DU: अब डीयू के प्रत्येक पीजी प्रोग्राम में एकल बालिका का होगा कोटा, एक सीट कोटे के तहत होगी आरक्षित
Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय में अब स्नातक की तरह स्नातकोत्तर स्तर पर भी एकल बालिका का कोटा होगा। प्रस्ताव को डीयू की कार्यकारी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) की बैठक में मंजूरी दी गई।
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Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय में अब स्नातक की तरह स्नातकोत्तर स्तर पर भी एकल बालिका का कोटा होगा। प्रत्येक स्नातकोत्तर प्रोग्राम में एक सीट एकल बालिका के लिए अतिरिक्त कोटे के तहत आरक्षित होगी। इसके प्रस्ताव को डीयू की कार्यकारी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) की बैठक में मंजूरी दी गई।
बैठक में तय किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए पीएचडी दाखिले के दूसरे चरण के लिए जून 2024 और दिसंबर 2024 के यूजीसी नेट स्कोर पर भी विचार किया जाएगा।
पीएचडी दाखिले में नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। ईसी ने निर्णय लिया कि पीएचडी प्रवेश में पिछले दौर के प्रवेश की तुलना में 20-25 फीसदी सीटों की वृद्धि होनी चाहिए। बैठक में सेंट स्टीफंस से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए कमेटी का गठन किया गया। कुलपति प्रो. योगेश की अध्यक्षता में मुद्दों को पारित किया गया।
बैठक में सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री एवं डीयू में शिक्षक रहे डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डीयू और सेंट स्टीफंस कॉलेज के बीच संचार स्थापित करने के लिए कॉलेज की प्रबंध समिति में डीयू के प्रतिनिधि एवं डीयू के अंग्रेजी विभाग के प्रमुख प्रो. अनिल कुमार अनेजा को अधिकृत किया गया है। साथ ही कुलपति ने कार्यकारी परिषद के दो सदस्यों अमन कुमार व राजपाल को भी कमेटी में शामिल किया है।
कॉर्पोरेट घरानों के नाम पर डीयू में छात्रवृति की अनुमति
डीयू कार्यकारी परिषद की बैठक में पारित किया गया कि सरकारी संस्थाओं, ट्रस्टों, कॉर्पोरेट घरानों, सार्वजनिक उपक्रमों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ-साथ व्यक्तिगत आधार पर छात्रवृत्ति की स्थापना की अनुमति होगी। संस्थान छात्रवृत्ति, पुरस्कार और पूंजीगत संपत्तियों को दान के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों को बैठक में पारित कर दिया।
किसी भी छात्रवृत्ति की स्थापना के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि 10 वर्ष की अवधि के लिए 5 लाख रुपये और 20 वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये होगी। इसकी स्थापना के समय छात्रवृत्ति राशि का 2 फीसदी दिल्ली विश्वविद्यालय बंदोबस्ती निधि में स्थानांतरित किया जाएगा।
छुट्टी के दिन काम करने पर मिलेगा अधिक मानदेय
डीयू में काम के लिए देर तक रुकने और शनिवार-बंद दिनों में काम करने पर शुल्क में संशोधन को भी बैठक में मंजूरी मिली है। इस तरह से अब कार्य दिवसों में सुबह 7:30 बजे से पहले रिपोर्ट करने और शाम 7:30 बजे के बाद छोडऩे और शनिवार अथवा बंद दिनों में 5 घंटे से अधिक काम करने पर एक वर्ष में 60 दिनों से अधिक के लिए मानदेय में बढ़ोतरी हुई है। अब ग्रुप ए ऑफिसर को देर तक रुकने के लिए 400 रुपए और छुट्टी के दिन काम करने के लिए 800 रुपए का भुगतान किया जाएगा। ग्रुप बी के कर्मचारी के लिए यह राशि क्रमश: 300 और 600 जबकि ग्रुप सी (ड्राइव) को 250 और 500 रुपये की राशि का भुगतान होगा।
नये मानदेय ढांचे के अंतर्गतः
- ग्रुप ए के अधिकारियों को देर तक बैठने पर 400 रुपये तथा शनिवार/बंद दिन पर काम करने पर 800 रुपये मिलेंगे।
- ग्रुप बी के अधिकारियों को क्रमशः 300 रुपये और 600 रुपये मिलेंगे।
- ग्रुप सी के अधिकारियों (ड्राइवरों सहित) को क्रमशः 250 रुपये और 500 रुपये मिलेंगे।
रेलवे अस्पताल में डीयू कर्मचारियों को भी मिलेंगी चिकित्सा सुविधाएं
अब डीयू एवं इसके कॉलेजों के सभी कर्मचारियों को उत्तर रेलवे अस्पताल में भी सीजीएचएस दरों पर प्रतिपूर्ति के आधार पर ओपीडी, डायग्नोस्टिक ऑपरेटिव सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए नई दिल्ली स्थित उत्तर रेलवे अस्पताल से मिले प्रस्ताव को परिषद ने मंजूरी प्रदान की है।
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