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Ratan Tata: कौन हैं रतन टाटा से उम्र में 55 साल छोटे उनके दोस्त शांतनु नायडु? जानें कैसे हुई थी दोस्ती
Thu, 10 Oct 2024 03:05 PM IST
मेघा झा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Thu, 10 Oct 2024 03:05 PM IST
सार
Ratan Tata: मुंबई निवासी शांतनु नायडू जिसकी उम्र अभी 31 साल है, वो देश के उद्योगपति रतन टाटा का करीबी दोस्त बना गया। यही नहीं उनकी दोस्ती को लेकर मीडिया में यह चर्चा भी होने लगी थी कि वे टाटा समूह के नए वारिस हैं, हालांकि ऐसा नहीं था। रतन टाटा के बेहद करीबी दोस्त शांतनु नायडू, आइए बताते हैं, कैसे हुई दोनों में दोस्ती?
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रतन टाटा के साथ शांतनु नायडू
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
Ratan Tata: बुधवार, 9 अक्तूबर को देर रात भारत ने एक रतन (Ratan Tata) खो दिया। पूरा देश टाटा समूह के मानद चेयरमैन और देश के दिग्गज उद्योगपति के निधन से शोक में है। खेल, राजनीति, कारोबार, मीडिया, मनोरंजन हर क्षेत्र की हस्तियां रतन टाटा को श्रद्धांजलि दे रही हैं। इस बीच रतन टाटा के दोस्त जो उनके बेहद करीबी भी थे, उनका एक पोस्ट सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
रतन टाटा का 31 वर्षीय शांतनु नायडु से खास जुड़ाव रहा है। यह जुड़ाव रतन टाटा के निधन के बाद शांतनु नायडु की पोस्ट में देखने को भी मिला। हालांकि शांतनु नायडू का रतन टाटा का इससे कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। रतन टाटा ने उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर खुद फोन करके कहा था कि मेरे असिस्टेंट बनोगे।
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रतन टाटा का 31 वर्षीय शांतनु नायडु से खास जुड़ाव रहा है। यह जुड़ाव रतन टाटा के निधन के बाद शांतनु नायडु की पोस्ट में देखने को भी मिला। हालांकि शांतनु नायडू का रतन टाटा का इससे कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। रतन टाटा ने उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर खुद फोन करके कहा था कि मेरे असिस्टेंट बनोगे।
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शांतनु नायडू मुंबई के रहने वाले हैं। शांतनु नायडू का जन्म 1993 में पुणे महाराष्ट्र में हुआ था। अपनी प्रतिभा और समाज सेवा के दम पर रतन टाटा के दिल में जगह बनाने में कामयाब रहे। दरअसल, शांतनु नायडू ने आवारा कुत्तों के लिए रिफ्लेक्टिव कॉलर बनाए थे, ताकि अंधेरे में वाहन चालकों को वे दिख सकें और टक्कर न हो पाए। इस बारे में पता चलने के बाद रतन टाटा ने नायडू को बुलाया।
तब पहली बार रतन टाटा और शांतनु नायडू की 2014 में मुलाकात हुई। उन्होंने शांतनु को उनके साथ काम करने का ऑफर भी दिया। बता दें कि शांतनु नायडू ने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की है। इसके बाद वह चेयरमैन ऑफिस में डिप्टी जनरल मैनेजर के तौर पर टाटा ट्रस्ट में शामिल हो गए। चर्चा है कि रतन टाटा ने खुद उन्हें फोन करके कहा था कि तुम मेरे असिस्टेंट बनोगे। शांतनु नायडू अब रतन टाटा के ऑफिस में जनरल मैनेजर के तौर पर काम करते हैं। वह रतन टाटा को नए स्टार्टअप में निवेश को लेकर सलाह भी दिया करते थे। शांतनु की पहचान एक इंजीनियर, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर, उद्यमी और लेखक के तौर पर भी है।
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए शांतनु नायडू टाटा समूह में काम करने वाले अपने परिवार की पांचवीं पीढ़ी हैं। 2016 में शांतनु नायडू अमेरिका में कॉर्नेल विश्वविद्यालय में एमबीए करने गए। जब उन्होंने अपनी डिग्री पूरी की और 2018 में वापस आए, तो उन्होंने चेयरमैन ऑफिस में डिप्टी जनरल मैनेजर के रूप में टाटा ट्रस्ट में शामिल हो गए। शांतनु, रतन टाटा को स्टार्टअप्स में निवेश के लिए बिजनेस टिप्स देते थे। शांतनु नायडू ने बिजनेस इंडस्ट्री में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जो कई लोगों के लिए हमेशा एक सपना होता है।
तब पहली बार रतन टाटा और शांतनु नायडू की 2014 में मुलाकात हुई। उन्होंने शांतनु को उनके साथ काम करने का ऑफर भी दिया। बता दें कि शांतनु नायडू ने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की है। इसके बाद वह चेयरमैन ऑफिस में डिप्टी जनरल मैनेजर के तौर पर टाटा ट्रस्ट में शामिल हो गए। चर्चा है कि रतन टाटा ने खुद उन्हें फोन करके कहा था कि तुम मेरे असिस्टेंट बनोगे। शांतनु नायडू अब रतन टाटा के ऑफिस में जनरल मैनेजर के तौर पर काम करते हैं। वह रतन टाटा को नए स्टार्टअप में निवेश को लेकर सलाह भी दिया करते थे। शांतनु की पहचान एक इंजीनियर, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर, उद्यमी और लेखक के तौर पर भी है।
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए शांतनु नायडू टाटा समूह में काम करने वाले अपने परिवार की पांचवीं पीढ़ी हैं। 2016 में शांतनु नायडू अमेरिका में कॉर्नेल विश्वविद्यालय में एमबीए करने गए। जब उन्होंने अपनी डिग्री पूरी की और 2018 में वापस आए, तो उन्होंने चेयरमैन ऑफिस में डिप्टी जनरल मैनेजर के रूप में टाटा ट्रस्ट में शामिल हो गए। शांतनु, रतन टाटा को स्टार्टअप्स में निवेश के लिए बिजनेस टिप्स देते थे। शांतनु नायडू ने बिजनेस इंडस्ट्री में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जो कई लोगों के लिए हमेशा एक सपना होता है।
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