फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   UPSC Chairman Warns Aspirants: Cheating and Fake Certificates Will Ruin Careers

UPSC: नकल और फर्जी प्रमाणपत्रों से बर्बाद हो सकता है करियर; यूपीएससी अध्यक्ष ने दी सख्त चेतावनी

Wed, 01 Oct 2025 08:04 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Wed, 01 Oct 2025 08:04 PM IST
सार

UPSC Chairman: यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बुधवार को अभ्यर्थियों के प्रश्नों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में नकल करना या फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
 

विज्ञापन
UPSC Chairman Warns Aspirants: Cheating and Fake Certificates Will Ruin Careers
यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

UPSC: संघ लोक सेवा आयोग के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने बुधवार को सिविल सेवा अभ्यर्थियों को सख्त चेतावनी दी कि भर्ती परीक्षाओं में नकल करना या फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और यह उम्मीदवारों के करियर को बर्बाद कर सकता है।

विज्ञापन

पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान

पहली बार आयोजित वर्चुअल टाउनहॉल में अभ्यर्थियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई उम्मीदवार नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसमें कम से कम तीन साल तक यूपीएससी की किसी भी परीक्षा में शामिल होने से रोकना और आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई करना शामिल है।

डॉ. कुमार ने कहा, "हम नहीं चाहते कि बच्चे अपने करियर की शुरुआत नकल से करें। नकल से केवल नुकसान होगा और यह आपके करियर को बर्बाद कर सकता है। इसलिए इस रास्ते पर बिल्कुल मत जाइए।"

विज्ञापन
विज्ञापन

पूजा खेड़कर का दिया उदाहरण

बातचीत के दौरान उन्होंने पूर्व आईएएस प्रोबेशनर पूजा खेड़कर का मामला भी याद दिलाया, जिन्हें पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांग कोटे का गलत इस्तेमाल करने के कारण सेवा से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में भी आयोग “सबसे सख्त कार्रवाई” करता है।

पहचान सत्यापन और तकनीकी उपाय

डॉ. कुमार ने बताया कि नकल रोकने के लिए आधार को आवेदन प्रक्रिया से जोड़ा गया है और परीक्षा केंद्रों पर फेस ऑथराइजेशन सिस्टम लागू किया गया है। आयोग अब उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र डिजिलॉकर के जरिए लेने की योजना भी बना रहा है ताकि उनकी प्रामाणिकता बनी रहे।

उम्र और प्रयास की सीमा पर स्थिति

उन्होंने स्पष्ट किया कि आयु सीमा तय करने की कट-ऑफ तिथि बदलने या परीक्षा में प्रयासों की संख्या बढ़ाने-घटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव आयोग के पास नहीं है।

सीसैट (CSAT) पर स्पष्टीकरण

डॉ. कुमार ने बताया कि सीसैट (सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट) केवल क्वालीफाइंग पेपर है और इसके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते। उम्मीदवारों को केवल 33% अंक लाकर इसे पास करना होता है।

मुंबई डब्बावालों से तुलना कर समझाई कार्यप्रणाली

आयोग की जटिल कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने यूपीएससी की तुलना मुंबई के डब्बावालों से की। उन्होंने कहा, "हर साल 12 लाख से अधिक उम्मीदवार आवेदन करते हैं। 23 भाषाओं और 48 वैकल्पिक विषयों में परीक्षा होती है। प्रत्येक अभ्यर्थी को उसकी पसंद का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराना एक बेहद जटिल प्रक्रिया है, लेकिन जैसे डब्बावाले हर व्यक्ति तक उसका सही टिफिन पहुंचाते हैं, वैसे ही यूपीएससी भी हर उम्मीदवार को सही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता है।"

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed