UP Board Exam 2023: परीक्षा के दिनों में होती है घबराहट और बेचैनी तो आजमाएं एक्सपर्ट के बताए ये टिप्स
UP Board Exam 2023: बोर्ड परीक्षा में अब कुछ ही दिन का समय बचा है। ऐसे में छात्रों के सामने अब परीक्षा के दबाव को मैनेज करने की कठिन चुनौती है। ऐसे में एक्सपर्ट की ये सलाह उनके काम आएगी।
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UP Board Exam Stress Management Tips: यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने में अब कुछ ही दिनों का समय बाकी रह गया है। ऐसे में दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की प्री बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करवाई जा रही हैं, ताकि बोर्ड परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों को अपनी तैयारी को बेहतर करने के लिए एक और मौका मिल सके। मंडलीय मनोविज्ञान विभाग के अधिकारी डॉ. कुमार मंगलम ने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे केस आ रहे हैं, जहां पर विद्यार्थियों को तनाव या दबाव की वजह से तबीयत खराब हो रही है। ऐसे में विद्यार्थी दबाव लेने के बजाय यदि गंभीरता से प्री बोर्ड परीक्षा देंगे तो उनके लिए वार्षिक परीक्षाओं को देना आसान हो जाएगा।
केस संख्या एक
बिलारी निवासी कक्षा 10 के छात्र ने बताया कि जैसे-जैसे परीक्षा का समय नजदीक आ रहा है, उसे घबराहट और बेचैनी हो रही है। अक्सर उसका पेट खराब हो जाता है। पिछले वर्षों में भी यह समस्या रही है, लेकिन इस बार यह बढ़ रही है। इसकी वजह से उसके अच्छे अंक परीक्षा में नहीं आ पाते हैं।एक्सपर्ट के सुझाव
- परीक्षा की चिंता,तनाव और दवाब को ज्यादा महसूस न करें।
- जब भी मन परेशान हो तो अपने अभिभावकों या दोस्तों के साथ विचारों को साझा करें।
- प्री बोर्ड परीक्षा के दौरान आने वाले प्रश्नों को कई बार हल करें।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव को दूर करने के लिए योग करें।
- जंक फूड खाने के बजाय सुपाच्य और पौष्टिक भोजन करें।
केस संख्या दो
प्रकाश नगर निवासी कक्षा 10 के छात्र ने बताया कि उसने क्रिकेट बैट खरीदने के लिए घर से चुपचाप रुपये उठा लिए थे। अभिभावकों को पता चलने पर उसको बहुत डांट पड़ी। उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली, लेकिन फिर भी छोटी-छोटी बातों पर उसके पिता उसको चोर कह कर उसके छोटे भाई बहनों के सामने जलील करते हैं। इसकी वजह से वह अत्यधिक तनाव में है और उसकी परीक्षा की तैयारी पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
एक्सपर्ट के सुझाव
- एक छोटी सी गलती उसके व्यक्तित्व और भविष्य पर दुष्प्रभाव डाल सकती है।
- इसलिए भूल कर भी कभी ऐसी गलती न करें
- अभिभावकों को समझना चाहिए कि एक गलती की सजा बार-बार देने से बच्चे में नकारात्मकता, द्वेष और आक्रामकता की प्रवृत्ति विकसित हो सकती है।
- बच्चे के भविष्य के लिए सतर्कता रखना और उस पर पर्याप्त ध्यान देना भी अति आवश्यक है।
- अगर बच्चा गलती के बारे में सोचे बगैर वह पूरे मन से तैयारी करेगा और अच्छे अंक प्राप्त करेगा तो अभिभावक भी उसकी गलती को भुला देंगे।
केस संख्या तीन
रामपुर निवासी कक्षा 12 के छात्र ने बताया कि उसके दोस्त ने उसको अपने नोट्स दिखाए, जो उसने बाहर के विशेषज्ञ से मंगवाए थे। इसकी वजह से अब वह इस दुविधा में है कि वह अपने पुराने नोट्स से ही पढ़ाई करे या विशेषज्ञ द्वारा उपलब्ध करवाए गए नए नोट्स से तैयारी करे।एक्सपर्ट के सुझाव
- जो नोट्स उसने अपने स्कूल और कोचिंग शिक्षकों की मदद से बनाए हैं, वह बिल्कुल अलग हैं इसलिए वह बेहतर हैं।
- बहुत मेहनत से बनाए ये नोट्स काफी हद तक उसको याद भी हो चुके हैं,ऐसी स्थिति में परीक्षा से ठीक पहले नोट्स बदलना बहुत उचित नहीं रहेगा।
- यदि विशेषज्ञ के नोट्स में कुछ बिंदु ज्यादा अच्छे लग रहे हैं तो उनको अपने नोट्स में शामिल किया जा सकता है।
- इससे नोट्स की गुणवत्ता भी बढ़ जाएगी। वहीं उसको नए सिरे से तैयारी भी नहीं करनी पड़ेगी।
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