Shikshak Parv 2021: प्रधानमंत्री ने शुरू की पांच पहलें, भविष्य में इन्हें पाठ्यक्रमों में किया जाएगा शामिल
Shikshak Parv 2021: शिक्षक पर्व 2021 के कॉन्क्लेव में पीएम मोदी ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के साथ 'सबका प्रयास' इस समय के दौरान एक मौलिक विचार है। पीएम मोदी ने समग्र बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।
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शिक्षक पर्व 2021 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनईपी 2020 के एक हिस्से के रूप में कई महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया। आज सुबह 10:30 बजे से उद्घाटन सम्मेलन में भाग लेते हुए, पीएम मोदी ने दर्शकों को संबोधित किया और शिक्षक दिवस के समारोह को चिह्नित किया। उसके बाद प्रधानमंत्री ने पांच पहलों की शुरुआत की, जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण पहल - विकलांग व्यक्तियों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा शब्दकोश और सीबीएसई का स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन और मान्यता ढांचा (एसक्यूएए) है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जल्द ही इन पहलों को लागू किया जाएगा और निकट भविष्य में इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने दिया नया मौलिक विचार
शिक्षक पर्व 2021 के कॉन्क्लेव में पीएम मोदी ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के साथ 'सबका प्रयास' इस समय के दौरान एक मौलिक विचार है। महामारी के दौरान शिक्षकों द्वारा किए गए कार्यों पर विस्तार से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत में, शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंध एक परिवार की तरह होता है, औपचारिक नहीं। शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए, पीएम मोदी ने समग्र बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं।
शिक्षक पर्व 2021 पर पीएम मोदी: भाषण के मुख्य अंश
- पीएम मोदी ने इस साल राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले सभी शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास सराहनीय है।
- विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के लाभ के लिए इंडियन साइन लैंग्वेज डिक्शनरी और टॉकिंग बुक्स लॉन्च किए गए। यह शब्दकोश 10,000 से अधिक शब्दों का संग्रह है और पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा।
- सीबीएसई का स्कूल क्वालिटी एश्योरेंस एंड असेसमेंट फ्रेमवर्क (एसक्यूएए) लॉन्च किया गया और पीएम मोदी ने कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बनाएगी और यहां तक कि हमारे छात्रों को भी भविष्य के लिए तैयार करेगी।
- पीएम मोदी ने एनईपी 2020 के कार्यान्वयन में समाज को शामिल करने की आवश्यकता के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि अब तक शिक्षकों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों का योगदान महान और हर स्तर पर रहा है। हालांकि, अब अगले स्तर तक पहुंचने के लिए समाज को शामिल करने की जरूरत है।
- शिक्षक पर्व 2021 पर पीएम मोदी ने निजी क्षेत्र से आगे आने और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में योगदान से मतलब शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है, खासकर सरकारी स्कूलों में।
- उन्होंने राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षिक वास्तुकला (एन-डियर) के बारे में भी बताया और यह भी बताया कि इसकी मदद से कैसे शिक्षा के क्षेत्र में असमानता को दूर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह सभी शैक्षिक गतिविधियों के बीच एक सुपर-कनेक्ट के रूप में कार्य करेगा।
- निष्ठा 3.0 का शुभारंभ करते हुए, पीएम ने कहा कि निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई प्रणालियों और प्रौद्योगिकी के बारे में सीखने में मदद करेगा।
- विद्यांजलि पोर्टल भी स्कूल विकास के लिए शिक्षा स्वयंसेवकों, दाताओं और सीएसआर योगदानकर्ताओं की सुविधा के लिए शुरू किया गया था।
- शिक्षक पर्व 2021 कॉन्क्लेव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अन्य शिक्षा राज्य मंत्री भी शामिल हुए। कॉन्क्लेव की शुरुआत शिक्षा मंत्री के संबोधन के साथ हुई, इसके बाद कई पहलों और पीएम मोदी के भाषण की शुरुआत हुई।
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