SSC: सोशल मीडिया पर साझा ना करें एसएससी के प्रश्नपत्र, लग सकता है एक करोड़ तक का जुर्माना! आयोग ने दी चेतावनी
SSC Warning: आयोग ने सोशल मीडिया पर वर्तमान में चल रही परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों पर चर्चा करने या उन्हें हल करने वाले लोगों को ऐसा करने से बचने की चेतावनी दी है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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SSC: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने एक ताजा नोटिस में एसएससी की वर्तमान में चल रही परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों पर चर्चा, विश्लेषण को सोशल मीडिया पर साझा करने वाले लोगों और संस्थानों को चेतावनी दी है। आयोग ने वर्तमान में चल रही परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों पर चर्चा, विश्लेषण और साझा करने से बचने को कहा है। इसके साथ ही आयोग ने बताया है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है और साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
आयोग के हालिया नोटिस के मुताबिक, ऐसा करने वालों को 0 साल तक की कैद और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना से दंडित किया जा सकता है। आयोग ने यह चेतावनी तब जारी की है जब पाया कि कई लोग चर्चा और विश्लेषण के उद्देश्य से SSC प्रश्नपत्रों की सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहे हैं।
एसएससी के आधिकारिक बयान में कहा गया है, "आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्ति कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित/चल रही परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की सामग्री पर सोशल मीडिया पर चर्चा, विश्लेषण या प्रसार कर रहे हैं। सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 (PEA अधिनियम, 2024) के प्रावधानों के तहत ऐसी सभी गतिविधियां सख्त वर्जित हैं।"
इन कानूनों के तहत की जाएगी कार्रवाई
सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 (पीईए अधिनियम, 2024) के प्रावधानों के अनुसार, कई गतिविधियां सख्त वर्जित हैं।
धारा 3 - अनुचित साधन
- यह बिना अनुमति के प्रश्नपत्रों, उत्तर कुंजियों या उनके किसी भी भाग के लीक होने, प्रकट होने, उन तक पहुँच, कब्जे या प्रसार पर प्रतिबंध लगाता है।
धारा 9 - अपराधों की प्रकृति
- इस अधिनियम के अंतर्गत सभी अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-शमनीय हैं।
धारा 10 - दंड
- दोषी पाए जाने पर व्यक्तियों को 3 से 5 वर्ष की कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
- संस्थानों पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, भविष्य की परीक्षाओं से अयोग्य घोषित किया जाएगा और लागत वसूली जाएगी।
- संगठित अपराध के अंतर्गत, कारावास 5 से 10 वर्ष का है और जुर्माना
- 1 करोड़ रुपये से कम नहीं होगा।
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