{"_id":"5ef5c4be8ebc3e42b542a2f6","slug":"ugc-vice-chairman-says-we-should-not-make-our-education-system-automatic-as-technology-cannot-replace-teachers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UGC उपाध्यक्ष बोले- शिक्षा नहीं हो सकती स्वचलित, टीचरों को रिप्लेस नहीं कर पाएगी टेक्नोलॉजी","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
UGC उपाध्यक्ष बोले- शिक्षा नहीं हो सकती स्वचलित, टीचरों को रिप्लेस नहीं कर पाएगी टेक्नोलॉजी
Fri, 26 Jun 2020 03:19 PM IST
अवधेश कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: अवधेश कुमार
Updated Fri, 26 Jun 2020 03:19 PM IST
विज्ञापन
कोरोना और ऑनलाइन एजुकेशन
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूजीसी के उपाध्यक्ष डॉक्टर भूषण पटवर्धन ने एक वेबिनार में हिस्सा लेते हुए कहा कि हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को स्वचलित नहीं बनाना चाहिए क्योंकि टेक्नोलॉजी शिक्षकों को रिप्लेस नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण लोग सीखने के नए तरीकों को अपना रहे हैं लेकिन इससे हमारी शिक्षा प्रणाली स्वचलित नहीं होनी चाहिए। यूजीसी के उपाध्यक्ष IIHMR विश्वविद्यालय जयपुर द्वारा Heartful Leadership ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन एंड सपोर्टिंग सस्टेनेबिलिटी पर आयोजित एक वेबिनार के दौरान बोल रहे थे।
इस दौरान IIHMR विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि हमें अपनी मौजूदा शिक्षा प्रणाली को फिर से रणनीतिक बनाने की आवश्यकता है। क्योंकि वायरस के चलते छात्रों ने ऑनलाइन माध्यम को ज्यादा महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि इस नई ऑनलाइन प्रणाली के चलते निकट भविष्य में उनके मानसिक स्वास्थ्य में बाधा आ सकती है।
विज्ञापन
इस दौरान IIHMR विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि हमें अपनी मौजूदा शिक्षा प्रणाली को फिर से रणनीतिक बनाने की आवश्यकता है। क्योंकि वायरस के चलते छात्रों ने ऑनलाइन माध्यम को ज्यादा महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि इस नई ऑनलाइन प्रणाली के चलते निकट भविष्य में उनके मानसिक स्वास्थ्य में बाधा आ सकती है।
विज्ञापन
वहीं आईआईएम के निदेशक डॉ. डीपी गोयल ने शिलांग वेबिनार में भी कहा कि टीचर्स और पेरेंट्स पर शिक्षा के ऑनलाइन माध्यम को अपनाने का काफी दबाव है। उन्होंने कहा कि लेकिन अभी यह ट्रेनिंग के दौर में है। इसलिए मौजूदा शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए हमें अपने दॉष्टिकोण और मानसिकता में बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा मूल्य आधारित नहीं है तो फिर उसका कोई मतलब नहीं है।
बता दें कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के दौरान छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद होने के बाद छात्रों ने ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा लिया है। जानकारों का मानना है कि यह प्रणाली लंबे समय तक कामयाब नहीं है। वहीं अभी भी छात्रों को स्कूल कॉलेज नहीं खुलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। छात्र ठीक से परीक्षा की तैयारियां भी नहीं कर पाए हैं। वायरस के चलते आगे भी क्या स्थिति होगी इस पर भी अभी कुछ साफ नहीं है।
कमेंट
कमेंट X