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तमिलनाडु : व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 7.5 फीसदी आरक्षण विधेयक पेश
Thu, 26 Aug 2021 01:26 PM IST
देवेश शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Thu, 26 Aug 2021 01:26 PM IST
सार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार, 26 अगस्त को राज्य विधानसभा में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 7.5 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए एक विधेयक पेश किया है।
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Tamil Nadu Chief Minister MK Stalin
- फोटो : Social Media
विस्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार, 26 अगस्त को राज्य विधानसभा में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 7.5 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए एक विधेयक पेश किया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को विधानसभा में बिल पेश किया जिसमें इंजीनियरिंग, कृषि, मत्स्य पालन और कानून जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सरकारी स्कूल के छात्रों को 7.5 फीसदी आरक्षण के विस्तार की अनुमति दी गई है।
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बता दें कि इस महीने की शुरुआत में हुई कैबिनेट की बैठक में, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने निर्णय की घोषणा की थी कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्हाेंने उल्लेख किया था कि आगामी बजट सत्र के दौरान इस संबंध में कानून पेश किया जाएगा। बिल पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बेहद कम संख्या में छात्र प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिला ले पाते हैं। इस विषमता को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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Tamil Nadu Chief Minister MK Stalin introduced a bill in State Assembly to provide 7.5% reservation to students from government schools in professional courses. pic.twitter.com/BRcUv4UMjq
— ANI (@ANI) August 26, 2021
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विधेयक को पेश करने के बाद विधानसभा में बोलते हुए स्टालिन ने कहा कि गरीब पारिवारिक पृष्ठभूमि और जागरूकता की कमी के कारण सरकारी स्कूलों के बहुत कम छात्र व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं। स्टालिन ने याद किया कि कैसे 2006 में तत्कालीन द्रमुक सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा रद्द कर दी थी। स्टालिन ने कहा, सरकारी स्कूल के छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने में कई कठिनाइयां होती हैं। उन्हें निजी स्कूलों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।
वहीं, विपक्षी दल अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने भी विधेयक का स्वागत किया। विपक्ष के नेता एके पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक का स्वागत करती है। इस बिल के सदन में सर्वसम्मति से पारित होने की उम्मीद है। सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए विशेष आरक्षण का निर्णय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) डी मुरुगेसन समिति की सिफारिश पर आधारित था, जिसे डीएमके सरकार द्वारा 15 जून को गठित किया गया था।
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