सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा- क्यों नहीं दिया जा सकता सिविल सेवा उम्मीदवारों को अतिरिक्त मौका?
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से पूछा कि कोरोना वायरस से प्रभावित होने की वजह से सिविल सेवा परीक्षा देने से वंचित रह गए उम्मीदवारों को अतिरिक्त मौका क्यों नहीं दिया जा सकता है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र और यूपीएससी से इसे लेकर स्पष्टीकरण मांगा है कि कोविड-19 से प्रभावित होने की वजह से जो उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा नहीं दे पाए थे, उनको एक और अतिरिक्त अवसर क्यों नहीं दिया जा सकता है। जबकि इस तरह की छूट को पहले भी बढ़ाया जा चुका है।
Supreme Court asks the Central government and the Union Public Service Commission (UPSC) to explain why no extra attempt can be given to civil services aspirants affected by COVID-19 when such relaxation has been extended earlier.
— ANI (@ANI) January 29, 2021
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कोरोना वायरस से प्रभावित सिविल सेवा उम्मीदवारों को परीक्षा का अतिरिक्त अवसर नहीं मिलेगा। न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ ने एएसजी एसवी राजू को सूचित किया कि सरकार अतिरिक्त मौका देने में सहमत नहीं है। पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि वह इन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देने के पक्ष में नहीं है। इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल करने को कहा था। अब आज की सुनवाई में कोर्ट ने सरकार और यूपीएससी से स्पष्टीकरण मांगा है कि जिन अभ्यर्थियों की सिविल सेवा परीक्षा कोरोना वायरस होने की वजह से छूट गई थी, ऐसे उम्मीदवारों को एक और अतिरिक्त मौका क्यों नहीं दिया जा सकता है। जबकि, इस तरह की छूट पहले दी जा चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
कोरोना महामारी की वजह से परीक्षा देने के आखिरी मौके से वंचित रह गए संघ लोकसेवा आयोग के कुछ अभ्यर्थियों ने अतिरिक्त मौका देने की मांग की थी। इसके लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई थी। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पिछली सुनवाई में पीठ से कहा था कि केंद्र सरकार कोविड-19 से प्रभावित सिविल सेवा के उम्मीदवारों को परीक्षा का अतिरिक्त मौका देने को तैयार नहीं हैं।
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