{"_id":"5e44d1008ebc3ee5ab6ad4be","slug":"what-is-frbs-signal-repeating-every-16-days-from-space","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हर 16 दिनों में अंतरिक्ष से आ रहा है ये सिग्नल, वैज्ञानिक भी हैरान","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
हर 16 दिनों में अंतरिक्ष से आ रहा है ये सिग्नल, वैज्ञानिक भी हैरान
Thu, 13 Feb 2020 10:45 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Thu, 13 Feb 2020 10:45 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ऐसा सिग्नल खोजा है जो एक निश्चित अंतराल पर बार-बार अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर आ रहा है। अभी तक इससे संबंधित पहलू रहस्यमय हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने इस सिग्नल का नाम एफआरबी (FRB) रखा है।
विज्ञापन
आखिर क्या है एफआरबी? ये सिग्नल्स कहां से आ रहे हैं? वैज्ञानिकों ने किस तरह इस सिग्नल का पता लगाया? इन सभी सवालों के जवाब आपको आगे दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
क्या है एफआरबी?
- ऐसा नहीं है कि ऐसी घटना पहली बार सुनने को मिली है। पहले भी अंतरिक्ष से रहस्यमयी रेडियो सिग्नल आने की घटनाएं सामने आई हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस बार वैज्ञानिकों ने जो सिग्नल खोजा है वह निश्चित अवधि पर बार-बार आता है।
- इसका नाम रखा गया है एफआरबी, यानी 'फास्ट रेडियो बर्स्ट' (Fast Radio Bursts)।
- वैज्ञानिकों के अनुसार, सिग्नल पृथ्वी से करीब 500 मिलियन (करीब 50 करोड़) प्रकाश वर्ष दूर से आ रहा है।
ये भी पढ़ें : World Radio Day: हिटलर के नरसंहार से निकली थी ऑल इंडिया रेडियो की ख्यात धुन
कैसे हुआ परीक्षण?
- कनाडा के सीएचआईएमई यानी (Canadian Hydrogen Intensity Mapping Experiment) के वैज्ञानिकों ने 409 दिनों तक इन रेडियो तरंगों के चक्र पर नजर रखी।
- रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने बताया कि ये तरंगें अंतरिक्ष से चार दिनों तक एक घंटे तक आती रहती हैं।
- इन तरंगों की अवधि काफी छोटी होती है। उसके बाद इनका आना बंद हो जाता है। यही प्रक्रिया 12 दिनों के बाद फिर शुरू होती है।
क्या है स्त्रोत?
- वैज्ञनिकों के लिए अभी भी ये तरंगें एक पहेली बनी हुई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर स्त्रोत पता लग जाएगा तो इस बात का भी खुलासा होगा कि ये तरंगे क्यों आ रही हैं।
- खास बात ये है कि ये तरंगे अलग-अलग स्त्रोतों से आ रही हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों ने बताया कि पहले फास्ट रेडियो बर्स्ट तारों एवं धातुओं वाले एक छोटी गैलेक्सी से आया था। वहीं, दूसरा एफआरबी एक अन्य आकाश गंगा जैसी घुमावदार गैलेक्सी से आया था।
ये भी पढ़ें- IPS जसलीन ने बताए UPSC परीक्षा में सफल होने के ये 12 मंत्र
कमेंट
कमेंट X