संस्कृति विश्वविद्यालय ने मनाया आठवां स्थापना दिवस
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इस अवसर पर कई वक्ता मंच पर आए सभी ने संस्कृति यूनिवर्सिटी की यात्रा का गौरव गान किया। कुछ कोर्स के साथ की गई शुरुआत आज संस्कृति यूनिवर्सिटी के रूप में आपके सामने हैं। संस्कृति यूनिवर्सिटी आज देश में जाना-माना नाम है, ऐसे में सभी वक्ताओं ने आह्वान किया कि अब जिम्मेदारी बड़ी है और हमें यहीं पर रुकना नहीं है।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलाधिपति सचिन गुप्ता और नेहा गुप्ता, उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता और पूनम गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। इसके बाद संस्कृति विश्वविद्यालय के आरंभ से अभी तक की आठ वर्षीय यात्रा पर आधारित पावर प्वाइंट प्रस्तुति का प्रदर्शन किया गया।
इस मौके पर कुलाधिपति ने कहा कि कॉलेज स्तर से शुरू हुआ प्रकल्प आज वट वृक्ष बन चुका है। दर्जनों कोर्स, देशभर के छात्र हमारे यहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा पा रहे हैं। हमने विद्यार्थियों के हित में कैम्ब्रिज एवं मलेशिया की हेल्प यूनिवर्सिटी से करार कर रखा है। हम उद्देश्य परक शिक्षा की दिशा में काफी आगे बढ़े हैं। संस्कृति यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। इसे और तेजी से आगे बढ़ाते हुए स्थापित करना है।
उप कुलाधिपति ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास की ओर भी हमारा सतत ध्यान है। इस लिए भारत सरकार की माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटर प्राइजेज तथा चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी समूह नयती मेडिसिटी के साथ भी एमओयू साइन किया है।
निश्चय ही हमारा यह प्रयास स्थानीय एवं देश के अन्य राज्यों से आए बच्चों में बहुमुखी प्रतिभा का निखार करेगा। उन्होंने अनुसंधान की दिशा में प्रयास तेज करने पर जोर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। तदोपरांत विशेष शिक्षा पा रहे बच्चों ने गणेश वंदना पर समूह नृत्य की मनोरम प्रस्तुति दी। तानजेन एवं नवीन के युगलगीत पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग तालियां बजाने से नहीं रुक पाए।
इसके बाद फैशन शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कपल डांस की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केन्द्र रहीं। गीत संगीत के तरानों पर संस्कृति यूनिवर्सिटी का ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में विशेष शिक्षा श्रेणीक्रम वाले बच्चों को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
उत्तर-पूर्व के बच्चों की प्रस्तुति लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रही। इससे लगा कि सांस्कृतिक विविधताओं वाले देश की विभिन्न संस्कृतियों का समागम हो रहा है। कार्यक्रम में रोमांटिक कपल डांस, आफत में जान प्ले, पेट्रिऑटिक डांस ने सबका मन मोह लिया।
मिस्टर और मिस फ्रैशर का चयन किया जाना भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम में ओएसडी मीनाक्षी शर्मा, कुलपति डॉक्टर राणा सिंह, उप कुलपति डॉक्टर अभय कुमार, कार्यकारी निदेशक पीसी छाबड़ा, डीन डॉक्टर कल्याण कुमार, सभी विभागाध्यक्ष और पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
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