शिक्षक भर्ती: सरकार ने मांगी वर्ष 2016 के बाद नियुक्त होने वाले सभी शिक्षकों की सूची
- प्राचार्यों व बेसिक शिक्षा अधिकारियों को देनी है सूची
- प्राचार्यों व अधिकारियों दोनों के हस्ताक्षर के साथ भेजनी है शिक्षकों की सूची
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्राथमिक स्कूलों में साल 2016 से नियुक्त हुए सभी प्रशिक्षु शिक्षकों की सूची उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मांगी गई है। बता दें कि प्रदेश में अक्टूबर 2016 के बाद से 72 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। अब निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इन सभी की सूची मांगी है। इस संबंध में परिषद ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों और बेसिक शिक्षा अधिकारिकों को पत्र लिखा है। रिपोर्ट के अनुसार, ये पत्र उन्हें 29 जुलाई 2019 को भेजे गए हैं।
ये भी पढ़ें : एक आसान सवाल जिसमें उलझ गए हैं लाखों लोग, क्या आपको पता है इसका जवाब
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में अवमानना के मामले के कारण सरकार अब इन सूचनाओं को लेकर काफी गंभीर हो गई है। इसी वजह से प्राचार्यों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों से ये सूचनाएं मांगी गई हैं। सरकार ने ये भी कहा है कि इन सूचनाओं पर प्राचार्यों व बेसिक शिक्षा अधिकारियों के हस्ताक्षर भी होने चाहिए।
ये भी पढ़ें : 40 साल बाद बदल रहा है बीएड का पाठ्यक्रम, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव
वहीं, एक अन्य मामले में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में उपस्थित होने वालों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसमें कोर्ट ने परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कलूों में विज्ञान और गणित विषयों के करीब 29 हजार सहायक अध्यापकों
की भर्ती में चयनित होने वालों की तीन महीने में जांच करने के आदेश दिए हैं। इसमें यह जांच की जाएगी कि इन उम्मीदवारों ने गणित और विज्ञान की पढ़ाई की भी है या नहीं।
ये भी पढ़ें : अच्छी खबर: अब कर सकेंगे चार साल का इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स, इसी सत्र से मिलेगा मौका
कमेंट
कमेंट X