Assitant Professorship: यूजीसी ने क्यों बदला अपना निर्णय; पीएचडी पर फिर मिली नेट को वरीयता
UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए पीएचडी को अनिवार्य बनाने के अपने फैसले को पलट दिया है और कहा है कि पद पर सीधी भर्ती के लिए नेट, सेट और एसएलईटी जैसी परीक्षाएं न्यूनतम मानदंड होंगी।
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UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए पीएचडी को अनिवार्य बनाने के अपने फैसले को पलट दिया है और कहा है कि पद पर सीधी भर्ती के लिए नेट, सेट और एसएलईटी जैसी परीक्षाएं न्यूनतम मानदंड होंगी।
पीएचडी योग्यता वैकल्पिक
यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति के लिए पीएचडी योग्यता वैकल्पिक बनी रहेगी। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट), राज्य पात्रता परीक्षा (एसईटी) और राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (एसएलईटी) सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए सहायक प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम मानदंड होंगे।
2018 में, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश स्तर के पदों पर भर्ती के लिए मानदंड निर्धारित किए। इसने उम्मीदवारों को अपनी पीएचडी पूरी करने के लिए तीन साल का समय दिया और सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को 2021-22 शैक्षणिक सत्र से भर्ती के लिए मानदंड लागू करना शुरू करने के लिए कहा था।
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हालांकि, यूजीसी ने 2021 में विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसरों की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में पीएचडी की प्रयोज्यता की तारीख जुलाई 2021 से बढ़ाकर जुलाई 2023 कर दी। यह निर्णय कोविड महामारी के बीच आया, जिसके कारण शैक्षणिक संस्थानों के लंबे समय तक बंद रहने के कारण पीएचडी छात्रों का शोध कार्य रुक गया था।
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा था?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी 2021 में कहा था कि विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर के पद के लिए पीएचडी डिग्री अनिवार्य करना वर्तमान शिक्षा प्रणाली में "अनुकूल नहीं" है। क्योंकि पीएचडी धारकों की संख्या भी कम है और नेट सेट स्लेट आदि क्वालीफाई करना आसान है। उन्होंने कहा था कि हमारा मानना है कि सहायक प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी की आवश्यकता नहीं है। यदि अच्छी प्रतिभाओं को शिक्षण की ओर आकर्षित करना है तो यह शर्त नहीं रखी जा सकती। हां, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के स्तर पर इसकी आवश्यकता है। लेकिन एक सहायक प्रोफेसर के लिए पीएचडी शायद हमारे सिस्टम में अनुकूल नहीं है और इसीलिए हमने इसे सुधार लिया है।
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