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सवाल पर बवाल : परीक्षा में हिंदुत्व पर पूछा आपत्तिजनक प्रश्न, यूजीसी ने शारदा यूनिवर्सिटी को भेजा नोटिस

Mon, 09 May 2022 08:09 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 09 May 2022 08:09 PM IST
सार

Sharda University Exam Controversy: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सोमवार को शारदा यूनिवर्सिटी को भेजे गए नोटिस में परीक्षा के दौरान हिंदुत्व और नाजीवाद - फासीवाद के बीच समानता पर पूछे गए आपत्तिजनक प्रश्न के बारे में रिपोर्ट मांगी है।

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UGC seeks report from Sharda University on objectionable question about similarities between Hindutva and Fascism Nazism
University Grants Commission - फोटो : पीटीआई

विस्तार

Sharda University Exam Controversy: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी की परीक्षा में पूछे गए एक सवाल पर बवाल हो गया है। मामला यूजीसी तक भी पहुंच गया है। इसके बाद यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की ओर से शारदा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सोमवार को शारदा यूनिवर्सिटी को भेजे गए नोटिस में परीक्षा के दौरान हिंदुत्व और नाजीवाद - फासीवाद के बीच समानता पर पूछे गए आपत्तिजनक प्रश्न के बारे में रिपोर्ट मांगी है।  

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ऐसे सवाल पूछना हमारे देश की जनभावनाओं और मूल्यों के खिलाफ

उच्च शिक्षा नियामक ने ग्रेटर नोएडा स्थित इस निजी विश्वविद्यालय को विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट में यह बताने के लिए कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं। यूजीसी ने शारदा विश्वविद्यालय को एक नोटिस में कहा कि यह देखा गया है कि छात्रों ने सवाल पर आपत्ति जताई है और विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत भी दर्ज कराई है। 
यूजीसी ने कहा कि हमारा देश विविधता, समावेशिता और एकरूपता के लिए जाना जाता है और इस तरह के सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए थे। यह कहने की जरूरत नहीं है कि छात्रों से इस तरह का सवाल पूछना हमारे देश की जनभावनाओं और मूल्यों के खिलाफ है। 
 

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सोशल मीडिया में वायरल हुआ था राजनीति विज्ञान का पेपर 

शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा के बीए प्रथम वर्ष के राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) के पेपर में छात्रों से "हिंदुत्व-फासीवाद" के बारे में पूछा। सात अंकों के प्रश्न में लिखा है, "क्या आप फासीवाद/ नाजीवाद और हिंदू दक्षिणपंथी (हिंदुत्व) के बीच कोई समानता पाते हैं? तर्कों के साथ विस्तार से समझाएं।" प्रश्न पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद, यूनिवर्सिटी ने प्रश्न पत्र बनाने के दौरान शिक्षक के पूर्वाग्रह की संभावना को जांचने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था।   
 

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प्रश्न- पत्र सेट करने वाले संकाय सदस्य से मांगा जवाब

वहीं, विवाद को लेकर शनिवार को ही शारदा यूनिवर्सिटी की ओर से सफाई दी गई थी। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि समिति ने प्रश्न को आपत्तिजनक पाया है और मूल्यांकन के उद्देश्य से मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा इसे हटाया जा सकता है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्न- पत्र सेट करने वाले संकाय सदस्य को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।  
 

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