दसवीं बोर्ड : गणित का परिणाम तैयार करने में आ रही उलझन दूर, सीबीएसई ने दिया सुझाव
- स्कूलों को दसवीं के बेसिक गणित व स्टैंडर्ड गणित का रिजल्ट तैयार करने में आ रही थी दिक्कत
- सीबीएसई ने दूर की उलझन
- बोर्ड बदलने वाले स्कूलों के लिए अलग नियामवली तैयार की जाएगी
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा रद्द होने के बाद बोर्ड ने स्कूलों को रिजल्ट तैयार करने को कहा है। कई स्कूलों को दसवीं के बेसिक गणित व स्टैंडर्ड गणित के रिजल्ट तैयार करने में दिक्कतें आ रही हैं। दरअसल बेसिक व स्टैंडर्ड गणित को वर्ष 2020 से लागू किया गया है लेकिन रिजल्ट तैयार करने के लिए स्कूलों को 2019-20 के पहले के भी रेफरेंस वर्ष मिले हैं।
सीबीएसई ने दसवीं के गणित के रिजल्ट तैयार करने में आ रही परेशानियों को देखते हुए स्कूलों की उलझन दूर की है। बोर्ड ने स्कूलों के लिए कुछ एफएक्यूज (लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न) जारी किए हैं। वहीं कई स्कूलों की उलझन यह भी है कि उन्होंने बोर्ड बदला है। इस साल उनका दसवीं का पहला बैच है। ऐसे में बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड बदलने वाले स्कूलों के लिए अलग से नियमावली जारी की जाएगी।
सीबीएसई की ओर से जारी एफएक्यूज में बोर्ड ने गणित के रिजल्ट तैयार करने केहल सुझाए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि 2019-20 को बेसिक गणित के लिए बेस ईयर के रुप में लिया जाएगा। ऐसे में जिन भी स्कूलों का रेफरेंस ईयर 2019-20 से पहले का है उनकेलिए बोर्ड ने दो विकल्प सुझाए हैं। पहला 2019-20 में बेसिक गणित के औसत के आधार पर 2020-21 के रिजल्ट केलिए बेसिक गणित के अंक की गणना होगी।
वहीं स्टैंडर्ड गणित के अंक इस तरह से दिए जाएंगे जिससे कि 2020-21 केबेसिक व स्टैंडर्ड गणित का समग्र औसत रेफरेंस ईयर के गणित केकुल औसत केसमान हो। जबकि दूसरा विकल्प है कि 2020-21 के बेसिक व स्टैंडर्ड गणित केसमग्र औसत अंकों को एक साथ लिया जाएगा जो कि रेफरेंस ईयर के औसत तक हो।
औसत परिणाम का ले सकते हैं सहारा
सीबीएसई का कहना है कि विद्यार्थियों की संख्या केआधार पर औसत निकालना होगा। स्कूलों को यह ध्यान देना होगा कि रेफरेंस ईयर केऔसत से 2020-21 का औसत अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं स्कूलों ने बोर्ड से पूछा है कि यदि कोई स्कूल किसी अन्य स्टेट बोर्ड से अलग होकर सीबीएसई बोर्ड में आया हो और इस साल उनका दसवीं का उनका पहला बैच हो तब स्कूलों को कैसे रिजल्ट केलकुलेट करना है? इस पर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अन्य बोर्ड से अलग होकर सीबीएसई में शामिल होने वाले स्कूल पुराने बोर्ड के बीते साल के रिजल्ट औसत केमाध्यम से तैयार किया जा सकता है।
इसकेलिए अलग से नियमावली जारी की जाएगी। ऐसे स्कूलों को इस नियमावली के अनुसार ही कार्य करने के निर्देश दिए जाएंगे। तब तक स्कूलों को इंतजार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बोर्ड ने रिजल्ट तैयार करने में आ रही दिक्कतों को लेकर स्कूलों की शंकाओं का समाधान करने के लिए एफएक्यूज जारी किए थे।
पत्राचार विद्यालय में प्रैक्टिकल 16 जून से
दिल्ली के पत्राचार विद्यालयों में पढने वाले बारहवीं के बच्चों की ऑनलाइन प्रैक्टिकल परीक्षाएं 16 जून से शुरु होंगी। पत्राचार विद्यालय की ओर से इन प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल जल्द ही जारी किया जाएगा। परीक्षा केसंबंध में सभी सूचनाएं विद्यालय केदाखिला फॉर्म में दिए गए पंजीकृत नंबर पर भी ही भेजी जाएंगी। ऐसे में विद्यालय ने विद्यार्थियों को इस नंबर को चालू रखने की सलाह दी है।
सीबीएसई ने हाल ही में स्कूलों में बच्चों प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट(आंतरिक मूल्यांकन) ऑनलाइन मोड में आयोजित करने को कहा है। सीबीएसई के निर्देशों के बाद स्कूलों ने इसकी तैयारी शुरु कर दी है। स्कूलों कों प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट, आंतरिक मूल्यांकन के अंक 28 जून तक बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराए गए लिंक पर अपलोड करने हैं।
दरअसल कोरोना महामारी के कारण देशभर में सीबीएसई के कई स्कूल विभिन्न विषयों में स्कूल आधारित मूल्यांकन पूरा नहीं कर पाए हैं। तो कहीं प्रैक्टिकल परीक्षाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। ऐसे में पत्राचार विद्यालय ने विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा पूर्व सूचना जारी की है।
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