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Hindi News ›   Education ›   Tripura University's ex-VC Arunoday Saha gets Padma Shri for literature, education

Award: त्रिपुरा विवि के अरुणोदय साहा को साहित्य और शिक्षा के लिए पद्म श्री से किया गया सम्मानित, पढ़ें विवरण

Sun, 26 Jan 2025 09:44 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sun, 26 Jan 2025 09:44 AM IST
सार

Padma Shri Award: त्रिपुरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अरुणोदय साहा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अर्थशास्त्र में अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बावजूद, साहा को हमेशा से साहित्य के प्रति जुनून रहा है।

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Tripura University's ex-VC Arunoday Saha gets Padma Shri for literature, education
Padma Shri Award 2025 - फोटो : x.com/DrManikSaha

विस्तार

Padma Shri Award 2025: त्रिपुरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अरुणोदय साहा, जिनके नाम की घोषणा शिक्षा में उनके योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार के लिए की गई, ने कहा कि वह अर्थशास्त्र के छात्र थे लेकिन साहित्य उनके खून में है।

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चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार के लिए चुने जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उनके साहित्यिक कार्यों को अंततः मान्यता मिल गई है।

उन्होंने शनिवार को मीडिया से कहा, "इस साल पद्म श्री पुरस्कार विजेताओं की सूची में अपना नाम देखकर मैं बहुत खुश हूं। अमेरिका के एक सरकारी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी करने के बावजूद साहित्य मेरे खून में है। यह अच्छी बात है कि मेरे साहित्यिक कार्यों का मूल्यांकन किया गया और अंततः उसे मान्यता दी गई। मैं उन लोगों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना है।"
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मुख्यमंत्री माणिक साहा ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, "त्रिपुरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अरुणोदय साहा जी को साहित्य और शिक्षा में प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई।"
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साहा ने यह भी लिखा, "यह सुयोग्य सम्मान शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करता है। एक प्रसिद्ध शिक्षाविद और लेखक के रूप में उनके योगदान ने अनगिनत व्यक्तियों को प्रेरित किया है।"

राज्य के संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ ने भी साहा को प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किये जाने पर बधाई दी।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "साहित्य और शिक्षा में प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रोफेसर साहा को बधाई। मैं त्रिपुरा को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी आभार व्यक्त करता हूं।"


1948 में त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के बिशालगढ़ में जन्मे प्रोफेसर साहा ने एक स्कूल शिक्षक से लेकर एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति तक का लंबा सफर तय किया है।

प्रोफेसर साहा, जिन्होंने 10 पुस्तकें लिखी हैं, को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 2023 में त्रिपुरा विभूषण पुरस्कार दिया जाएगा।

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