SOL: एसओएल में अब विदेशी भाषाओं की पढ़ाई संभव; नए सत्र से शुरू होंगे चीनी, जापानी और कोरियाई कोर्स
SOL: शैक्षणिक सत्र 2025-2026 से दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में अब विदेशी भाषाओं की पढ़ाई भी संभव होगी। इसमें चीनी, जापानी और कोरियाई भाषाओं में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे छात्रों को वैश्विक करियर की दिशा में नए अवसर मिलेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
SOL: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में अब छात्र विदेशी भाषाओं की पढ़ाई भी कर सकेंगे। दरअसल कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग सेंटर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से चीनी, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, कोरियाई, व पुर्तगाली भाषा में सर्टिफिकेट व डिप्लोमा शुरू होंगे। डीयू की शनिवार को हुई अकादमिक काउंसिल की बैठक में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा एसओएल में एमबीए हेल्थ केयर, एमए साइकोलॉजी व बीएससी कंप्यूटर साइंस कोर्स शुरू करने को भी काउंसिल की बैठक में स्वीकृति मिल गई है।
डीयू की अकादमिक काउंसिल की बैठक में कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों की सूची में नए पाठ्यक्रमों के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स डोमेन में रोचोटिक्स एंड ऑटोमेशन तथा इंट्रोडक्शन टू आईओटी यूजिंग को शामिल करने को स्वीकृति प्रदान की गई है।
ऑपरेशन सिंदूर को समर्थन
डीयू की 1022वीं अकादमिक परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से प्रसताव पारित हुआ कि डीयू ऑपरेशन सिंदूर व लिए भारत सरकार की हर संभव समर्थन और सहयोग देगा। कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा, डीयू संकट की घड़ी में भारत सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।
अकादमिक परिषद की बैठवा में बीते दिनों शैक्षणिक मामलों पर अकादमिक परिषद की स्थायी समिति की बैठकों में की गई सिफारिशों पर विचार करते हुए यूजीसीएफ 2022 के आधार पर विभिन्न संकाय के पाठ्याक्रमों पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों के पाकाक्राम में शामिल फारसी, अरबी और उर्दू के पाठ का अंग्रेजी पाठ में अनुवाद करने के सुझाव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
नए कोर्स और विदेशी भाषाओं की स्वीकृति
यूजीसीएफ 2022 पर आधारित कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों (SEC) की सूची में नए पाठ्यक्रमों के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स डोमेन में रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन तथा इंट्रोडक्शन टू आईओटी यूजिंग आईइनों को शामिल करने को स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके साथ ही कंप्यूटर साइंस डोमेन में लो कोड-नो कोड डेवलपमेंट तथा लाइफ साइंस डोमेन में बायोमेडिकल साइंसेज सब डोमेन के तहत फोरेंसिक एनालिसिस ऑफ बायोलॉजिकल एविडेस, फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी, क्वेश्चन्ड डॉक्यूमेंट एग्जामिनेशन और इंजूरी एंड डेथ को शामिल करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं बैठक में सामाजिक विज्ञान संकाय की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए शैक्षणिक सत्र 2025-2026 से दूरस्थ और सतत शिक्षा विभाग एसओएल के तहत चीनी, जापानी, कोरियाई भाषाओं में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा शुरू करने और रामजस कॉलेज में जापानी भाषा में एक वर्षीय एडवांस डिप्लोमा शुरू करने की भी अकादमिक काउंसिल ने स्वीकृति दे दी है।
विदेशी भाषा के इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई हाईब्रिड मोड (ऑफलाइन-ऑनलाइन) दोनों रूपों में की जा सकेगी। जबकि परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगी। इसके लिए डिग्री छात्रों को डीयू की ही मिलेगी।
स्थायी नियुक्तियों को प्राथमिकता दें कॉलेज
अकादमिक परिषद की इस बैठक में शून्य काल के दौरान चर्चा करते हुए कुलपति ने सभी संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को कहा कि वह गेस्ट टीचर रखने के बजाए खाली पदों पर अति शीघ्र विज्ञापन जारी करके स्थायी नियुक्तियों को प्राथमिकता दें। प्रत्येक कॉलेज अपने यहां खाली अथवा निकट भविष्य में किसी रिटायरमेंट के कारण खाली होने वाले पद के प्रति समय पर कार्रवाई करते हुए साल में कम से कम एक या दो बार नियुक्ति प्रक्रिया को अपनाएं।
नियुक्ति प्रक्रिया के लिए साकारात्मक परिणाम आएंगे
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा है कि दिल्ली सरकार से जुड़े 12 कॉलेजों में नियुक्ति प्रक्रिया जारी करने के लिए बात चल रही है। जल्द ही इसके साकारात्मक परिणाम आने की संभावना है। बैठक के आरंभ में जीरो ऑवर के दौरान परिषद के सदस्यों ने अनेकों मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की और अपने-अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक के दौरान कुलसचिव डॉ विकास गुप्ता ने 27 दिसंबर को हुई 1021वीं बैठक के मिनट्स पुष्टिकरण के लिए अकादमिक परिषद के समक्ष रखे और बैठकों में लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कमेंट
कमेंट X