फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   SC: No Entry in Judicial Exam Without Experience, 3 Years of Practice Mandatory; Rule to Apply from Next Year

SC: न्यायिक परीक्षाओं में अब तीन साल की वकालत जरूरी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला; अगले साल से लागू होगा नियम

Mon, 28 Jul 2025 04:30 PM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 28 Jul 2025 04:30 PM IST
सार

Judicial Services Exam: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा के लिए तीन साल की न्यूनतम वकालत की शर्त भविष्य की भर्तियों पर लागू होगी। पहले से जारी भर्तियों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

विज्ञापन
SC: No Entry in Judicial Exam Without Experience, 3 Years of Practice Mandatory; Rule to Apply from Next Year
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

Judicial Services Exam Eligibility: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा में तीन साल की न्यूनतम वकालत की शर्त केवल भविष्य की भर्तियों पर लागू होगी। यह फैसला उन भर्तियों पर लागू नहीं होगा, जो 20 मई 2025 से पहले जारी हो चुकी हैं।
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने 20 मई को एक ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि नए लॉ ग्रेजुएट्स अब सीधे ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे, उन्हें पहले कम से कम तीन साल का प्रैक्टिस अनुभव होना चाहिए।
विज्ञापन

पहले से जारी भर्तियों पर नहीं पड़ेगा असर

इस आदेश के बाद कई उम्मीदवारों ने यह सवाल उठाया कि क्या जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (JKPSC) की 14 मई को निकली भर्ती पर यह नियम लागू होगा? इस पर सीजेआई ने साफ कहा कि हमने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि यह नियम किसी भी पहले से शुरू भर्ती प्रक्रिया पर लागू नहीं होगा। यह सिर्फ अगले भर्ती सत्र से प्रभावी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिकाकर्ता की याचिका खारिज

सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता नवीद बुख्तिया और पांच अन्य वकीलों ने यह दलील दी कि JKPSC ने जानबूझकर 20 मई से पहले नोटिफिकेशन जारी किया ताकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बचा जा सके। इस पर सीजेआई ने पूछा कि क्या हाईकोर्ट की फुल कोर्ट को पता था कि हम 20 मई को यह फैसला सुनाने जा रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर याचिका की सुनवाई से इनकार किया और याचिका को वापस ले लिया गया।

इस फैसले का उम्मीदवारों पर क्या असर होगा?

  • जो उम्मीदवार पहले से ही भर्ती प्रक्रिया में हैं, वे इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।
  • भविष्य में होने वाली ज्यूडिशियल सर्विसेज परीक्षाओं के लिए उम्मीदवारों के पास कम से कम तीन साल का वैध कानून अभ्यास अनुभव होना जरूरी होगा।
  • नए लॉ ग्रेजुएट्स को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पहले अनुभव हासिल करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed