फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Supreme Court to Examine Plea Against Non-Disclosure of NEET PG 2025 Question Papers and Answer Keys

NEET PG: नीट पीजी का प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी न जारी करने के निर्णय को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार

Tue, 27 Jan 2026 07:26 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 27 Jan 2026 07:26 PM IST
सार

NEET PG 2025: सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2025 के प्रश्नपत्र और आंसर-की सार्वजनिक न करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। कोर्ट ने नीति के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और मामले की विस्तार से जांच करेगा।
 

विज्ञापन
Supreme Court to Examine Plea Against Non-Disclosure of NEET PG 2025 Question Papers and Answer Keys
सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI (फाइल फोटो)

विस्तार

NEET PG 2025: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई है, जिसमें नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस (NBE) द्वारा नीट पीजी 2025 का प्रश्नपत्र और आंसर-की सार्वजनिक न किए जाने को चुनौती दी गई है। यह मामला मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता से जुड़ा माना जा रहा है।

विज्ञापन


यह सुनवाई न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ के समक्ष हुई। पीठ ने नीट पीजी प्रश्नपत्रों को गोपनीय रखने की नीति पर सवाल उठाते हुए इसके पीछे के तर्कों पर संदेह जताया।

विज्ञापन

'हम पूरी तरह संतुष्ट नहीं है': सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस नीति से फिलहाल सहमत नहीं है। पीठ ने कहा, 'हम इस मामले को विस्तार से सुनेंगे। हमें अभी भी इस नीति का औचित्य समझाया जाना बाकी है। हम इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और इसकी जांच करेंगे।'

कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की जब वह नीट पीजी 2025 के प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी (Answer Key) को सार्वजनिक करने की मांग से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

एनबीई ने क्या दलील दी?

इस मामले में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि प्रश्नपत्र और आंसर-की को सार्वजनिक न करने की नीति का उद्देश्य एक 'दुर्लभ राष्ट्रीय संपत्ति' की रक्षा करना है।

एनबीई (NBE) के अनुसार, इस नीति से प्रश्नपत्रों के दुरुपयोग और शोषण को रोका जा सकता है, खासकर कोचिंग इंडस्ट्री द्वारा इनके व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है।

विज्ञापन

याचिकाकर्ताओं की आपत्ति क्या है?

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नीट पीजी परीक्षा में अलग-अलग उम्मीदवारों को अलग-अलग प्रश्नपत्र सेट दिए जाते हैं। ऐसे में आंसर-की और प्रश्नपत्र सार्वजनिक न होने के कारण उम्मीदवार यह देख ही नहीं पाते कि उन्होंने किन सवालों के क्या उत्तर दिए और कहां गलती हुई।

उनका तर्क है कि इस व्यवस्था से उम्मीदवारों को पारदर्शी और उम्मीदवार-विशेष (Candidate-wise) मूल्यांकन देखने का अवसर नहीं मिलता, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।

पहले भी जारी हो चुके हैं नोटिस

इससे पहले, 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज को नोटिस जारी किया था। इस पीठ में न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन शामिल थे। यह नोटिस उन याचिकाओं पर जारी किया गया था, जिनमें नीट पीजी 2025 की आंसर-की प्रकाशित करने की मांग की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed