UGC: बालासोर छात्रा आत्मदाह पर यूजीसी सख्त, जांच के लिए गठित की चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति
UGC: यूजीसी ने बालासोर में कॉलेज परिसर में छात्रा द्वारा की गई आत्मदाह की गंभीर घटना की जांच के लिए एक तथ्यान्वेषी समिति गठित की है। यह जानकारी यूजीसी सचिव सुदीप जैन ने दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
UGC: ओडिशा के बालासोर में कॉलेज परिसर में एक छात्रा द्वारा आत्मदाह की दुखद घटना के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, जो मामले की पूरी जांच करेगी।
फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज, बालासोर की 20 वर्षीय बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शिक्षा विभाग की प्रमुख समीरा कुमार साहू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
प्रोफेसर के खिलाफ कथित निष्क्रियता से आहत छात्रा ने शनिवार को कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली और 95 प्रतिशत तक जल गई। लगभग 60 घंटे तक जीवन-मौत से जूझने के बाद सोमवार रात एम्स, भुवनेश्वर में उसकी मौत हो गई।
यूजीसी ने बनाई चार सदस्यीय जांच समिति
यूजीसी सचिव सुदीप सिंह जैन ने कहा, "घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए चार सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है, जिसमें संस्थागत नीतियों, शिकायत निवारण तंत्र, अपनाए गए उत्पीड़न विरोधी उपायों और छात्र सहायता प्रणालियों जैसे कारकों की उपलब्धता और प्रभावशीलता शामिल है।"
उन्होंने कहा, "पैनल घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेगा, निर्धारित नियामक प्रावधानों के अनुपालन का आकलन करेगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय सुझाएगा।"
इस समिति की अध्यक्षता गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और यूजीसी सदस्य राज कुमार मित्तल करेंगे। समिति के सदस्यों में पूर्व यूजीसी सदस्य सुषमा यादव, गुजरात विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति नीरजा गुप्ता और यूजीसी की संयुक्त सचिव आशिमा मंगला शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
ओडिशा के बालासोर स्थित फकीर मोहन स्वायत्तशासी महाविद्यालय में यौन उत्पीड़न से आहत होकर आत्मदाह करने वाली छात्रा की मौत हो गई थी। उसने सोमवार देर रात एम्स भुवनेश्वर में अंतिम सांस ली थी। छात्रा को 95 प्रतिशत जली अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहां तीन दिनों तक इलाज चला, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका था।
इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहरा शोक जताया था। उन्होंने छात्रा के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। छात्रा की मौत के बाद पूरे राज्य में शोक और आक्रोश का माहौल बना था।
कमेंट
कमेंट X