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केपीएससी भर्ती में अनियमितता: सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच पर लगाई अंतरिम रोक, जानें मामले में कब होगी सुनवाई

Sat, 03 Oct 2026 05:09 PM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Sat, 03 Oct 2026 05:09 PM IST
सार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं की नई जांच के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। राज्य सरकार की याचिका पर अदालत ने 12 अक्तूबर तक जवाब मांगा है। 
 

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Supreme Court Stays Karnataka HC Order on Fresh SIT Probe into KPSC Recruitment Irregularities
केपीएससी भर्ती मामले में नया मोड़, नई जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक - फोटो : AI Generated

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग यानी केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में अनियमितताओं की नई जांच के मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने 21 सितंबर को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित करने और नए सिरे से जांच कराने का निर्देश दिया था। यह मामला 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती से जुड़ा है।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने कर्नाटक सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश के संबंधित हिस्सों पर रोक लगा दी। अदालत ने हाईकोर्ट में मूल याचिका दायर करने वाले पक्षों से 12 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। साथ ही राज्य सरकार को एसआईटी के सदस्यों को लेकर अपनी आपत्तियां सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
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राज्य सरकार ने क्या दलील दी?

राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि मामले की जांच पहले से ही अपराध जांच विभाग यानी सीआईडी कर रहा है और जांच लगभग पूरी होने की स्थिति में है। उनका तर्क था कि सीआईडी के अधिकारियों के खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं हैं, जिसके आधार पर नए सिरे से जांच कराने की जरूरत हो।
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एसआईटी के गठन पर आपत्ति क्यों?

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी के सदस्यों के चयन के तरीके पर भी आपत्ति जताई। सरकार का कहना था कि एसआईटी के सदस्यों का चयन राज्य सरकार से सुझाव लिए बिना किया गया। सरकार ने एसआईटी में जेल महानिदेशक एवं महानिरीक्षक आलोक कुमार को शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया।

दूसरे पक्ष ने क्या कहा?

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने राज्य सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में मूल मांग केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्य सरकार को एसआईटी के गठन पर आपत्ति क्यों है, जबकि इसमें राज्य पुलिस के अधिकारी ही शामिल हैं।

हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया था?

21 सितंबर को कर्नाटक हाईकोर्ट ने पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। एसआईटी की अध्यक्षता आलोक कुमार को दी गई थी। हाईकोर्ट ने अपराध जांच विभाग और संबंधित पुलिस से जांच से जुड़े साक्ष्य एसआईटी को सौंपने का भी निर्देश दिया था।

एसआईटी को कितने दिन में रिपोर्ट देनी थी?

हाईकोर्ट ने एसआईटी को जांच शुरू होने के 100 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। इसके अलावा हर 30 दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया गया था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एसआईटी को औपचारिक रूप से अधिसूचित करने का निर्देश दिया था।

भर्ती मामले में विवाद क्या है?

केपीएससी की 400 पशु चिकित्सा अधिकारी पदों की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर पहले से सीआईडी जांच चल रही है। जांच में प्रश्नपत्र लीक और कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न मिलने जैसे आरोपों की भी जांच हुई है। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में 1,400 अभ्यर्थियों के बीच हुई परीक्षा और 329 चयनित उम्मीदवारों से जुड़े कथित अनियमितताओं की पड़ताल की गई है।

 
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