UP Board Result 2020: बोर्ड का ऐतिहासिक परिणाम, जब 10वीं में 14.70 फीसदी और 12वीं में 30.30 फीसदी स्टूडेंट्स हुए थे पास
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UP Board Result: यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं परीक्षा के परिणाम 27 जून को दोपहर 12.30 बजे घोषित होंगे। इस साल परिणामों में देरी देश में हुए लॉकडाउन के कारण हुई। मूल्यांकन प्रक्रिया के बीच में रुक जाने से छात्रों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। लेकिन अब परिणाम जारी होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं। दो दिन बाद पता चलेगा कि इस साल राज्य में पास प्रतिशत कितना रहा। हर साल बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से अनुमान लगाया जाता है कि पिछले बीते सालों के मुकाबले इस साल छात्रों का प्रदर्शन कैसा रहा। लेकिन एक साल ऐसा भी था जब टॉपर्स को देखने के लिए आंखें तरस गईं। आगे पढ़ते हैं क्या था पूरा मामला...
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बात है साल 1992 की, जब यूपी के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह थे। उन्होंने उस वक्त बोर्ड परीक्षाओं के लिए बिना नकल की मुहिम नकल अध्यादेश चलाई थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि जो भी बोर्ड परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ा जाएगा उसे जेल भेज दिया जाएगा। उस साल राज्य में बिना नकल के परीक्षा हुई थी, जिसके फलस्वरूप राज्य में 50 फीसदी छात्र भी पास नहीं हो पाए थे। उस साल जो परिणाम सामने आए वो ऐतिहासिक नतीजे थे। साल 1992 में कक्षा 10वीं में 14.70 फीसदी और कक्षा 12वीं में 30.30 फीसदी छात्र-छात्राएं पास हो पाए।
यूपी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा छात्र माईरिजल्टप्लस की ऑफिशियल वेबसाइट पर सबसे पहले https://results.amarujala.com/ पर परिणाम देख सकते हैं।
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