान में उतारने से बच रही है। चर्चा थी कि पार्टी उनकी सीट पर उनके बेटे या पत्नी को टिकट देने के लिए तैयार थी, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह के चुनाव लड़ने पर अड़ने के कारण पार्टी अभी तक इस सीट पर किसी का नाम तय नहीं कर पाई है।
भाजपा की दुविधा है कि यदि वह बृजभूषण शरण सिंह को प्रत्याशी बनाती है, तो विपक्षी दल महिला सम्मान का मुद्दा लेकर उस पर हमला कर सकते हैं, जबकि बृजभूषण को टिकट न देने से कैसरगंज का समीकरण प्रभावित हो सकता है। चर्चा यहां तक है कि यदि बृजभूषण शरण सिंह को प्रत्याशी नहीं बनाया जाता, तो इसका असर आसपास की सीटों पर भी पड़ सकता है। यही कारण है कि भाजपा इस सीट पर बहुत सोच समझ कर और जातीय गणित को साधने के बाद ही अपने पत्ते खोलना चाहती है। हालांकि, इसी बीच बृजभूषण सिंह अपनी दावेदारी जताने लगे हैं।
देवरिया में स्थानीय प्रत्याशी देने की मांग
देवरिया से 2014 में भाजपा नेता कलराज मिश्र और 2019 में रमापति राम त्रिपाठी ने जीत हासिल की थी। भाजपा 2024 में इस सीट पर जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है। इस सीट पर अभी से स्थानीय प्रत्याशी देने की मांग ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप रहा है कि उन्हें यहां हमेशा बाहरी उम्मीदवार ही दिया जाता है, जबकि स्थानीय कार्यकर्ता केवल झंडा-बैनर उठाते ही रह जाते हैं। इस बार कार्यकर्ता स्थानीय प्रत्याशी देने का दबाव बना रहे हैं।
भाजपा से देवरिया सीट पर लड़ने का दावा करने वालों में सूर्य प्रताप शाही का दावा सबसे मजबूत है, लेकिन वे भूमिहार समुदाय से हैं। ब्राह्मण बाहुल्य सीट होने के कारण कोई ब्राह्मण चेहरा ही यहां जिताऊ माना जाता है। ऐसे में पार्टी पर किसी मजबूत ब्राह्मण चेहरे को अपना प्रत्याशी बनाने का दबाव भी है। स्थानीय चेहरे और ब्राह्मण समीकरण में उलझी भाजपा अभी तक यहां से अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है।
जीतेंगे सभी 80 सीटें: भाजपा
यूपी भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ल ने अमर उजाला से कहा कि उनकी पार्टी हर सीट पर जिताऊ उम्मीदवार उतार रही है। इन शेष सीटों पर भी जिताऊ उम्मीदवार दिए जाएंगे, जो पार्टी के लिए जीत दिलाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरा लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दस साल के काम और उनके नाम पर लड़ा जा रहा है। भाजपा देश को विकास की एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है और इसके लिए प्रधानमंत्री जनता का आशीर्वाद मांग रहे हैं।
मनीष शुक्ल ने कहा कि पिछले दस साल में उत्तर प्रदेश ने विकास का जो नया आयाम देखा है, उसे देखते हुए उन्हें पूरा विश्वास है कि उत्तर प्रदेश की जनता हर सीट पर भाजपा उम्मीदवारों को जिताएगी और इस विकास को और तेज गति प्रदान करने में अपना सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि किस सीट पर किस उम्मीदवार को उतारना है, यह निर्णय पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करता है, लेकिन यह सच है कि पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और काम पर लड़ा जा रहा है। पार्टी ने निचले स्तर से पूरी तैयारी कर रखी है। जो भी प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे, पार्टी कार्यकर्ता उन्हें जीत दिलाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।
भाजपा का सपना पूरा नहीं होगा: सपा
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहम्मद आजम ने कहा कि यूपी की सभी सीटों पर जीत का भाजपा का सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मैनपुरी और फिरोजाबाद में भाजपा को प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं, यही कारण है कि अभी तक भाजपा इन सीटों पर प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। मोहम्मद आजम ने कहा कि इस बार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रही हैं और पूरे उत्तर प्रदेश में हर सीट पर भाजपा को कड़ी चुनौती दे रही है। उन्होंने दावा किया कि इस बार यूपी की बड़ी संख्या में सीटों पर सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे।