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SC: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की बीसीआई की याचिका, हत्या के दोषियों को मिली ऑनलाइन एलएलबी की पढ़ाई करने की अनुमति

Fri, 21 Mar 2025 08:33 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 21 Mar 2025 08:33 PM IST
सार

SC: सुप्रीम कोर्ट ने BCI की याचिका खारिज कर दो दोषियों को ऑनलाइन एलएलबी की पढ़ाई करने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि बीसीआई को कानूनी शिक्षा में दखल नहीं देना चाहिए और इसे कानूनविदों व शिक्षाविदों पर छोड़ देना चाहिए।
 

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Supreme Court Rejects BCI Plea, Allows Two Convicts to Pursue LLB Online; Read here
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने BCI की याचिका खारिज कर दो दोषियों को ऑनलाइन एलएलबी की पढ़ाई करने की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) का काम कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में दखल देना नहीं है। यह जिम्मेदारी कानूनविदों और शिक्षाविदों की होनी चाहिए।

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न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब उन्होंने BCI की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केरल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए दो व्यक्तियों को वर्चुअल मोड में LLB की पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

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बीसीआई को कानूनी शिक्षा में दखल देने से रोका

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने कहा, "बीसीआई का काम कानूनी शिक्षा के मामले में हस्तक्षेप करना नहीं है। इसे कानूनविदों और विधि शिक्षकों पर छोड़ देना चाहिए। कृपया इस देश की कानूनी शिक्षा पर दया करें।"

बीसीआई के वकील ने तर्क दिया कि असल मुद्दा यह है कि दोषियों को वर्चुअल माध्यम से कक्षाएं लेने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं, क्योंकि यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के विपरीत है।

प्रगतिशील आदेश को क्यों चुनौती दे रहा है बीसीआई?

इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सवाल उठाया कि अगर उच्च अदालतें इन दोषियों को बाद में बरी कर देती हैं तो फिर क्या होगा? अदालत ने कहा, "BCI को इस तरह के प्रगतिशील आदेश का विरोध नहीं करना चाहिए था, बल्कि इसे समर्थन देना चाहिए था, न कि रूढ़िवादी और पारंपरिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।"

बीसीआई के वकील ने कहा कि वे केरल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल इस मामले में कानून से जुड़े व्यापक मुद्दे पर विचार करने का अनुरोध कर रहे हैं।

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई की याचिका को खारिज करते हुए केरल हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि इस विशेष मामले को ध्यान में रखते हुए दोषियों को ऑनलाइन मोड में एलएलबी की पढ़ाई करने की अनुमति दी जाती है।

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