विश्वविद्यालय समाचार : टीकाकरण के साथ अक्तूबर से कैंसस खोलने की तैयारी, छात्रों को देनी होगाी जानकारी
- आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत अन्य विश्वविद्यालय के छात्रों को दाखिला आवेदन पत्र में वैक्सीन की देनी होगी जानकारी
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12वीं पास कर चुके सभी छात्रों को कोरोना वैक्सीन लगाने के साथ अक्तूबर से कैंपस खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को टीके की दो या फिर एक डोज लगी होनी अनिवार्य होगी। सितंबर तक स्नातक प्रोग्राम में पहले वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों का टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है ताकि अक्तूबर तक उन्हें कैंपस लाकर ऑफलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई से जोड़ा जा सके। सरकार का पूरा फोकस अर्थव्यवस्था के बाद शिक्षा क्षेत्र को पटरी पर लाना है, जिससे छात्रों के भविष्य को बचाया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वैश्विक महामारी कोरोना के चलते पिछले डेढ़ साल से सभी उच्च शिक्षण संस्थान बंद हैं। इन्हें खोलने की शुरुआत हो चुकी है। आईआईटी ने पीएचडी, मास्टर और बीटेक आखिरी वर्ष के छात्रों के लिए फिर से कैंपस खोल दिए हैं। हालांकि पहले चरण में ऐसे छात्रों को कैंपस आने की अनुमति दी गई है, जिनके यहां प्रैक्टिकल के लिए लैब और इंटरनेट या अन्य किसी कारण से घर में पढ़ाई का माहौल नहीं है। इसमें ऐसे छात्रों को आईआईटी स्वयं मुफ्त टीका लगवा रहा या फिर वे अपने घर से लगवा कर आ रहे हैं लेकिन कैंपस आने से पहले उन्हें टीका लगाने की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
तकनीकी संस्थान आवेदन पत्र में लेंगे टीके की जानकारी
आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत अन्य तकनीकी संस्थान पहले वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों से लिखित टीका लगने की जानकारी लेंगे। दाखिला आवेदन पत्र में उन्हें पहले टीके से लेकर दूसरे टीके की जानकारी देनी होगी। यदि किसी छात्र को पहले टीके के बाद दूसरा टीका नहीं लगा होगा तो संबंधित संस्थान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के टीकाकरण नियमों के तहत दूसरी डोज भी लगवाने में मदद करेगा।
सितंबर में ऑनलाइन तो अक्तूबर से ऑफलाइन कक्षाएं
आईआईटी समेत तकनीकी संस्थानों ने योजना तैयार की है कि सितंबर तक दाखिले के बाद पहले कुछ समय ऑनलाइन कक्षाओं से पढ़ाई करवाई जाए। इसके बाद अक्तूबर से धीरे-धीरे कर छात्रों को कैंपस में लाकर ऑफलाइन कक्षाओं से जोड़ा जाए। इससे पहले पिछले वर्ष कोरोना की पहली लहर के बाद आईआईटी, एनआईटी ने पूरी तरह दोनों सेमेस्टर ऑनलाइन पढ़ाने का फैसला लिया था।
यूजीसी और एआईसीटीई भी लेगी रिपोर्ट
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) भी जल्द ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से टीका लगवाने की पूरी रिपोर्ट लेने की तैयारी कर रहा है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में दाखिला आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जानकारी मांगी जाएगी कि कितने छात्रों ने वैक्सीन लगवा ली है। इसके बाद दाखिला आवेदन पत्र में नए छात्रों से टीके की जानकारी मांगी जाएगी।
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