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NDA: वो पांच एनडीए अधिकारी जिन्होंने अपने शौर्य व पराक्रम से रचा इतिहास

Fri, 26 Jun 2020 01:43 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Fri, 26 Jun 2020 01:43 PM IST
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The five NDA officers who created history with their  Gallantry and  courage
वीके सिंह और संदीप उन्नीकृष्णन  - फोटो : सोशल मीडिया

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है। पिछले कई सालों इस संस्थान ने कई बेहतरीन अधिकारियों को तैयार किया है जिन्होंने देश के लिए अभूतपूर्व योगदान देते हुए अपना नाम रोशन किया है।  एनडीए, ऊंची शारीरिक क्षमता व मजबूत मनोस्थिति वाले अधिकारियों का निर्माण करता है जो कि मुश्किल परिस्थितियों को भी आसानी से सम्भाल सकते हैं। यहां पर एक युवा का एक प्रथम वर्ग के ऑफिसर के रूप में परिवर्तन होता है। 

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आज हम आपको बताने जा रहे हैं एनडीए के उन पांच ऑफिसर के बारे में, जिन्होंने अपने शौर्य से भारत के स्वर्णिम इतिहास में स्थान प्राप्त किया है। 

राकेश शर्मा 
साल 1949 में जन्में राकेश शर्मा ने साल 1966 में एयर फोर्स कैडेट के रूप में एनडीए ज्वाइन किया था। उसके बाद उन्होंने साल 1970 में एक टेस्ट पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना को ज्वाइन किया। 14 वर्ष  की नौकरी के बाद साल 1984 में उन्हें स्क्वाड्रन लीडर बनाया गया और उसी साल उन्होंने इतिहास में अपना नाम भी दर्ज कराया। साल 1984 में उनका चयन पहले भारतीय ऐस्ट्रोनॉट के रूप में हुआ और इसी के साथ राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने।
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इन्होंने सोवियत स्पेस क्राफ्ट सैल्यूट 7 के पर अंतरिक्ष की यात्रा की। अंतरिक्ष से राकेश शर्मा और तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के बीच हुई बातचीत आज भी याद की जाती है, जब प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा की अंतरिक्ष से भारत कैसा दिख रहा है और उनका उत्तर था कि “सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा”। अंतरिक्ष से वापस आने पर उन्हें ‘हीरो ऑफ सोवियत यूनियन’ व भारत सरकार द्वारा उन्हें ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया। 
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विजय कुमार सिंह 
देश के सबसे चर्चित सैन्य अधिकारियों में से एक जनरल वीके सिंह का जन्म साल 1951 में हुआ था। एक सैनिक परिवार में पले बढ़े जनरल वीके सिंह को बचपन से ही देश सेवा की शिक्षा मिलती रही। उनके भाई, पिता व दादा तीनों ने इंडियन आर्मी में अपनी सेवा दी है। एनडीए ज्वाइन करने के पहले वो एनसीसी का भी हिस्सा रह चुके थे। इंडियन आर्मी में काम करने वाले जनरल वीके सिंह की पहली पसंद भारतीय वायु सेना थी लेकिन उनके पिता की सिफारिश पर उन्हें भारतीय थल सेना में भेजा गया। साल 1970 में भारतीय सेना ज्वाइन करने के बाद जनरल वीके सिंह साल 2012 में भारतीय सेना की नौकरी से मुक्त हुए लेकिन देश सेवा के भाव से नहीं। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और वर्तमान समय में मोदी सरकार में मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर एक्सटर्नल अफेयर्स के मंत्री हैं।  


संदीप उन्नीकृष्णन 
मेजर संदीप उन्नीकृष्णन का नाम एनडीए के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से अंकित है। साल 1977 में एक मलयाली परिवार में जन्में मेजर उन्नीकृष्णन हमेशा से ही भारतीय सेना ज्वाइन करना चाहते थे। अपने इसी दृढ़ निश्चय के साथ साल 1995 में इन्होंने एनडीए में दाखिला लिया। साल 2007 में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) के स्पेशल ऐक्शन ग्रुप में इनका चयन हुआ। आपको बता दें कि भारत के कमांडो एनएसजी के सैनिकों को ही कहा जाता है। मुंबई पर हुए 26/11 आतंकवाद हमले के दौरान ताज होटल से नागरिकों को बचाते समय संदीप वीरगति को प्राप्त हुए। जिसके बाद इन्हें सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। 

 
अनुज नय्यर 
कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन अनुज नय्यर के पराक्रम ने उन्हें भारत के इतिहास में अमर कर दिया। आर्मी पब्लिक स्कूल धौला कुंआ के मेधावी छात्रों में से एक कैप्टन अनुज नय्यर बचपन से ही पढ़ाई के साथ साथ खेल में भी काफी अच्छा प्रदर्शन करते थे। साल 1997 में एनडीए में दाखिला लेने के बाद इनका जाट रेजीमेंट में नामांकन हुआ। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान इन्होंने अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए 9 पाकिस्तानी सैनिकों को मारा। अपनी इसी वीरता के लिए उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। 


राज्यवर्धन सिंह राठौर 
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर का नाम भारतीय खेल जगत में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। इनके पास भारत को ओलम्पकि खेलों में पहला व्यक्तिगत रजत पदक दिलाने का कीर्तिमान है। एनडीए से ग्रजूएट होने के बाद इन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन किया। जिसके दौरान इन्हें सिख रेजीमेंट गोल्ड मेडल और स्वार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। साल 2013 में वो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए, जिसके बाद उन्होंने भारतीय राजनीति में कदम रखा। मोदी सरकार के पहले कैबिनेट में इन्होंने सूचना एवं प्रसारण राज मंत्री का कार्यभार संभाला। वर्तमान मे ये जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। 

इसके अलावा अनेक एनडीए ऑफिसर ने भारतीय इतिहास में अपने पराक्रम से एक अलग पहचान बनाई है। अगर आप भी एनडीए ज्वाइन करना चाहते हैं तो जुड़े Safalta.com से और बनाएं अपनी अलग पहचान।


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