NEP 2020: स्कूलों में अगले साल से पढ़ाई जाएगी वैदिक गणित, सूबे के शिक्षा मंत्री ने की घोषणा
कई राज्यों में अगले साल से स्कूली शिक्षा बदलने वाली है। इसके लिए तेजी से काम हो रहा है। कहीं योग, आयुर्वेद, उद्यानिकी तो कहीं गीता ज्ञान सुनाने और खेती-बाड़ी सिखाने की घोषणाएं हो चुकी हैं। अब वैदिक गणित पढ़ाने की तैयारी है।
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Vedic Mathematics In Gujarat Schools: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अमलीजामा पहुंचाने और धरातल पर साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के शिक्षा महकमों ने कमर कस ली है। एक के बाद एक कई राज्यों में अगले साल से स्कूली शिक्षा बदलने वाली है। इसके लिए तेजी से काम हो रहा है। कहीं योग, आयुर्वेद, उद्यानिकी तो कहीं गीता ज्ञान सुनाने और खेती-बाड़ी सिखाने की घोषणाएं हो चुकी हैं। इसी क्रम में गुजरात के स्कूलों में भी वैदिक गणित पढ़ाने की तैयारी हो रही है।
गुजरात के स्कूलों में अगले सत्र से शुरू होगी वैदिक गणित की पढ़ाई
गुजरात के शिक्षा मंत्री जीतू वाघाणी ने राज्य के स्कूलों में वैदिक गणित पढ़ाने की घोषणा की है। उन्होंने प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर यह घोषणा की। वाघाणी ने कहा है कि वैदिक गणित, जिसे अंकगणितीय समस्याओं को हल करने का एक आसान और तेज तरीका माना जाता है, अगले साल से गुजरात में स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
कक्षा छह से 10वीं तक के लिए लागू होगी वैदिक गणित
वाघाणी ने बुधवार देर रात ट्वीट किया, महान भारतीय गणितज्ञ रामानुजन के जन्मदिन को भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्य सरकार ने स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से वैदिक गणित पढ़ाना शुरू करने का फैसला किया है। मंत्री ने कहा कि इस विषय को शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से कक्षा छठी से 10वीं तक के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परिकल्पित भारतीय ज्ञान प्रणाली का प्रसार करने के लिए पेश किया जाएगा।
वैदिक गणित जटिल समस्याओं को हल करने में मददगार
उन्होंने आगे कहा, वैदिक गणित विषय पर छात्रों की पकड़ अधिक मजबूत करेगा और विषय को समझने में भी आसानी होगी। वैदिक गणित पढ़ने से छात्रों की गणित में रूचि बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि वैदिक गणित एक प्राचीन भारतीय पद्धति है जो अंकगणितीय संक्रियाओं को 16 'सूत्रों' में एकीकृत करके गणित को सरल बनाती है। यह दावा किया जाता है कि वैदिक गणित जटिल समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक चरणों की संख्या को कम करके समय को कम करता है और समाधान प्राप्त करने के लिए कई दृष्टिकोण प्रदान करता है।
• રાષ્ટ્રીય શિક્ષણ નિતી-2020 માં જણાવેલ ભારતીય જ્ઞાન પ્રણાલી સંદર્ભે શૈક્ષણિક વર્ષ-2022-23 થી ક્રમશઃ રાજયની શાળાઓમાં ધોરણ 6 થી 10 માં વૈદિક ગણિતનું અમલીકરણ કરવામાં આવશે.
— Jitu Vaghani (@jitu_vaghani) December 22, 2021
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