{"_id":"618261a6f7564e68b165bbd5","slug":"success-story-tribal-students-in-maharashtra-from-remote-villages-in-gadchiroli-melghat-clear-neet","type":"story","status":"publish","title_hn":"Success Story: आदिवासी क्षेत्र गढ़चिरौली और मेलाघाट के छात्रों ने नीट में पाई सफलता, जानें पूरी कहानी","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
Success Story: आदिवासी क्षेत्र गढ़चिरौली और मेलाघाट के छात्रों ने नीट में पाई सफलता, जानें पूरी कहानी
Wed, 03 Nov 2021 03:47 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Wed, 03 Nov 2021 03:47 PM IST
सार
Success Story: गढ़चिरौली जिले के सुरज पुंगाती ने नीट परीक्षा में 720 में 378 अंक प्राप्त किया है। वह इन अंकों को प्राप्त कर के काफी खुश हैं। वहीं एक अन्य आदिवासी छात्र 21 वर्षीय सावन शिलास्कर ने नीट 2021 परीक्षा में 720 में से 294 अंक प्राप्त किए हैं।
विज्ञापन
Success Story
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाल ही में नीट यूजी 2021 परीक्षा परिणामों की घोषणा कर दी गई है। नेशनल एलिजीबिलीटीएंट्रेंस टेस्ट (नीट यूजी) 2021 परीक्षा में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और मेलघाट जिले से ताल्लुक रखने वाले आदिवासी छात्रों ने भी इस बार में सफलता प्राप्त की है। ये जल्द ही अपनी डिग्री के लिए पढ़ाई की शुरुआत करेंगे।
विज्ञापन
गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ तालुका में नागरगुंडा गांव से ताल्लुक रखने वाले 19 साल के सुरज पुंगाती ने नीट परीक्षा में 720 में 378 अंक प्राप्त किया है। वह इन अंकों को प्राप्त कर के काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने तालुका से पहले छात्र हैं जो किसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेंगे। सूरज ने बताया कि वह एक किसान के बेटे हैं और उनके गांव में 60 परिवार रहते हैं। इस गांव से वह पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होनें साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की है और अब किसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेंगे।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के मारिया गोंड आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सुरज ने 4 साल पहले अपनी मां को खो दिया था। उनके एक छोटे भाई भी हैं जो कक्षा 10वीं में पढ़ते हैं। पुंगाती ने अपनी पढ़ाई नागपुर से पूरी की है। 2019 में दसवीं बोर्ड में उन्होंने 92 फीसदी अंक प्राप्त किए थे, इसके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का फैसला किया था। एक अन्य आदिवासी छात्र 21 वर्षीय सावन शिलास्कर भी एक किसान परिवार से आते हैं। उनका गांव दहरनी अमरावती जिले के मेलाघाट क्षेत्र में आता है। सावन ने नीट 2021 परीक्षा में 720 में से 294 अंक प्राप्त किए हैं।
विज्ञापन
लाइफ फॉर अपलिफ्टमेंट (एलएफयू) एनजीओ कर रहा मदद
नीट की परीक्षा पास करने में इन दोनों छात्रों की यात्रा सिमित संसाधनों के कारण काफी मुश्किलों भरी रही। उन्हें एक आशा की किरण तब मिली जब उन्हें एक एनजीओ लाइफ फॉर अपलिफ्टमेंट (एलएफयू) के द्वारा पुणे की एक कोचिंग के बारे में जानकारी मिली, जो कि मुफ्त में शिक्षा प्रदान करती थी। इस कोचिंग की शुरुआत बीजे मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्रों द्वारा की गई है और इसमें एमबीबीएस के छात्र और डॉक्टर पढ़ाते हैं।
एलएफयू के सह-संस्थापक केतन देशमुख ने बताया एलएफयू वंचित और संसाधन पाने में सक्षम न होने वाले छात्रों के लिए चलाई जा रही है। ऐसे छात्र जो कि निजी कोचिंग संस्थानों में पढ़ने में सक्षम नहीं हैं, उनकी मदद की जाती है। पुंगाती ने एलएफयू द्वारा संचालित मुफ्त कोचिंग क्लासेस को ज्वाईन किया था। कोरोना लॉकडाउन के दोर में उन्होंने एक आश्रम स्कूल से ऑनलाइन कक्षाएं भी ज्वाईन की क्योंकि उनके गांव में फोन और इंटरनेट की सुविधा खराब रहती है।
सावन शिलास्कर के पिता पैसे कमाने के लिए किसी अन्य की जमीन पर काम करते हैं। सावन को एलएफयू द्वारा चलाई जा रही इस मुफ्त कोचिंग के बारे में अपने सीनियरों से मालूम चला। उन्होंने नीट परीक्षा के लिए ज्यादातर तैयारी एलएफयू के ऑनलाइन कक्षाओं से ही की थी। देशमुख ने बताया कि उन्होंने मेलाघाट क्षेत्र के लिए 2017 में एक स्पेशल बैच उलगुलान का संचालन किया जा रहा है।
एलएफयू के ज्यादातर शिक्षक और मार्गदर्शक मेडिकल के छात्र हैं। इस साल यहां से 25 छात्रों जिनमें 3 आदिवासी क्षेत्रों से हैं, वह मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेंगे। यहां से शिक्षा लेने वाले कई छात्र मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं और कई यहां शित्क्षक रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
कमेंट
कमेंट X