फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Vice President Jagdeep Dhankhar Addressing 61st convocation of Indian Agricultural Research Institute

IARI 61st Convocation: उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- भारत का उदय नहीं रुकेगा, बनेगा तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था

Fri, 24 Feb 2023 08:01 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडेय Updated Fri, 24 Feb 2023 08:01 PM IST
सार

IARI: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के 61वें दीक्षांत समारोह को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "सितंबर 2022 में भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 

विज्ञापन
Vice President Jagdeep Dhankhar Addressing 61st convocation of Indian Agricultural Research Institute
Vice President Jagdeep Dhankhar - फोटो : @

विस्तार

IARI 61st convocation: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि भारत का उदय अब रुकने वाला नहीं है, क्योंकि देश में लगातार विकसित होती कृषि और कृषि आधारित उद्योगों के कारण भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था के आसमान का चमकता सितारा बन रहा है। उन्होंने कहा कि दशक के अंत तक भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान  (आईएआरआई) के 61वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता के मौके पर धनखड़ ने कहा कि देश में अथक प्रयासों और कठिन मेहनत के बल पर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का गौरव प्राप्त किया है। इसे बनाए रखने में हम सबको अपनी अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा, यह देश के अन्नदाता का ही कमाल है कि उसने हर कसौटी पर खुद को खरा साबित किया है। 

विज्ञापन

भारत पर टिप्पणी करने वाले विदेशी विशेषज्ञों को लिया आड़े हाथों
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, आरबीआई जैसे प्रमुख पदों पर थोड़े समय के लिए काम कर चुके कुछ विदेशी विशेषज्ञों की भारत के बारे में की गई टिप्पणियों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेश से आकर देश में ऊंचे पदों पर बैठकर सलाह देने वाले कार्यकाल समाप्त होने पर विस्तार न मिलने पर नकारात्मक प्रचार करते हैं। मालूम हो कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक बयान में कहा था कि भारत भोजन संकट का सामना कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पता नहीं होगा कि सरकार 2020 से 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज दे रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आर्थिक क्रांति का बड़ा मुद्दा 
उपराष्ट्रपति ने युवाओं से कृषि के विकास और उन्नत सुदृढ़ीकरण के लिए काम करने का आह्वान करते हुए कहा, यह आर्थिक क्रांति का बहुत बड़ा मुद्दा है। उन्होंने किसानों को खेत में ही अपने उत्पादन में गुणवत्ता बढ़ाने का सुझाव दिया। धनखड़ ने कहा कि अन्नदाता की सहायता करके ही विकास की राह को प्रशस्त किया जा सकता है। भारतीय कृषि यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और कृषि आधारित औद्योगिक विकास का मूल है। भारत अवसरों और निवेश का प्रमुख स्थल है।

विज्ञापन

संसद को ‘अखाड़ा’ नहीं बनने दिया जा सकता 
विधायी बहस की खराब गुणवत्ता को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सांसदों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करने की जरूरत है। संसद को ‘अखाड़ा’ नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि संविधान ने सांसदों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी है, लेकिन यह एक जिम्मेदारी के साथ आती है। उन्होंने कहा कि सांसदों को विशेषाधिकार प्राप्त है, क्योंकि संसद में कही गई किसी भी बात के लिए उनके खिलाफ अदालत में कोई मामला दायर नहीं किया जा सकता।

इस अवसर पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, आईसीएआर के महानिदेशक हिमांशु पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। आईएआरआई के निदेशक एके सिंह ने कहा कि आईएआरआई - भारत की हरित क्रांति का केंद्र - देश में अरबों लोगों की आजीविका सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बेहद गर्व की बात है कि कोविड-19 महामारी से उत्पन्न वैश्विक संकट के बावजूद, आईएआरआई ने फसल की किस्मों और प्रौद्योगिकियों में सुधार के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनुसंधान में उत्कृष्टता की दिशा में अपने प्रयास में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कृषि अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार में विज्ञान आधारित नवाचार IARI का प्राथमिक आदर्श वाक्य है। उन्होंने कहा, "हम पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकियों के विकास के माध्यम से समृद्ध भारत के प्रति अपनी वचनबद्धता की प्रतिज्ञा करते हैं।" कार्यक्रम में 14 विदेशी छात्रों सहित लगभग 402 छात्रों ने अपने मास्टर्स और डॉक्टरेट कार्यक्रमों के सफल समापन पर डिग्री प्राप्त की।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed