फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   SC orders removal of chairperson of National Commission for Homoeopathy; know Reason

Supreme Court: राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के चेयरपर्सन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, पद से हटाने का दिया आदेश

Wed, 12 Feb 2025 01:10 PM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 12 Feb 2025 01:10 PM IST
सार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और मनमोहन की पीठ ने कर्नाटका हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए डॉ. खुराना को एक सप्ताह के भीतर पद छोड़ने का निर्देश दिया।

विज्ञापन
SC orders removal of chairperson of National Commission for Homoeopathy; know Reason
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (12 फरवरी) को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के चेयरपर्सन डॉ. अनिल खुराना को पद से हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि उनका नियुक्ति प्रक्रिया कानून के अनुसार नहीं थी। 
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और मनमोहन की पीठ ने कर्नाटका हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए डॉ. खुराना को एक सप्ताह के भीतर पद छोड़ने का निर्देश दिया। 
विज्ञापन

एक सप्ताह के अंदर हटाना होगा

कोर्ट ने कहा, "प्रतिवादी को तुरंत पद से हटाना होगा। 'तुरंत' का मतलब है, आज से एक सप्ताह के भीतर, ताकि वह वित्त से संबंधित कोई नीतिगत निर्णय लिए बिना अपना कार्यभार पूरा कर सकें। चेयरपर्सन के पद पर नई नियुक्ति के लिए जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. खुराना के पास आवश्यक अनुभव नहीं

यह आदेश डॉ. अमरागौड़ा एल पाटिल द्वारा डॉ. खुराना की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया गया था। पाटिल (जो इस पद के लिए आवेदक थे) ने तर्क दिया था कि डॉ. खुराना के पास राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग अधिनियम, 2020 की धारा 4(2) और 19 के तहत आवश्यक अनुभव नहीं था, जो इस पद के लिए अनिवार्य था।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डॉ. खुराना की नियुक्ति प्रक्रिया में कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया था, इसलिए उसे निरस्त कर दिया गया और नए चेयरपर्सन के चयन की प्रक्रिया शीघ्रता से शुरू करने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed