ETS TOEFL Exam: विदेश पढ़ने जाने वाले छात्रों की बढ़ रही रुचि, इन देशों की तरफ ज्यादा हो रहा रुख
ETS TOEFL Exam: विदेशों में पढ़ने जाने वाले छात्रों को टीओईएफएल एग्जाम देना पड़ता है। शैक्षिक परीक्षण सेवा के अनुसार भारतीय टीओईएफएल परीक्षार्थियों की पसंद में बदलाव देखने को मिल रहा है। लोगों की रुचि अब नीचे लिखे देशों में बढ़ रही है।
विस्तार
ETS TOEFL Exam: शैक्षिक परीक्षण सेवा (ETS) के अनुसार, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और स्वीडन में भारतीय टीओईएफएल परीक्षार्थियों की स्कोर रिपोर्ट की संख्या बढ़ रही है और वे रुचि के नए गंतव्यों के रूप में उभर रहे हैं।
दरअसल, टीओईएफएल का पूरा नाम टेस्ट ऑफ इंगलिश फॉरेन लैंगवेज है। इस टेस्ट का आयोजन शैक्षिक परीक्षण सेवा (ETS) द्वारा छात्र की इंगलिश भाषा की जानकारी को परखने के लिए करता है। विदेशों में पढ़ाई करने जाने वाले छात्रों को इस टेस्ट को देना होता है। इस टेस्ट का आयोजन हर साल किया जाता है।
ये रहे सबसे फेवरेट डेस्टीनेशन
2017 के बाद से भारत में टीओईएफएल परीक्षा देने वालों के लिए शीर्ष दो गंतव्य संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा रहे हैं। 2019 तक जर्मनी तीसरे स्थान पर और यूके चौथे स्थान पर था। हालांकि, 2020 के बाद से, दोनों देशों ने स्थिति बदल ली है।
ईटीएस इंडिया और साउथ एशिया के कंट्री मैनेजर सचिन जैन ने कहा, "भारतीय टीओईएफएल परीक्षार्थियों द्वारा चुने गए शीर्ष पांच देश पिछले 5-6 वर्षों में लगभग लगातार बने हुए हैं। शीर्ष गंतव्य देशों के अलावा, भारतीय परीक्षार्थियों के लिए उभरते देशों में सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और स्वीडन शामिल हैं। इन देशों में शामिल हैं।"
प्रिंसटन स्थित ईटीएस, जो एक विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी की परीक्षा (टीओईएफएल) और ग्रेजुएट रिकॉर्ड परीक्षा (जीआरई) आयोजित करता है, ने कहा कि यह प्रवृत्ति लोगों की बदलती आकांक्षाओं को दर्शाती है। जैन ने कहा कि विदेश में माध्यमिक शिक्षा और प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए टीओईएफएल लेने वाले भारतीयों के प्रतिशत में पिछले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी गई है।
भारत में नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, गुरुग्राम, चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद ऐसे शहर हैं, जहां से परीक्षार्थी सबसे अधिक आते हैं।
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