{"_id":"617adc6a259b7f6b5d0915e8","slug":"tamilnadu-cm-mk-stalin-opposed-the-new-education-policy-2020-said-state-will-make-its-own-policy","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमिलनाडु: सीएम एमके स्टालिन ने किया नई शिक्षा नीति 2020 का विरोध, बोलें- अपनी खुद की नीति बनाएंगे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तमिलनाडु: सीएम एमके स्टालिन ने किया नई शिक्षा नीति 2020 का विरोध, बोलें- अपनी खुद की नीति बनाएंगे
Thu, 28 Oct 2021 10:53 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Thu, 28 Oct 2021 10:53 PM IST
सार
तमिलनाडु: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में बनाई गई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 1986 में ड्राफ्ट हुई थी और 1992 में इसमें संशोधन किया गया था। लगभग 34 साल बाद 2020 में इसमें कई अहम व महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
विज्ञापन
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा है कि राज्य में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 नहीं लागू की जाएगी। सीएम स्टालिन ने यह बयान राज्य में इल्लम थेडी काल्वी (शिक्षा आपके द्वार) योजना को लागू करते हुए कही। सीएम स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार एक राज्यस्तरीय कमेटी का गठन करेगी, यह कमेटी राज्य के लिए अलग से खुद की शिक्षा नीति तैयार करेगी।
विज्ञापन
तमिलनाडु में साल 2020 से ही लगातार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विरोध जारी है। शिक्षा नीति 2020 में तीन भाषा का प्रावधान होना इसकी मुख्य वजह बताई जाती है। तमिलनाड़ु सरकार राज्य में दो भाषा (तमिल और अंग्रेजी) की नीति लेकर चलना चाहती है। राज्य के तत्कालीन सीएम पलानीसामी ने भी इस नीति का विरोध किया था।
विज्ञापन
दरअसल केंद्र सरकार ने साल 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) को मंजूरी दी थी। इस दौरान मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया था। इस नीति में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ही नियामक रखने और एमफिल को खत्म करने का फैसला किया गया था। डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी मंच (NETF) बनाने की भी योजना तैयार की गई थी।
विज्ञापन
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में बनाई गई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 1986 में ड्राफ्ट हुई थी और 1992 में इसमें संशोधन किया गया था। लगभग 34 साल बाद 2020 में इसमें कई अहम व महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
जानिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में कुछ अहम बिंदुओं के जरिए
1. मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय
2. स्कूलों के लिए 10+2 की जगह 5+3+3+4 फॉर्मूला
3. शिक्षा पर सरकारी खर्च 4.43% से बढ़ाकर जीडीपी का 6 % का लक्ष्य है।
4. ग्रेजुएशन में 3-4 साल की डिग्री व एमफिल की अनिवार्यता खत्म
5. छठी कक्षा से ही छात्रों को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा
6. दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को बनाया गया आसान
7. पांचवीं कक्षा तक मातृभाषा में पढ़ाई
8. UGC, NCTE और AICTE की जगह एक नियामक बॉडी
9. उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जाम
10. 2030 तक हर जिले में एक उच्च शिक्षण संस्थान
11. ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर
12. विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति