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सुप्रीम फैसला: किन शिक्षकों को देनी होगी TET परीक्षा? जानें कोर्ट के फैसले का किनपर होगा असर

Tue, 02 Sep 2025 07:50 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 02 Sep 2025 07:50 AM IST
सार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है, जिससे देशभर के शिक्षकों और शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों पर सीधा असर पड़ेगा। अदालत ने कहा है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अब नियुक्ति और प्रमोशन दोनों के लिए जरूरी होगा। अब सवाल यह है कि यह नियम किन शिक्षकों पर लागू होगा और किसे छूट मिलेगी? आइए फैसले को बिंदुवार समझते हैं...
 

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Supreme Court: TET mandatory for teacher jobs and promotions, minority schools exempt for now
Supreme court on TET qualification - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

Supreme Court On TET Qualification: सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक दिवस से पहले एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीर्ष कोर्ट के मुताबिक, शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ सेवा में कार्यरत शिक्षक यदि प्रमोशन पाना चाहते हैं, तो उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी।

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इन शिक्षकों के पास 2 वर्षों का मौका

जो शिक्षक 2009 के "बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम" (RTE Act) लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे और जिनकी सेवानिवृत्ति में 5 साल से अधिक सेवा शेष है, उन्हें कोर्ट ने 2 साल का समय दिया है कि वे टीईटी पास कर लें।

हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि आरटीई कानून के तहत टीईटी की अनिवार्यता फिलहाल अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होगी। इस मुद्दे पर बड़ी पीठ का निर्णय आने तक यह स्थिति बनी रहेगी।

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टीईटी पास नहीं किया तो नहीं होगा प्रमोशन

गौरतलब है कि 29 जुलाई 2011 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक नियुक्ति के लिए टीईटी अनिवार्य किया था। लेकिन वास्तविक परिस्थितियों को देखते हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने कहा कि जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से कम समय बचा है, उन्हें टीईटी पास करने की आवश्यकता नहीं होगी, बशर्ते वे प्रमोशन की मांग न करें।

अदालत ने कहा कि "जो लोग नई नियुक्ति या प्रमोशन चाहते हैं, उन्हें टीईटी पास करना ही होगा, वरना उनकी उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया जाएगा।" कोर्ट ने जमीनी हालात को ध्यान में रखते हुए अनुच्छेद 142 के तहत विशेष निर्देश जारी किए।

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किन्हें देनी होगी परीक्षा और किन्हें नहीं?


1. नए उम्मीदवार
जो भी उम्मीदवार शिक्षक बनना चाहते हैं, उन्हें नियुक्ति के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा। बिना TET पास किए, वे शिक्षक पद के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे।

2. सेवा में कार्यरत शिक्षक (In-Service Teachers)

  • जिनकी सेवा में 5 साल से कम बचे हैं: ऐसे शिक्षकों को TET पास करने की जरूरत नहीं होगी। वे अपनी सेवानिवृत्ति तक पढ़ा सकते हैं। लेकिन अगर वे प्रमोशन चाहते हैं, तो TET पास करना जरूरी होगा।
  • जिनकी सेवा में 5 साल से अधिक बचे हैं: उन्हें 2 साल के भीतर TET पास करना अनिवार्य होगा। अगर वे ऐसा नहीं कर पाए, तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। ऐसे मामलों में केवल वही शिक्षक सेवा निवृत्ति लाभ (terminal benefits) पाएंगे, जिन्होंने आवश्यक सेवा अवधि पूरी की हो।


3. 2009 के RTE एक्ट से पहले नियुक्त शिक्षक
जो शिक्षक RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे और जिनकी सेवा में अभी 5 साल से ज्यादा बाकी है, उनके लिए भी 2 साल के भीतर TET पास करना अनिवार्य होगा।

4. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान
फिलहाल TET की अनिवार्यता अल्पसंख्यक स्कूलों (धार्मिक और भाषाई दोनों) पर लागू नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के संविधान पीठ के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक बड़ी पीठ इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं देती, अल्पसंख्यक स्कूलों को छूट दी जाएगी।

आरटीई अधिनियम पर उठाया सवाल

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के संविधान पीठ के फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि आरटीई अधिनियम अल्पसंख्यक स्कूलों पर लागू नहीं होता। अदालत ने कहा कि जब तक बड़ी पीठ इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं देती, तब तक अल्पसंख्यक संस्थानों के शिक्षकों पर टीईटी की शर्त लागू नहीं होगी।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि "आरटीई अधिनियम की सभी धाराओं का पालन देश के सभी स्कूलों पर लागू है, सिवाय उन संस्थानों के जो धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यकों द्वारा स्थापित और संचालित किए जाते हैं।"

आरटीई एक्ट के बारे में

इस एक्ट के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की योग्यता पर जोर दिया गया। इसके अनुसार हर स्कूल में योग्य शिक्षक, शौचालय, पीने का पानी, लाइब्रेरी, और खेल का मैदान जैसी सुविधाएं होना जरूरी है। अदालत ने कहा कि नियुक्ति और प्रमोशन चाहने वाले शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा, ताकि बच्चों को योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक मिल सकें।

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