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अब मदरसों में यह विषय भी पढ़ाया जाएगा, 7 मार्च को लगेगी अंतिम मोहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 04 Mar 2018 10:45 PM IST
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मदरसा
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नए शिक्षा सत्र से मदरसों के पाठ्यक्रम में यह विषय भी जुड़ गया है। जानिए कौन सा है ये विषय...
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मदरसों के पाठ्यक्रम में कंप्यूटर साइंस नए विषय के रूप में पहली बार पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही संस्कृत ऐच्छिक विषय के रूप में मदरसा पाठ्यक्रम में शामिल होगा। इस संबंध में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड की समितियों की बैठक में फैसला हो चुका है।
इस पर 7 मार्च को बोर्ड की बैठक में अंतिम मोहर लगेगी। मदरसों में अभी तक कंप्यूटर टाइपिंग बच्चों को सिखाई जाती रही है। अब विषय के रूप में यह पढ़ाया जाएगा। वर्ष-2000 में राज्य का गठन होने के बाद से प्रदेश के मदरसों में कंप्यूटर साइंस विषय के रूप में शामिल नहीं रहा है। केंद्र की योजनाओं के तहत मदरसों में कंप्यूटर तो दे दिए, लेकिन इनका इस्तेमाल छात्रों को टाइपिंग सिखाए जाने तक ही रहा है।
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छात्र ऐच्छिक विषय के रूप में भी पढ़ सकते संस्कृत
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पिछले दिनों बोर्ड की समितियों की बैठक में कंप्यूटर साइंस को विषय के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया। बोर्ड की मोहर लगने के बाद अगले शैक्षिक सत्र से इसे लागू किया जाना है। इसके साथ ही छात्र ऐच्छिक विषय के रूप में संस्कृत को भी पढ़ सकते हैं।
मदरसा बोर्ड में नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार बोर्ड की बैठक होने जा रही है। इसमें समितियों की बैठक में लिए निर्णयों की समीक्षा की जानी है। किसी बाहरी राजनीतिक व्यक्ति को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने का प्रावधान समाप्त होने के बाद अब बोर्ड के निदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में बोर्ड की बैठक लेंगे। बोर्ड की बैठक में बजटीय प्रावधानों के संबंध में भी चर्चा की जाएगी।
मदरसा बोर्ड में नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार बोर्ड की बैठक होने जा रही है। इसमें समितियों की बैठक में लिए निर्णयों की समीक्षा की जानी है। किसी बाहरी राजनीतिक व्यक्ति को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने का प्रावधान समाप्त होने के बाद अब बोर्ड के निदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में बोर्ड की बैठक लेंगे। बोर्ड की बैठक में बजटीय प्रावधानों के संबंध में भी चर्चा की जाएगी।
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