Budget 2025: केंद्रीय बजट से शिक्षा और रोजगार सेक्टर को क्या उम्मीदें? यहां जानें
बजट से उम्मीदें (Budget 2025): केंद्र सरकार के आगामी बजट से शिक्षा और रोजगार सेक्टर में कुछ नई पहल की उम्मीद की जा रही है। यह दोनों क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था, बल्कि आम नागरिक की जीवनशैली को भी प्रभावित करते हैं।
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आम बजट में देश के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भी उम्मीदें बंधी हैं। हालांकि मोदी सरकार ने शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पिछले सालों में लगातार बजट बढ़ाया है। 2024 में इस क्षेत्र को 1.48 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से सबसे अधिक 73,498 करोड़ रुपये स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को दिए गए।
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना से स्टूडेंट लोन
केंद्रीय बजट 2024 में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के लोन पर वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई थी। इस योजना को कैबिनेट ने 6 नवंबर 2024 को मंजूरी दे दी है और इसके लिए नया पोर्टल भी तैयार कर लिया गया है। इसके तहत छात्रों को बिना किसी गारंटर के एजुकेशन लोन मिलेगा और उन्हें लोन लेने के लिए कोई संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी, चाहे वह 1 लाख रुपये का लोन लें, 10 लाख का लें या उससे अधिक। इस योजना के तहत हर साल लगभग 22 लाख छात्र लोन के लिए पात्र होंगे।
वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन का फायदा
रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत मैकेनिज्म तैयार करने के वादे को सरकार पूरा कर रही है। छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए नवंबर 2024 में 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' (ONOS) नामक एक नई केंद्रीय योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का लाभ देश भर के लगभग 6300 सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों के 1.8 करोड़ छात्रों, फैकल्टी, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को मिलेगा। इसके लिए 6000 करोड़ रुपये का बड़ा बजट निर्धारित किया गया है।
सस्ती शिक्षा की मांग कर रहे छात्र
कई राज्यों के छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बजट को लेकर अपने सुझाव साझा किए है। उन्होंने कहा कि हम छात्र उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बजट में शिक्षा के क्षेत्र में हम छात्रों को केंद्रीय वित्त मंत्री के तरफ से विशेष उपहार मिले जो कि सस्ती दरों पर अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।
शिक्षा के लिए बजट आवंटन में बढ़ोतरी
कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए बजट आवंटन (Education Sector Budget) में वृद्धि हुई है। हालांकि, उभरते हुए रोजगार क्षेत्र और डिजिटल युग की मांगों को पूरा करने के लिए आवंटन को और बढ़ाने की आवश्यकता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रावधान न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वृद्धि के लिए भी आवश्यक है।शिक्षा का डिजिटलीकरण
2025 के केंद्रीय बजट में शिक्षा के डिजिटलीकरण पर ज्यादा जोर दिया जा सकता है। महामारी के बाद, ऑनलाइन शिक्षा (online education) का चलन बढ़ा है और उम्मीद की जा रही है कि सरकार डिजिटल शिक्षा के लिए बजट आवंटन को बढ़ाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई प्रयास किए गए हैं। इस बार केंद्रीय बजट में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को और प्रभावी बनाने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।रोजगार क्षेत्र में बजट से जुड़ी उम्मीदें (Employment Sector Budget)
- नौकरी के अवसर: रोजगार क्षेत्र में सुधार के लिए नए कार्यक्रमों और योजनाओं का एलान किया जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय बजट में छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए विशेष पैकेज दिए जाएंगे, जिससे अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकेंगे।
- स्वरोजगार को बढ़ावा: स्वरोजगार (self-employment) को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा नई नीतियां बनाई जा सकती हैं। छोटे व्यवसायों के लिए लोन और वित्तीय सहायता की सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं, जिससे बेरोजगारी कम हो सके।
- रोजगार के लिए नई योजनाओं की शुरुआत: नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए केंद्रीय बजट में नई योजनाओं की शुरुआत की जा सकती है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। इनमें रोजगार मेलों का आयोजन और नौकरी की विशेष ट्रेनिंग भी शामिल हो सकती है।
- स्टार्टअप्स के लिए मदद: स्टार्टअप्स और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इस साल के बजट में नई योजनाएं सामने आ सकती हैं। इससे नए उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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