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उत्तर प्रदेश: नकल पर सख्त हुई सरकार तो पांच लाख छात्रों ने छोड़ दी परीक्षा

Mon, 02 Sep 2019 04:05 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Mon, 02 Sep 2019 04:05 PM IST
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UP CM Yogi Adityanath said 5 lacs students left after cheating has been stopped in UP board Exams
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश में नकल रोकने के लिए सरकार सख्त हुई, तो पांच लाख छात्रों ने परीक्षा ही छोड़ दी। यह कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार पिछले दो सालों में राज्य में नकल मुक्त परीक्षाएं कराने में सफल हुई है। जब नकल रोकने के लिए सरकार ने अभियान शुरू किया गया था, उस समय हालात काफी चुनौतियों भरे थे।
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उन्होंने कहा कि, 'हमें प्राचार्यों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों से इस अभियान में पूरा सहयोग मिला। परीक्षा में नकल रोकने के लिए सरकार ने जो सख्ती की, उसके बाद करीब पांच लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दी। जांच के दौरान पाया गया कि इन परीक्षार्थियों का लक्ष्य सिर्फ गलत तरीके अपना कर दाखिला पाना था। हमने जब जांच कराई तो पता चला कि वे दूसरे राज्यों के थे। उनकी जगह मुन्ना भाई परीक्षा देते थे।'
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योगी आदित्यनाथ ने ये बातें डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एक सम्मान समारोह के दौरान कहीं। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के कुल 1,695 टॉप रैंकर्स छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।


उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ डिग्री पाना ही नहीं होना चाहिए, बल्कि अभ्यर्थी का सर्वांगीण विकास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ढाई साल पहले जब हम सत्ता में आए तो बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं। उत्तर प्रदेश को नकल का गढ़ माना जाता था। तब से ही हमने सुधार के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए। 

उन्होंने आगे कहा कि पहले प्रदेश में तीन महीने तक परीक्षा चलती रहती थी। फिर इतने ही महीनों बाद परिणाम आता था। महापुरुषों के नाम पर छुट्टियां भी खूब होती थीं। हमने सभी माध्यमिक स्कूलों में साइंस, मैथ्स और इंग्लिश के शिक्षक तैनात किए। अब 15 दिन परीक्षा होती है और करीब इतने ही दिन में परिणाम आ जाता है। इस बार पूरे देश में सबसे पहले यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित हुआ था।

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