चयन पद चरण-13 मामला: एसएससी के पास नहीं केंद्र बदलने का डाटा, आईरटीआई के सवालों पर आयोग ने दिए क्या जवाब?
SSC Selection Post Phase 13: एसएससी की चयन पद चरण-13 परीक्षा में 2025 में आई दिक्कतों के बाद 76,153 प्रभावित उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा हुई थी। वहीं, परीक्षा केंद्र बदलने और तकनीकी दिक्कतों से प्रभावित उम्मीदवारों का अलग डाटा एसएससी के पास उपलब्ध नहीं है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
विस्तार
SSC Selection Post Phase 13: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के पास 2025 की सेलेक्शन पोस्ट फेज-13 परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र बदलने, परीक्षा रद्द होने और तकनीकी दिक्कतों से प्रभावित उम्मीदवारों की कुल संख्या का कोई अलग डाटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, परीक्षा में आई दिक्कतों के बाद 76,153 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराई गई थी। यह जानकारी एसएससी ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के सामने दिए जवाब में दी है।
एसएससी सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 की परीक्षा 24 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी और इसे 1 अगस्त तक चलना था। परीक्षा के दौरान अचानक परीक्षा रद्द होने, सर्वर क्रैश होने, सिस्टम के जवाब नहीं देने और दूर के परीक्षा केंद्र मिलने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। कुछ उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए।
परीक्षा केंद्र बदलने से प्रभावित उम्मीदवारों का डाटा नहीं
आरटीआई आवेदन में पूछा गया था कि कितने उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र परीक्षा शुरू होने से 24 घंटे से भी कम समय पहले बदले गए। इसके साथ ही आवेदक ने शहर और राज्य के हिसाब से जानकारी और प्रभावित उम्मीदवारों के लिए किए गए विशेष इंतजामों का ब्योरा भी मांगा था।
इस पर एसएससी ने सीआईसी के सामने अपने लिखित जवाब में कहा, "चूंकि उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र बदलने में EC-2 की कोई भूमिका नहीं है, इसलिए इस संबंध में कोई डेटा उपलब्ध नहीं है।"
यानी आयोग के परीक्षा संबंधी इस सेक्शन के पास परीक्षा केंद्र बदलने से जुड़ा डाटा उपलब्ध नहीं है।
76,153 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा हुई
आरटीआई में परीक्षा केंद्र बदलने, परीक्षा रद्द होने और तकनीकी या दूसरी व्यवस्थागत दिक्कतों से प्रभावित उम्मीदवारों की कुल संख्या और इन मामलों पर तैयार आंतरिक रिपोर्ट की जानकारी भी मांगी गई थी।
इसके जवाब में एसएससी ने कहा, "हमारे पास कोई डेटा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि ऐसी गतिविधियों में EC-2 की भूमिका सीमित है।"
हालांकि, आयोग ने बताया कि परीक्षा 24 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक निर्धारित थी और इस दौरान प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा भी कराई गई।
एसएससी ने कहा, "हालांकि, 76,153 प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 02.08.2025 और 29.08.2025 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।"
आयोग ने साथ ही कहा कि "ऐसे उम्मीदवारों से संबंधित विशिष्ट डेटा EC अनुभाग में उपलब्ध नहीं है।"
परीक्षा को लेकर हुए थे विरोध प्रदर्शन
परीक्षा के दौरान कथित अव्यवस्थाओं को लेकर SSC अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही और सुधार की मांग की थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर "दिल्ली चलो" के आह्वान के तहत भी प्रदर्शन हुआ था।
परीक्षा को लेकर अचानक केंद्र रद्द होने, सर्वर क्रैश होने, सिस्टम के काम नहीं करने और दूर के परीक्षा केंद्र मिलने जैसी शिकायतें सामने आई थीं।
परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों पर क्या कहा?
आरटीआई में परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़ी शिकायतों की जानकारी भी मांगी गई थी। इसमें शारीरिक दुर्व्यवहार या आक्रामकता, मेडिकल इमरजेंसी और एक छात्र के बेहोश होने तथा मुंह से खून आने की बताई गई घटना से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं।
इस पर एसएससी ने जवाब दिया, "इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।"
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस से संपर्क को लेकर भी जवाब
आरटीआई आवेदक ने 31 जुलाई 2025 को जंतर-मंतर और सीजीओ कॉम्प्लेक्स के पास हुए छात्र-शिक्षक प्रदर्शन को लेकर एसएससी और दिल्ली पुलिस या अन्य अधिकारियों के बीच हुई बातचीत की जानकारी भी मांगी थी। इसमें प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए जारी निर्देशों की जानकारी भी शामिल थी।
एसएससी ने कहा, "जहां तक परीक्षा अनुभाग का सवाल है, आयोग और दिल्ली पुलिस के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।"
अधिकारियों की जानकारी देने से किया इनकार
आरटीआई में परीक्षा केंद्र आवंटन, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी Eduquity और दूसरी एजेंसियों के साथ समन्वय तथा परीक्षा के दिन की व्यवस्था में शामिल अधिकारियों के नाम और पद भी मांगे गए थे।
इस सवाल के जवाब में आरटीआई एक्ट की धारा 8(1)(j) का हवाला दिया
परीक्षा आयोजित कराने और रद्द करने से जुड़े आंतरिक फाइल नोट्स, बैठक के रिकॉर्ड और एसएससी तथा एडुक्विटी या दूसरी एजेंसियों के बीच हुई बातचीत की प्रतियां भी मांगी गई थीं।
इस पर आयोग ने आरटीआई एक्ट की धारा 8(1)(a) का हवाला देते हुए कहा कि जानकारी देने से भविष्य की परीक्षाओं की "पवित्रता, सत्यनिष्ठा और सुरक्षा" प्रभावित हो सकती है।
सीआईसी ने मांगा था लिखित स्पष्टीकरण
सुनवाई के दौरान केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि एसएससी उस छूट का संतोषजनक तरीके से स्पष्टीकरण नहीं दे पाया, जिसका इस्तेमाल जानकारी देने से इनकार करने के लिए किया गया था। सीआईसी ने एसएससी को इस बारे में लिखित कारण देने का निर्देश दिया।
बाद में एसएससी का जवाब मिलने के बाद सीआईसी ने अपील का निपटारा कर दिया। हालांकि, आयोग ने एसएससी को आरटीआई एक्ट के दायरे में ही काम करने और तय समयसीमा का पालन करने की हिदायत दी।
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