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यूजीसी की नीति: चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में रिसर्च छात्रों को 40 क्रेडिट की इंटर्नशिप अनिवार्य, रोजगार से जोड़ने पर फोकस

Wed, 11 May 2022 05:34 AM IST
देव कश्यप सीमा शर्मा, नई दिल्ली।
सीमा शर्मा, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 11 May 2022 05:34 AM IST
सार

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के लिए पहली रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है। इसे ड्रॉफ्ट गाइडलाइन फॉर रिसर्च इंटर्नशिप विद फैकल्टी एंड रिसर्चर्स ऐट हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स / रिसर्च इंस्टी्टयूशन्स का नाम दिया गया है।
 

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UGC Policy Research students in four-year degree program 40 credits compulsory from Internship Focus on linking employment
UGC - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देशभर के विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शैक्षणिक सत्र 2022-23 से शुरू होने जा रहे चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में दूसरे से चौथे सेमेस्टर छात्रों को अनिवार्य रिसर्च इंटर्नशिप करनी होगी। चार वर्षीय डिग्री के पहला वर्ष पूरा होने पर कम से कम 10 क्रेडिट होने जरूरी हैं। इस प्रकार चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में 40 क्रेडिट होने चाहिए। जबकि चौथे वर्ष रिसर्च एरिया में रिसर्च क्षेत्र पर 10 क्रेडिट होने जरूरी होंगे।

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के लिए पहली रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है। इसे ड्रॉफ्ट गाइडलाइन फॉर रिसर्च इंटर्नशिप विद फैकल्टी एंड रिसर्चर्स ऐट हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स / रिसर्च इंस्टी्टयूशन्स का नाम दिया गया है।
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यूजीसी की पूर्व में जारी इंटर्नशिप पॉलिसी-2020 सामान्य प्रोग्राम के छात्रों के लिए लागू रहेगी। जबकि यह नई रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में रिसर्च क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले छात्रों के लिए होगी।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्चस्तरीय रिसर्च विशेषज्ञ समिति ने इस रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी को तैयार किया है। जल्द ही यूजीसी इस ड्रॉफ्ट रिसर्च पॉलिसी को राज्यों और विश्वविद्यालयों समेत रिसर्च संस्थानों को साझा करेगा। अभी तक आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत एआईसीटीई के इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेशनल प्रोग्राम के छात्र इंडस्ट्री में जाकर अपनी इंटर्नशिप करते थे, लेकिन रिसर्च एरिया के छात्रों के लिए कोई इंटर्नशिप पॉलिसी नहीं थी।

अब चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में रिसर्च एरिया के छात्र इंडस्ट्री के अलावा रिसर्च इंस्टीट्यूट, रिसर्च लैब, रिसर्च एंड डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट, किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज के रिसर्च प्रोफेसर के अधीनस्थ अपनी इंटर्नशिप कर सकेंगे।  इंटर्नशिप सभी रिसर्च क्षेत्र के छात्रों के लिए अनिवार्य होगी।इसमें एक हफ्ते में कम से कम 45 घंटे की रिसर्च को देने जरूरी होंगे। इस प्रकार कुल 10 हफ्तों में यह 450 घंटे होंगे। इसी के आधार पर सर्टिफिकेट और डिप्लोमा भी मिलेगा।

इनोवेशन और पेटेंट बढ़ाने पर फोकस
यूजीसी के अध्यक्ष प्रो.एम जगदीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में चौथे वर्ष रिसर्च पर भी काम होगा। इसी के तहत रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी तैयार की गई है। इसका मकसद रिसर्च से आम दिक्कतों का समाधान से लेकर देश हित में काम करना है। रिसर्च के चलते इनोवेशन और पेटेंट को बढ़ावा मिलेगा। रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी में इंडस्ट्री, रिसर्च एंड डेवलेपमेंट संस्थान, लैब से लेकर रिसर्च एरिया में काम करने वाले प्रोफेसर के अधीन भी इंटर्नशिप का प्रावधान किया जा रहा है।  रिसर्च, इनोवेशन, पेटेंट से उच्च शिक्षण संस्थानों की अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में भी सहायता मिलेगी। इसके अलावा रोजगार पर भी फोकस रहेगा।

उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध को मिलेगा बढ़ावा
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को एक समन्वित ऑनलाइन प्लेटफार्म ‘शोध चक्र’ की शुरूआत की। यूजीसी अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने बताया कि इस प्लेटफार्म पर शोधार्थियों की सुविधा के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इसके माध्यम से कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

यूजीसी के अंतर विश्वविद्यालय केंद्र सूचना व पुस्तकालय नेटवर्क ने शोध चक्र को तैयार किया है। अभी तक कोई ऐसा समर्पित प्लेटफार्म नहीं था, जहां शोध के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा पूरा ब्योरा उपलब्ध हो। ऐसे में शोध चक्र प्लेटफार्म का लाभ न केवल शोधार्थी, बल्कि पर्यवेक्षकों, गाइड व विश्वविद्यालयों को भी होगा। इस प्लेटफार्म की शुरुआत यूजीसी के 14 मार्च को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है, जिसमें सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों में शोध व विकास प्रकोष्ठ स्थापित करने को कहा गया था।


इस प्लेटफार्म पर शोधार्थियों के लिए साहित्य व शोध सामग्री की समीक्षा करने से लेकर शोध पत्र (थीसिस) प्रस्तुत करने तक सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इस प्लेटफार्म पर ज्ञान संसाधन के रूप में वीडियो व लिखित रूप में सामग्री भी है। । फिलहाल अभी यहां 3.5 लाख से अधिक शोध पत्र से जुड़ी सामग्री उपलब्ध है।

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