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विश्वविद्यालय समाचार : डीटीयू में दो महीने पहले बीटेक का रिजल्ट जारी, पेश की नजीर

Sun, 27 Jun 2021 04:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 27 Jun 2021 04:54 AM IST
सार

  • लगातार दूसरे साल समय से पहले नतीजे जारी करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बना 
  • सालभर प्रोजेक्ट वर्क,असाइनमेंट, रिसर्च वर्क से मूल्यांकन के नंबर भी जोड़े गए  

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University News: B.Tech results released two months ago in DTU
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना के चलते शिक्षण संस्थान बंद होने के चलते वार्षिक परीक्षाओं में देरी हो रही है। इसके चलते उच्च शिक्षा से लेकर नौकरी ज्वाइन करने में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अभी तक वार्षिक परीक्षा के आधार पर ही रिजल्ट तैयार होता है।

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महामारी के ऐसे दौर में दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अन्य विश्वविद्यालयों के लिए नजीर है क्योंकि विश्वविद्यालय ने 2020-21 सत्र के तहत इंजीनियरिंग प्रोग्राम बी.टेक की फाइनल ईयर की परीक्षा कराने के साथ समय से पहले ही रिजल्ट भी जारी कर दिया है। 
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कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने अमर उजाला को बताया कि 15 से 17 जून के बीच रिजल्ट तैयार कर के छात्रों को सर्टिफिकेट दे दिया गया है। विश्वविद्यालय पिछले साल मध्य मार्च से ही बंद है। इस साल फरवरी-मार्च में अंतिम वर्ष के कुछ छात्रों को बुलाया गया लेकिन कोरोना की दूसरी लहर से पहले ही दिल्ली में सक्रमण दर बढ़ने पर उन्हें वापस भेज दिया गया।
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विश्वविद्यालय ऑनलाइन पढ़ाई के साथ मूल्यांकन, प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट, रिसर्च वर्क आदि के माध्यम से सालभर असेसमेंट करता रहता है। इसी के चलते समय से पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ ऑनलाइन ही वार्षिक परीक्षा का आयोजन कराया गया। इससे उच्च शिक्षा व रोजगार में जाने वाले युवाओं को लाभ होगा। 

नई शिक्षा नीति में किया गया प्रावधान : 
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत वार्षिक परीक्षा के साथ-साथ प्रोजक्ट वर्क, असाइनमेंट, रिसर्च वर्क के माध्यम से मूल्यांकन का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद छात्रों को किताबी ज्ञान की बजाय प्रैक्टिकल के साथ विषयों के बारे में जानकारी देना है। इससे ऐसी महामारी या अन्य किसी कारणों से समय से परीक्षा नहीं हो पाती है तो रिजल्ट जारी करने में आसानी होगी। 

आईपीयू में कल से शुरू होगा स्वास्थ्य सहायक सर्टिफिकेट कोर्स

गुरू गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय(आईपीयू) आगामी 28 जून से स्वास्थ्य सहायक कोर्स को शुरू करने जा रहा है। दो सप्ताह की समयावधि वाला कोर्स दिल्ली के सफदरजंग व हिंदूराव समेत नौ अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में दिल्ली सरकार की देखरेख में किया जाएगा। विश्वविद्यालय की पांच हजार सीटों के लिए पहले चरण में 500 आवेदकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न चरणों में अन्य आवेदकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बीते सप्ताह ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि संभावित तीसरी को देखते हुए दिल्ली में पांच हजार स्वास्थय कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जो डॉक्टरों व नर्स की मदद करेंगे। इसके लिए गत 17 जून से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। 

आईपीयू के वाइस चांसलर प्रो. महेश वर्मा ने शनिवार को वर्चुअल मीटिंग से कोर्स के विभिन्न पहलुओं को लेकर चर्चा की। इसमें विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिकल एंड पेरा मेडिकल साइंस के डीन डॉ. यतिश अग्रवाल, रजिस्ट्रार रवि दधिच व सभी नौ अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज के प्रमुख शामिल रहे। मीटिंग में तय किया गया है कि प्रत्येक एक संस्थान में पहले बैच में केवल 50 आवेदकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा केवल सफदरजंग अस्पताल में दो बैच शुरू किए जाएंगे। यानि पहले चरण में पहले आवेदन करने वाले केवल 500 आवेदकों को ही प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न चरणों के तहत अन्य आवेदक प्रशिक्षित होंगे।

वाइस चांसलर प्रो. महेश वर्मा ने कहा कि कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को देखते हुए उक्त कोर्स शुरू किया जा रहा है। आवेदकों को नर्सिंग, जीवनरक्षक, फर्स्ट एड होम केयर, ,सैंपल क्लेक्शन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व सिलेंडर संचालन आदि जैसी चीजों में प्रशिक्षित किया जाएगा। कोर्स पूरा होने पर आवेदकों को सर्टिफिकेट के साथ बीपी मशीन, थर्मामीटर व पल्स ऑक्सीमीटर युक्त मेडिकल किट भी दी जाएगी। वीसी ने कहा कि प्रशिक्षित युवा भविष्य में संभावित तीसरी लहर को देखते हुए नर्स व डॉक्टरों की मदद करेंगे। इन युवाओं को जरूरत के हिसाब से आपदा या महामारी में लगाया जाएगा। 

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